BPSC TRE 4 में माइनस मार्किंग और दो परीक्षा से विरोध तेज, बदलाव वापस लेने पर सरकार करेगी मंथन

BPSC TRE 4 में दो स्तरीय परीक्षा, एक-तिहाई नेगेटिव मार्किंग और खाली सवाल पर अंक कटने के नियम से अभ्यर्थी नाराज हैं। सरकार बदलाव पर मंथन कर सकती है।

बिहार में BPSC TRE 4 के नए नियमों को लेकर उम्मीदवारों का विरोध जारी है। 32,388 शिक्षक पदों वाली भर्ती में दो स्तरीय परीक्षा, नेगेटिव मार्किंग और खाली सवाल पर अंक कटने जैसे बदलाव किए गए हैं।

पटना: BPSC TRE 4 के नोटिफिकेशन के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों का विरोध फिर तेज हो गया है। भर्ती में प्रीलिम्स और मेन्स की व्यवस्था, एक-तिहाई नेगेटिव मार्किंग और सवाल खाली छोड़ने पर अंक कटने के प्रावधान का उम्मीदवार विरोध कर रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की बैठक बुलाई है, जिसमें इन बदलावों और अभ्यर्थियों की मांगों पर चर्चा होने की संभावना है।

BPSC TRE 4 में नए नियमों से अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता

बिहार लोक सेवा आयोग ने BPSC TRE 4 के लिए 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस बार परीक्षा प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनको लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। TRE 1, TRE 2 और TRE 3 की तुलना में TRE 4 में प्रीलिम्स और मेन्स यानी दो स्तरीय परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग रखी गई है। सवाल का जवाब नहीं देने पर भी निर्धारित नियम के तहत अंक कट सकते हैं। इन बदलावों को हटाने की मांग को लेकर उम्मीदवार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

TRE 4 में पहली बार दो स्तरीय परीक्षा

BPSC TRE 4 में सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा के पैटर्न को लेकर किया गया है। इस बार भर्ती परीक्षा दो चरणों में आयोजित होगी। उम्मीदवारों को पहले प्रीलिम्स और उसके बाद मेन्स परीक्षा देनी होगी। इससे पहले TRE 1, TRE 2 और TRE 3 में शिक्षक भर्ती के लिए सिंगल टियर परीक्षा आयोजित की गई थी।

अभ्यर्थियों का कहना है कि दो परीक्षाओं की व्यवस्था से पूरी भर्ती प्रक्रिया लंबी हो सकती है। इससे नियुक्तियों में देरी होने की आशंका भी है। इसी वजह से प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवार TRE 4 को पहले की तरह सिंगल टियर परीक्षा के रूप में आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।

परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग को लेकर भी उम्मीदवारों में नाराजगी है। TRE 1 से TRE 3 तक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं था, जबकि TRE 4 में गलत उत्तर के लिए एक-तिहाई अंक काटने की व्यवस्था की गई है।

सवाल खाली छोड़ने पर भी कटेंगे अंक

TRE 4 में एक और नया प्रावधान किया गया है, जिसको लेकर अभ्यर्थी विशेष रूप से विरोध कर रहे हैं। अगर कोई उम्मीदवार किसी सवाल का जवाब नहीं देता है और उत्तर पुस्तिका में कोई विकल्प नहीं चुनता, तो उसके सही उत्तरों के अंकों में से एक-तिहाई अंक काटे जा सकते हैं।

इसी स्थिति से बचने के लिए परीक्षा में पांचवां विकल्प E भी शामिल किया गया है। प्रश्नपत्र में A, B, C और D के साथ E विकल्प दिया जाएगा। यदि उम्मीदवार किसी सवाल का उत्तर नहीं देना चाहता है तो उसे E विकल्प चुनना होगा। यदि कोई विकल्प नहीं चुना गया तो निर्धारित नेगेटिव मार्किंग लागू होगी।

उम्मीदवारों का तर्क है कि पहले की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में ऐसी व्यवस्था नहीं थी। इसलिए अचानक नियम बदलने से परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है।

32,388 पदों पर भर्ती, वैकेंसी को लेकर भी नाराजगी

अभ्यर्थियों की एक बड़ी शिकायत भर्ती में उपलब्ध पदों की संख्या को लेकर भी है। TRE 1 में 1,70,461 पद, TRE 2 में 1,22,286 पद और TRE 3 में 87,774 पदों पर भर्ती हुई थी। इसके मुकाबले TRE 4 में सिर्फ 32,388 शिक्षक पदों की घोषणा की गई है।

उम्मीदवार अधिक रिक्तियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा भर्ती में देरी, पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सिस्टम, STET से पहले TRE 4 कराने और डोमिसाइल पॉलिसी जैसे मुद्दे भी प्रदर्शन का हिस्सा हैं।

बदलाव वापस होंगे या नहीं, बैठक पर नजर

TRE 4 के नए नियमों के खिलाफ पटना के गर्दनीबाग में उम्मीदवारों का विरोध जारी है। अभ्यर्थियों की मांग है कि जिन प्रावधानों में पिछले तीन चरणों की तुलना में बदलाव किया गया है, उन्हें वापस लिया जाए।

उम्मीदवारों के विरोध के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि बैठक में TRE 4 के नए परीक्षा पैटर्न, नेगेटिव मार्किंग और अन्य मांगों पर चर्चा हो सकती है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आयोग या शिक्षा विभाग परीक्षा के नए नियमों में कोई बदलाव करेगा या नहीं। उम्मीदवारों की नजर अब सरकार की बैठक और उसके बाद होने वाले फैसले पर है।

Leave a comment