Israel ने Lebanon में कई ठिकानों पर हमला किया, जबकि Iran और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
US–Israel–Iran: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है, जहां इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस बीच लेबनान के कई इलाकों में इजरायली हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय नहीं रहा, बल्कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर ऊर्जा बाजार पर साफ दिखने लगा है।
लेबनान में इजरायल के ताबड़तोड़ हमले
लेबनान के दक्षिणी हिस्सों और बेक्का घाटी में इजरायली सेना ने एक साथ करीब 20 ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में कई संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें इजरायल Hezbollah से जुड़ा मानता है।
इजरायली सेना के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है।
ड्रोन हमले में इजरायली सैनिक घायल
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने पुष्टि की है कि दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की ओर से किए गए ड्रोन हमले में दो सैनिक घायल हो गए।
- एक सैनिक की हालत गंभीर बताई जा रही है
- दूसरे को मामूली चोटें आई हैं
दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता विवाद
इस पूरे संघर्ष के बीच Strait of Hormuz को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे दुनिया के बड़े हिस्से में तेल पहुंचता है।
ईरान ने हाल ही में इसे खोलने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी हैं, जिनमें सैन्य हमलों का अंत और सुरक्षा गारंटी शामिल है।

ट्रंप प्रशासन ने की उच्च स्तरीय बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मुद्दे पर अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ एक अहम बैठक की।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने कहा कि बैठक में ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा हुई है, लेकिन अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिया कि ईरान बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए समय चाहता है।
तेल की कीमतों में लगातार उछाल
अमेरिका-ईरान तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है।
ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत लगातार सातवें दिन बढ़ी और 3% से अधिक उछलकर 109 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में कोई बाधा आती है, तो तेल की कीमतें और भी तेजी से बढ़ सकती हैं, जिससे वैश्विक महंगाई पर असर पड़ेगा।
जर्मनी की चिंता, यूरोप में बढ़ी बेचैनी
जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने ईरान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका को “अपमानित” करने की कोशिश कर रहा है और वर्तमान हालात में संघर्ष का जल्द समाधान नजर नहीं आता।
यूरोपीय देशों को चिंता है कि यह युद्ध—
- वैश्विक आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकता है
- तेल और गैस आपूर्ति को बाधित कर सकता है
- अंतरराष्ट्रीय संबंधों में और तनाव पैदा कर सकता है
कूटनीतिक प्रयास जारी
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi एक बार फिर पाकिस्तान पहुंचे हैं, जहां वे क्षेत्रीय शांति और वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए चर्चा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस पूरे संकट में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
वैश्विक असर: अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर खतरा
यह संघर्ष केवल सैन्य स्तर तक सीमित नहीं है। इसके व्यापक प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं—
- वैश्विक तेल कीमतों में तेजी
- शेयर बाजारों में अस्थिरता
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर दबाव
ऊर्जा संकट की आशंका
अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर विकासशील देशों पर ज्यादा गंभीर हो सकता है।










