भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का सोमवार को उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे। इस खबर की पुष्टि अभिनेता अवतार गिल ने की।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय सिनेमा के अनुभवी और सम्मानित अभिनेता Bharat Kapoor का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की पुष्टि अभिनेता Avtar Gill ने की, जिसके बाद पूरे फिल्म और टेलीविजन उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका निधन सोमवार को हुआ।
जानकारी के अनुसार, भरत कपूर पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था। इससे पहले उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। अवतार गिल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि परिवार ने उन्हें सूचित किया था कि पिछले तीन दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही थी। इसके बाद उन्होंने सोमवार को अंतिम सांस ली।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए करीबी लोग
भरत कपूर के अंतिम संस्कार में फिल्म और थिएटर जगत से जुड़े कुछ करीबी लोग शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से Rakesh Bedi, निर्देशक रमेश कुमार, अभिनेता कुलदीप सिंह और इंडियन पीपल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) के सदस्य मौजूद रहे। अवतार गिल ने बताया कि अंतिम विदाई कार्यक्रम बहुत सीमित दायरे में हुआ, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और बेहद करीबी सहयोगी शामिल थे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उनकी प्रार्थना सभा 30 अप्रैल को शाम 5 से 7 बजे के बीच उनके घर पर आयोजित की जाएगी।
भरत कपूर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना चेहरा थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1970 के दशक में की थी और लगभग चार दशकों तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहे। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया और अलग-अलग प्रकार की भूमिकाएं निभाईं।
खलनायक और सहायक भूमिकाओं में छोड़ी छाप

भरत कपूर को विशेष रूप से खलनायक और सहायक किरदारों के लिए जाना जाता था। उन्होंने कभी भी भूमिका की लंबाई को महत्व नहीं दिया, बल्कि किरदार की गहराई और प्रभाव पर ध्यान दिया। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कई ऐसी फिल्मों में काम किया, जहां उनकी मौजूदगी भले ही सीमित रही हो, लेकिन उनका अभिनय प्रभावशाली रहा। भरत कपूर ने कई लोकप्रिय फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें शामिल हैं:
- नूरी (1979)
- राम बलराम (1980)
- लव स्टोरी (1981)
- बाजार (1982)
- गुलामी (1985)
- आखिरी रास्ता (1986)
- सत्यमेव जयते (1987)
- स्वर्ग (1990)
- खुदा गवाह (1992)
- रंग (1993)
- बरसात (1995)
- साजन चले ससुराल (1996)
इसके अलावा उन्होंने टेलीविजन की दुनिया में भी मजबूत पहचान बनाई। उनके प्रमुख टीवी शो में शामिल हैं:
- कैंपस
- परंपरा
- राहत
- सांस
- अमानत
- भाग्यविधाता
- तारा
- चुनौती
- कहानी चंद्रकांता की
थिएटर से गहरा जुड़ाव
भरत कपूर सिर्फ फिल्म और टीवी तक सीमित नहीं थे, बल्कि थिएटर से भी उनका गहरा जुड़ाव था। वे इंडियन पीपल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) से जुड़े रहे और कई नाट्य प्रस्तुतियों का हिस्सा बने। थिएटर समुदाय में उन्हें एक समर्पित और गंभीर कलाकार के रूप में जाना जाता था, जिन्होंने अभिनय को केवल पेशा नहीं बल्कि कला के रूप में जिया।
27 अप्रैल 2026 को उन्होंने 80 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनका जन्म 1945 में हुआ था। उनके निधन के बाद फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के जरिए श्रद्धांजलि दी है।










