ब्रिटेन की राजनीति में उथल-पुथल, मेकरफील्ड उपचुनाव के बिच लेबर पार्टी के नेतृत्व पर छिड़ी नई बहस

लेबर नेता वेस स्ट्रीटिंग ने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर वह कीर स्टार्मर के खिलाफ नेतृत्व चुनौती शुरू कर सकते हैं। मेकरफील्ड उपचुनाव के नतीजों पर नजरें टिकी हैं।

ब्रिटेन में लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि यदि स्थिति नहीं बदली तो वह कीर स्टार्मर के खिलाफ नेतृत्व चुनाव शुरू करने को तैयार हैं। मेकरफील्ड उपचुनाव के नतीजे निर्णायक माने जा रहे हैं।

लंदन: ब्रिटेन की सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने संकेत दिया है कि यदि प्रधानमंत्री कीर स्टारमर अपनी स्थिति को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लेते हैं, तो वे अगले सप्ताह ही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार हैं। स्ट्रीटिंग का यह बयान ऐसे समय आया है जब मेकरफील्ड उपचुनाव को पार्टी के भविष्य और नेतृत्व की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षण माना जा रहा है।

बीबीसी के कार्यक्रम न्यूजनाइट में बातचीत के दौरान स्ट्रीटिंग ने कहा कि पार्टी लंबे समय तक अनिश्चितता और नेतृत्व संबंधी गतिरोध की स्थिति में नहीं रह सकती। उन्होंने प्रधानमंत्री को सप्ताहांत तक अपनी स्थिति पर विचार करने का समय देने की बात कही, लेकिन साथ ही संकेत दिया कि यदि कोई निर्णय नहीं लिया गया तो नेतृत्व चुनाव अपरिहार्य हो सकता है।

मेकरफील्ड उपचुनाव पर टिकी हैं निगाहें

ब्रिटेन की राजनीति में इस समय मेकरफील्ड उपचुनाव सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गया है। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहम इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यदि वे जीतकर संसद में पहुंचते हैं, तो उन्हें लेबर पार्टी के नेतृत्व चुनाव में भाग लेने या उसे शुरू करने का अधिकार मिल जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बर्नहम की जीत पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को बदल सकती है। वर्तमान में वे संसद के सदस्य नहीं हैं, इसलिए नेतृत्व की दौड़ में सीधे शामिल नहीं हो सकते। हालांकि मेकरफील्ड में जीत उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में दोबारा सक्रिय भूमिका दिला सकती है।

स्ट्रीटिंग ने नेतृत्व चुनौती की संभावना से किया इनकार नहीं

जब स्ट्रीटिंग से पूछा गया कि क्या बर्नहम की जीत के बाद वे नेतृत्व चुनाव शुरू करेंगे, तो उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता यह होगी कि प्रधानमंत्री स्वयं अपने भविष्य को लेकर फैसला लें। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसा नहीं होता है तो पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए नेतृत्व प्रतियोगिता जरूरी हो सकती है।

स्ट्रीटिंग ने कहा कि वह इस बात पर चर्चा नहीं करना चाहते कि चुनौती सोमवार को दी जाएगी या मंगलवार को, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि अनिश्चितता की स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती। उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व के लिए अब तक का सबसे सीधा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

कीर स्टारमर ने पद छोड़ने से किया इनकार

फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने संकेत दिया कि उनका इस्तीफा देने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे उस जिम्मेदारी को पूरा करना चाहते हैं जिसके लिए उन्हें चुना गया था और वे अपने काम को जारी रखेंगे।

स्टारमर के इस रुख से स्पष्ट है कि वे अभी नेतृत्व छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक टिप्पणियों ने उनके सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

ब्रिटेन की राजनीति में उथल-पुथल, मेकरफील्ड उपचुनाव के बिच लेबर पार्टी के नेतृत्व पर छिड़ी नई बहस

