Budget 2026: पेश होने से पहले विपक्ष और सरकार नेताओं के बयान, प्रियंका गांधी ने जताई निराशा

Budget 2026 से पहले विपक्ष और सरकार नेताओं के बयान सामने आए। प्रियंका गांधी ने निराशा जताई, जबकि केंद्रीय मंत्री इसे ऐतिहासिक और विकासात्मक बताया।

Budget 2026 के पेश होने से पहले विपक्ष और सरकार के नेताओं ने अपने बयान दिए। प्रियंका गांधी ने इसे आम जनता और युवाओं के लिए निराशाजनक बताया। केंद्रीय मंत्री इसे ऐतिहासिक और देश की आर्थिक मजबूती वाला बताया।

नई दिल्ली। 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्ष और सरकार के नेता अपने-अपने बयान दे रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस बजट से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। इसके अलावा अन्य विपक्षी नेता और केंद्रीय मंत्री भी बजट को लेकर अपने विचार साझा कर चुके हैं।

प्रियंका गांधी का बड़ा बयान

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बजट पेश होने से पहले स्पष्ट किया कि उन्हें इस बजट से कोई उम्मीद नहीं है। उनका मानना है कि इस बार की घोषणाएं आम जनता और युवा वर्ग के लिए पर्याप्त राहत नहीं दे सकती हैं। प्रियंका गांधी के इस बयान ने विपक्ष के अन्य नेताओं की चिंताओं को भी उजागर किया है।

विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं

समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने भी कहा कि उन्हें इस बजट से कोई खास उम्मीद नहीं है। उनका कहना है कि सरकार पिछले वर्षों में आम जनता और किसानों की समस्याओं को पर्याप्त तरीके से हल करने में विफल रही है।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कई ढांचागत समस्याएं हैं। उन्होंने बताया कि निजी पूंजी निवेश में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में गिरावट आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त मंत्री इन समस्याओं को समझेंगे और ईमानदारी से उनका समाधान खोजने का प्रयास करेंगे।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने पहली बार शपथ ली थी, तब युवाओं को सालाना दो करोड़ नौकरियां देने का आश्वासन दिया गया था। अब तक 24 करोड़ नौकरियों का हिसाब जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज की कीमत बढ़ाने और काला धन वापस लाने के वादे का क्या हुआ, इसे स्पष्ट करना सरकार की जिम्मेदारी है। संजय सिंह ने महंगाई और टैक्स नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने देश की आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित किया है।

केंद्रीय मंत्रियों ने की बजट की सराहना

वहीं, केंद्रीय मंत्रियों ने बजट को लेकर सकारात्मक बयान दिए। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार पिछले 11 वर्षों से भारत को विकसित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह बजट भी देश को विकसित भारत बनाने की दिशा में एक और कदम साबित होगा।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे ऐतिहासिक बजट बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की 'सुधार एक्सप्रेस' देश को तेजी से विकसित भारत की ओर ले जाएगी।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट को 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत का बजट' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट नई नीतियों और सुधारों के जरिए देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।

विपक्ष और सरकार के दृष्टिकोण में अंतर

विपक्षी नेताओं का कहना है कि बजट में आम जनता, युवाओं और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त घोषणाएं नहीं की गई हैं। उनका मानना है कि रोजगार, महंगाई और वित्तीय असमानताओं के मुद्दे अनसुलझे रह सकते हैं। वहीं, सरकार के नेताओं का कहना है कि यह बजट देश की दीर्घकालिक विकास योजनाओं और आर्थिक सुधारों पर आधारित है। उन्होंने जोर दिया कि यह बजट भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

बजट से जुड़े प्रमुख मुद्दे

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बजट में कर सुधार, निवेश को बढ़ावा, युवाओं के लिए रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय आने की संभावना है। बजट के पार्ट B में नीतिगत दिशा और रणनीतिक उद्देश्य स्पष्ट किए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्राथमिकता देश की आर्थिक वृद्धि को बनाए रखना और वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत करना है।

विपक्ष को उम्मीद है कि बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य, रोजगार सृजन और टैक्स नीति में स्पष्टता जैसी घोषणाएं होंगी। वहीं सरकार का जोर दीर्घकालिक आर्थिक सुधार और भारत को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

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