बिहार में सरकारी रेट से महंगी प्याज-चीनी, फेस्टिव सीजन से पहले बढ़ा रसोई का खर्च

पटना में चीनी, प्याज और आटा सरकारी दर से 13 से 21 रुपये प्रति किलो तक महंगे बिक रहे हैं। त्योहारों से पहले बढ़ी कीमतों ने बजट बिगाड़ा।

पटना में प्याज, चीनी और आटे की कीमतें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की निर्धारित दर से काफी ऊपर पहुंच गई हैं। त्योहारों से पहले बढ़ी कीमतों ने आम और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट प्रभावित किया है।

पटना: राजधानी के बाजार में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतें सरकारी दरों से ऊपर पहुंच गई हैं। चीनी, प्याज और आटा थोक के साथ खुदरा बाजार में भी निर्धारित कीमत से महंगे बिक रहे हैं। 20 अगस्त को जारी सरकारी दर की तुलना में चीनी खुदरा बाजार में 13 से 15 रुपये, प्याज 11 से 21 रुपये और आटा करीब 16 से 18 रुपये प्रति किलो तक महंगा है।

सरकारी दर और बाजार भाव में बड़ा अंतर

पटना में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से 20 अगस्त को निर्धारित दरों और राजधानी के मौजूदा बाजार भाव में काफी अंतर सामने आया है।

विभाग के अनुसार थोक बाजार में चीनी की कीमत 54 रुपये, प्याज 33 रुपये और आटा 30 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है। खुदरा बाजार के लिए चीनी 57 रुपये, प्याज 41 रुपये और आटा 34 रुपये प्रति किलो की दर तय है।

इसके मुकाबले पटना के थोक बाजार में चीनी करीब 64 रुपये, प्याज 44 रुपये और आटा 40 से 42 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। खुदरा बाजार में चीनी की कीमत 70 से 72 रुपये, प्याज 55 से 60 रुपये और आटा 50 से 52 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

चीनी और प्याज की कीमत में सबसे ज्यादा अंतर

सरकारी खुदरा दर से तुलना करने पर चीनी की कीमत बाजार में करीब 13 से 15 रुपये प्रति किलो अधिक है। प्याज भी निर्धारित खुदरा दर से 11 से 21 रुपये तक महंगा बिक रहा है।

आटे की कीमत में भी बड़ा अंतर सामने आया है। बाजार में यह सरकारी खुदरा दर से करीब 16 से 18 रुपये प्रति किलो अधिक कीमत पर उपलब्ध है। थोक बाजार में भी कीमतों का अंतर बना हुआ है। वहां चीनी करीब 10 रुपये, प्याज 11 रुपये और आटा 10 से 12 रुपये प्रति किलो तक महंगा है।

थोक स्तर पर कीमत बढ़ने का असर खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। इसका सीधा असर उन परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है, जिनके लिए चीनी, आटा और प्याज रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा हैं।

त्योहारों से पहले बढ़ी महंगाई की चिंता

त्योहारों के दौरान खाद्य वस्तुओं की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। ऐसे समय में रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

चीनी और आटे की कीमत बढ़ने से घरेलू रसोई का खर्च बढ़ रहा है, जबकि प्याज महंगा होने से सब्जियों और अन्य व्यंजनों की लागत भी प्रभावित हो रही है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इसका असर मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है।

थोक बाजार की कीमतों पर भी उठे सवाल

खुदरा दुकानदार महासंघ के महासचिव रमेश तलरेजा के अनुसार थोक बाजार में ही खाद्य वस्तुएं निर्धारित दर से अधिक कीमत पर मिल रही हैं। ऐसे में खुदरा बाजार में भी कीमतों का बढ़ना स्वाभाविक है।

उन्होंने बाजार में कीमतों की निगरानी और आपूर्ति व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत बताई, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक महंगाई से राहत मिल सके। त्योहारों से पहले अब निगरानी व्यवस्था और बाजार में खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर महत्वपूर्ण होगी।

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