Sneha Wagh Spiritual Journey: दो टूटी शादियों के बाद श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हुईं स्नेहा वाघ, बोलीं- ‘अब इंसानी रिश्ते की जरूरत नहीं’

Sneha Wagh Spiritual Journey: स्नेहा वाघ ने अपनी निजी जिंदगी और आध्यात्मिक सफर पर बात की। दो असफल शादियों के बाद वह श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हैं और इंसानी

टीवी अभिनेत्री स्नेहा वाघ इन दिनों अभिनय के साथ-साथ आध्यात्मिक जीवन को लेकर भी चर्चा में हैं। ‘नीरजा एक नई पहचान’, ‘ज्योति’ और ‘वीरा’ जैसे शोज में नजर आ चुकीं स्नेहा ने बताया कि निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव के बाद उनका झुकाव श्री कृष्ण की भक्ति की ओर बढ़ा है।

Sneha Wagh: टीवी की चर्चित अभिनेत्री स्नेहा वाघ इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ आध्यात्मिक सफर को लेकर भी चर्चा में हैं। ‘ज्योति’, ‘वीरा’, ‘नीरजा-एक नई पहचान’ और ‘मेरे साईं’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में नजर आ चुकीं स्नेहा अब अपना काफी समय मथुरा और वृंदावन में बिता रही हैं। अभिनेत्री का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ने के बाद उन्हें ऐसी शांति और संतुष्टि मिली है, जिसकी तलाश वह लंबे समय से कर रही थीं।

स्नेहा फिलहाल अभिनय की दुनिया से पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं। वह टीवी शो ‘महादेव एंड सन्स’ में नजर आ रही हैं। शो के प्रमोशन के सिलसिले में लखनऊ पहुंचीं अभिनेत्री ने अपने आध्यात्मिक सफर और निजी जिंदगी के अनुभवों के बारे में खुलकर बात की।

श्रीकृष्ण से जुड़कर बदली जिंदगी

स्नेहा वाघ के मुताबिक, जिंदगी के एक दौर में उनका लोगों पर से भरोसा उठ गया था। उन्हें लगता था कि हर व्यक्ति किसी न किसी स्वार्थ से जुड़ा हुआ है। इसी दौरान उन्होंने आध्यात्म की ओर रुख किया और धीरे-धीरे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनका जुड़ाव गहरा होता गया। अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें पहली बार वृंदावन जाने का मौका एक मंदिर से मिले निमंत्रण के बाद मिला था। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद यह कोई धोखा हो सकता है, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनका अनुभव बिल्कुल अलग रहा।

स्नेहा के अनुसार, वृंदावन में बिताए कुछ दिनों ने उनके नजरिए को बदल दिया। उन्हें वहां ऐसी मानसिक शांति महसूस हुई, जो उन्हें मुंबई की व्यस्त जिंदगी में नहीं मिल पा रही थी। श्रीकृष्ण के प्रति उनकी आस्था समय के साथ और मजबूत होती चली गई।

‘मुझे बिना शर्त प्यार मिला’

स्नेहा ने आध्यात्मिक अनुभव को याद करते हुए बताया कि कृष्ण भक्ति से उन्हें ऐसा प्रेम मिला, जिसे वह लंबे समय से तलाश रही थीं। उनके मुताबिक यह प्यार किसी अपेक्षा या शर्त पर आधारित नहीं था। अभिनेत्री का मानना है कि आध्यात्म ने उन्हें अपने भीतर झांकने और जीवन को नए नजरिए से समझने का अवसर दिया। यही वजह है कि अब वह अपने जीवन में शांति और संतुष्टि को ज्यादा महत्व देती हैं।

अपने मौजूदा जीवन को लेकर स्नेहा वाघ ने कहा कि उन्हें फिलहाल किसी इंसान पर भावनात्मक रूप से निर्भर रहने की जरूरत महसूस नहीं होती। उनके मुताबिक, श्रीकृष्ण के साथ जुड़ाव ने उनके भीतर मौजूद कई भावनात्मक खालीपन को भर दिया है। स्नेहा ने कहा कि वह जिस स्थिति में हैं, उससे काफी संतुष्ट हैं और फिलहाल उसे बदलना नहीं चाहतीं। हालांकि, उन्होंने शादी की संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया है।

तीसरी शादी को लेकर क्या बोलीं स्नेहा?

स्नेहा वाघ की जिंदगी में अब तक दो शादियां हुई हैं और दोनों रिश्ते तलाक के साथ खत्म हुए। उन्होंने कम उम्र में अभिनेता आविष्कार दर्वेकर से शादी की थी। बाद में यह रिश्ता टूट गया। स्नेहा ने इस रिश्ते में घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्होंने 2015 में इंटीरियर डिजाइनर अनुराग सोलंकी से शादी की, लेकिन करीब एक साल बाद यह रिश्ता भी खत्म हो गया। स्नेहा ने उस समय मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। हालांकि, निजी रिश्तों से जुड़े ऐसे आरोप संबंधित पक्षों के अपने दावों पर आधारित रहे हैं।

तीसरी शादी की संभावना पर अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने इसके रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए हैं, लेकिन फिलहाल उनका ध्यान शादी पर नहीं है। उनका मानना है कि जब किसी व्यक्ति का ध्यान किसी एक चीज को पाने पर लगातार केंद्रित नहीं रहता, तब जिंदगी अपने तरीके से आगे बढ़ती है।

13 साल की उम्र में शुरू किया था अभिनय

स्नेहा वाघ ने बेहद कम उम्र में थिएटर के जरिए अभिनय की शुरुआत की थी। उन्होंने करीब 13 साल की उम्र में रंगमंच पर कदम रखा। इसके बाद उन्होंने मराठी टेलीविजन में काम किया और आगे चलकर हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बनाई। ‘ज्योति’, ‘एक वीर की अरदास... वीरा’, ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘मेरे साईं-श्रद्धा और सबुरी’, ‘ना उम्र की सीमा हो’ और ‘नीरजा-एक नई पहचान’ जैसे शोज ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।

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