बिहार राजनीति में बयानबाज़ी तेज, निशांत कुमार के समर्थन में उतरे गिरिराज सिंह

बिहार की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। गिरिराज सिंह ने निशांत कुमार के समर्थन में बयान दिया है, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और गरमा गई हैं। जानें पूरा मामला

भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के बीच बिहार की राजनीति को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने बिहार के मंत्री निशांत कुमार पर लगाए जा रहे “परिवारवाद” के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह निर्णय पार्टी की प्रक्रिया और जनता की भावनाओं के आधार पर लिया गया है।

पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है, जहां निशांत कुमार को लेकर उठे ‘परिवारवाद’ के आरोपों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है।

गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिनका अपना राजनीतिक परिवार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरा रहा है, वे दूसरों पर परिवारवाद का आरोप नहीं लगा सकते।

“परिवारवाद के आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं” — गिरिराज सिंह

गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि:

“तेजस्वी यादव क्या ही परिवारवाद के आरोप लगाएंगे, जिनका पूरा परिवार भ्रष्टाचार के दलदल में फंसा हुआ है। नीतीश कुमार ने हमेशा ईमानदारी और सुशासन की राजनीति की है और कभी भ्रष्टाचारियों को संरक्षण नहीं दिया।”

उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में राजनीतिक नियुक्तियां योग्यता और प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर की जाती हैं, न कि केवल पारिवारिक संबंधों के आधार पर।

बीजेपी का बचाव: “योग्यता के आधार पर मिली जिम्मेदारी”

इस मामले में बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने भी निशांत कुमार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति किसी वंशवादी राजनीति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा, निशांत कुमार का राजनीतिक हस्तक्षेप का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं है, उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रुचि नहीं दिखाई। उन्हें उनकी योग्यता और प्रशासनिक समझ के आधार पर जिम्मेदारी दी गई है राम कृपाल यादव ने यह भी दावा किया कि मंत्री पद मिलने के बाद उनसे स्वास्थ्य विभाग में बेहतर काम की उम्मीद है।

“गंभीर और व्यवहारिक व्यक्ति हैं निशांत कुमार”

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार को लेकर की जा रही टिप्पणियां बिना तथ्यों के हैं। उन्होंने कहा कि, लगता है तेजस्वी यादव ने उन्हें ठीक से समझा ही नहीं है। जो भी उनसे मिला है, वह जानता है कि वे गंभीर और व्यावहारिक सोच रखने वाले व्यक्ति हैं।

मंत्री लेसी सिंह ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव बिना तथ्यों के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास विकास या नीति से जुड़े मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे बार-बार व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोपों का सहारा लेते हैं।

राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब शुरू हुआ जब विपक्ष ने बिहार सरकार में कुछ नियुक्तियों को ‘परिवारवाद’ से जोड़कर सवाल उठाए। इसके जवाब में सत्तारूढ़ गठबंधन ने इसे पूरी तरह राजनीतिक हमला बताया। बिहार की राजनीति में यह मुद्दा एक बार फिर पुराने बहस को हवा दे रहा है कि:

  • क्या राजनीतिक नियुक्तियां योग्यता पर आधारित हैं?
  • या फिर यह सत्ता के प्रभाव का परिणाम हैं?
  • और क्या परिवारवाद का आरोप दोनों पक्षों पर लागू होता है?

तेजस्वी यादव की ओर से इस मुद्दे पर तीखी आलोचना की गई थी, जिसमें उन्होंने सरकार पर पारिवारिक प्रभाव के जरिए पद देने का आरोप लगाया था। हालांकि, बीजेपी नेताओं ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाज़ी बताते हुए खारिज कर दिया।

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