आर्थिक नीति पर स्ट्रीटिंग का जोर

सरकार से इस्तीफा देने के बाद स्ट्रीटिंग ने लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी आर्थिक सोच और भविष्य की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यदि लेबर पार्टी को भविष्य में सफल होना है तो उसे केवल लोकप्रिय वादों के आधार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि नेतृत्व चुनाव ऐसा मंच नहीं बनना चाहिए जहां नेता केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को खुश करने के लिए महंगे वादे करें और बाद में उन्हें वापस लेने पर मजबूर हो जाएं। स्ट्रीटिंग ने खुद को वित्तीय अनुशासन और आर्थिक जिम्मेदारी का समर्थक बताते हुए कहा कि आर्थिक विकास और करों में कमी ही देश को आगे बढ़ाने का सबसे व्यावहारिक रास्ता है।

एंडी बर्नहम से वैचारिक दूरी दिखाने की कोशिश

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि स्ट्रीटिंग ने अपने भाषण के माध्यम से संभावित प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहम से वैचारिक दूरी बनाने की भी कोशिश की। उन्होंने वित्तीय बाजारों और सरकारी उधारी को लेकर ऐसे बयान दिए जिन्हें बर्नहम की पूर्व टिप्पणियों की अप्रत्यक्ष आलोचना माना जा रहा है।

बर्नहम पहले यह कह चुके हैं कि ब्रिटेन को वित्तीय बाजारों पर अत्यधिक निर्भरता से आगे बढ़ना होगा। इसके विपरीत स्ट्रीटिंग ने कहा कि जिम्मेदार आर्थिक नीति के लिए निवेशकों और बाजारों का भरोसा बनाए रखना आवश्यक है।

कर, पेंशन और रक्षा खर्च पर स्पष्ट रुख

स्ट्रीटिंग ने संकेत दिया कि सार्वजनिक वित्त की स्थिति बेहतर होने पर रोजगार से जुड़े करों में कमी की जा सकती है। उन्होंने पूंजीगत लाभ कर को आयकर दरों के करीब लाने की वकालत भी दोहराई।

राज्य पेंशन की ट्रिपल लॉक व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मौजूदा संसदीय कार्यकाल के दौरान यह व्यवस्था जारी रहेगी। ट्रिपल लॉक के तहत पेंशन में हर वर्ष महंगाई, औसत वेतन वृद्धि या 2.5 प्रतिशत में से जो सबसे अधिक हो, उसके आधार पर बढ़ोतरी की जाती है। रक्षा खर्च के लिए इस व्यवस्था को समाप्त करने की किसी भी संभावना को उन्होंने खारिज कर दिया।

ऊर्जा नीति पर भी उठाए सवाल

स्ट्रीटिंग ने ऊर्जा नीति पर भी अपनी अलग सोच सामने रखी। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के लिए यह अधिक व्यावहारिक होगा कि वह अपनी गैस जरूरतों को घरेलू उत्पादन से पूरा करे, बजाय इसके कि विदेशी स्रोतों पर अत्यधिक निर्भर रहे।

उन्होंने नॉर्थ सी में रोज़बैंक और जैकडॉ जैसे तेल एवं गैस परियोजनाओं को मंजूरी देने का समर्थन किया। इसे ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड के रुख से अलग माना जा रहा है, जो पहले इन परियोजनाओं का विरोध कर चुके हैं।

लेबर पार्टी के भविष्य पर टिकी नजरें

लेबर पार्टी के भीतर उभर रही यह बहस केवल नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं है। यह पार्टी की वैचारिक दिशा, आर्थिक रणनीति और अगले आम चुनाव की तैयारी से भी जुड़ी हुई है। एंडी बर्नहम और वेस स्ट्रीटिंग दोनों अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि कीर स्टारमर अभी भी नेतृत्व बनाए रखने के पक्ष में हैं।

मेकरफील्ड उपचुनाव के नतीजे और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधियां यह तय कर सकती हैं कि लेबर पार्टी मौजूदा नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगी या फिर ब्रिटिश राजनीति में एक नया नेतृत्व संघर्ष शुरू होगा। आने वाले दिनों में होने वाले घटनाक्रम न केवल पार्टी बल्कि पूरे ब्रिटेन की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

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