मधेपुरा: सावन के आखिरी सोमवार पर बिहार के प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार सुबह भीड़ का दबाव अचानक बढ़ने के बाद मंदिर परिसर में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूट गया और कई श्रद्धालु गिर पड़े। हादसे में करीब 8 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल बताए जा रहे हैं। एक महिला श्रद्धालु बैरिकेडिंग पर गिरने से सिर में चोट लगने के बाद गंभीर रूप से घायल हुई।
घटना के बाद कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालु खुद को संभालते हुए सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका। इसके बाद दोबारा श्रद्धालुओं को कतार में लगाकर जलाभिषेक कराया गया।
बताया जा रहा है कि सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर सिंहेश्वर धाम में रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी थी। मंदिर में सरकारी पूजा पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोले गए। इसके बाद बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कतार में लग गए। जैसे-जैसे सुबह हुई, श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और कतार पर भीड़ का दबाव बढ़ने लगा।
जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल, दूध, बेलपत्र, फूल और अन्य पूजन सामग्री लेकर पहुंचे थे। कई श्रद्धालु कांवड़ में जल लेकर भी मंदिर पहुंचे। मंदिर के बाहर और आसपास के रास्तों पर भी भक्तों की भीड़ दिखाई दी। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ था।
भीड़ बढ़ने के साथ ही कतार को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग पर लगातार दबाव पड़ने लगा। श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होने के कारण आगे बढ़ने की कोशिश में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूट गया। बैरिकेडिंग टूटते ही कतार में खड़े कुछ लोग अपना संतुलन खो बैठे और नीचे गिर गए।
इसी दौरान एक महिला श्रद्धालु लोहे की बैरिकेडिंग पर गिर गई। उसके सिर में गंभीर चोट लग गई और मौके पर मौजूद लोगों ने उसे संभाला। कुछ अन्य श्रद्धालु भी गिरने के कारण घायल हुए। घटना के बाद कुछ देर के लिए वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि प्रशासन और पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक घायलों को जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। घटना में ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी के भी चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान उसकी वर्दी तक फट गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मंदिर परिसर पहुंचे। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुलिस बल को भीड़ को व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मंदिर के अंदर भेजने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से भीड़ का दबाव कम किया गया। श्रद्धालुओं को दोबारा कतार में लगाया गया और बैरिकेडिंग वाले हिस्से को संभालने की कोशिश की गई। मंदिर न्यास समिति की ओर से भी श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और जल्दबाजी नहीं करने की अपील की गई। करीब आधे घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई और जलाभिषेक की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई।
सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण सिंहेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य सोमवार की तुलना में काफी ज्यादा रही। बिहार के अलग-अलग जिलों से भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे थे। कई लोग परिवार के साथ मंदिर आए थे, जबकि बड़ी संख्या में कांवड़िए भी जल लेकर पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने पहले से व्यवस्था की थी, लेकिन अचानक बढ़े दबाव के कारण कुछ समय के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दी। बैरिकेडिंग टूटने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को दोबारा व्यवस्थित करना था।
सिंहेश्वर धाम बिहार के प्रमुख शिव मंदिरों में माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अंतिम सोमवार पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक को लेकर भक्तों में खास उत्साह रहता है। इसी वजह से सोमवार की सुबह मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में काफी भीड़ रही।
श्रद्धालु सुबह-सुबह सरोवर और अन्य स्थानों पर स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे। इसके बाद कतार में लगकर भगवान शिव को जल चढ़ाया। कई भक्तों ने शिवलिंग पर दूध और गंगाजल अर्पित किया। बेलपत्र और फूल चढ़ाकर भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की।
मंदिर परिसर में धक्का-मुक्की की घटना के बावजूद बाद में पूजा-अर्चना सामान्य तरीके से जारी रही। प्रशासन ने भीड़ को अलग-अलग हिस्सों में नियंत्रित करने की कोशिश की, ताकि एक ही स्थान पर ज्यादा श्रद्धालु जमा न हों। पुलिसकर्मियों ने लगातार लोगों को कतार में रहने और धक्का नहीं देने की अपील की।
इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। सावन के दौरान बिहार के प्रमुख शिव मंदिरों में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास के अलग रास्ते, पर्याप्त पुलिस बल, मेडिकल टीम और आपात स्थिति में लोगों को निकालने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
सिंहेश्वर धाम में हुई घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। मंदिर परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों को भीड़ पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए। किसी एक स्थान पर भीड़ का दबाव बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को दूसरे रास्ते से आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई।
सावन के अंतिम सोमवार का असर सिर्फ मधेपुरा तक सीमित नहीं रहा। बिहार के कई प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। पटना, समस्तीपुर, भागलपुर और अन्य जिलों के शिवालयों में भी भक्तों ने जलाभिषेक किया। वहीं देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भी कांवड़ियों की लंबी कतार देखने को मिली।
समस्तीपुर के प्रसिद्ध थानेश्वर स्थान मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई थी। रविवार शाम से ही कांवड़ियों और भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए व्यवस्था की थी।
सिंहेश्वर धाम की घटना के बाद श्रद्धालुओं में कुछ समय के लिए डर का माहौल जरूर बना, लेकिन स्थिति नियंत्रित होने के बाद लोग दोबारा पूजा और जलाभिषेक में जुट गए। भक्तों ने भगवान शिव का नाम लेते हुए अपनी पूजा पूरी की।
प्रशासन के लिए अब चुनौती पूरे दिन मंदिर में आने वाली भीड़ को नियंत्रित रखना है। अंतिम सोमवार होने के कारण देर शाम तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में भीड़ के दबाव को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है।
मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे धैर्य रखें और एक-दूसरे को धक्का न दें। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भीड़ के बीच सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह दी गई। किसी तरह की अफवाह फैलने पर स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा गया।
फिलहाल सिंहेश्वर धाम में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक जारी है। घायल श्रद्धालुओं का इलाज कराया जा रहा है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसा भीड़ के अत्यधिक दबाव और बैरिकेडिंग टूटने के बाद हुआ।
सावन की अंतिम सोमवारी पर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच मधेपुरा के सिंहेश्वर धाम में धक्का-मुक्की ने कुछ देर के लिए अफरा-तफरी पैदा कर दी। बैरिकेडिंग टूटने से करीब 8 श्रद्धालु घायल हुए, जिनमें एक महिला के सिर में गंभीर चोट लगी। प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और इसके बाद जलाभिषेक दोबारा सामान्य तरीके से शुरू कराया गया।












