CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 आज से शुरू हो गई है, जिसमें 43 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इस सत्र में 10वीं और 12वीं के लिए हजारों परीक्षा केंद्र सक्रिय हैं। पहले दिन 10वीं में गणित और 12वीं में बायोटेक्नोलॉजी, बिजनेस स्टडीज और एंटरप्रेन्योरशिप के पेपर लिए गए। बोर्ड ने अनुशासन, समय प्रबंधन और डिजिटल मूल्यांकन पर विशेष तैयारी की है।
CBSE बोर्ड परीक्षा 2026: आज से देशभर में 43 लाख से अधिक छात्रों के साथ शुरू हो गई है। परीक्षा 10वीं और 12वीं के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें 10वीं के छात्रों ने गणित और 12वीं के छात्रों ने बायोटेक्नोलॉजी, बिजनेस स्टडीज और एंटरप्रेन्योरशिप में परीक्षा दी। 10वीं के लिए 8,074 और 12वीं के लिए 7,574 केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड ने छात्रों की सुरक्षा, समय और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए गाइडलाइन जारी की हैं और उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन भी शुरू किया है।
परीक्षा केंद्र और छात्रों का आंकड़ा
इस सत्र में 10वीं के लिए 8,074 और 12वीं के लिए 7,574 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 10वीं में करीब 25 लाख और 12वीं में लगभग 18.5 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हैं। लिंग आधारित आंकड़ों के अनुसार, 10वीं में 14 लाख लड़के और 10.9 लाख लड़कियां परीक्षा दे रही हैं, वहीं 12वीं में 10.2 लाख छात्र और 8.3 लाख छात्राएं शामिल हैं।
प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। छात्रों को समय पर केंद्र पर पहुंचने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

पहले दिन की चुनौती और बदलाव
10वीं कक्षा के छात्रों के लिए पहले दिन गणित का पेपर रखा गया है, जिसे आमतौर पर कठिन विषय माना जाता है। पहले यह पेपर परीक्षा के मध्य या अंत में होता था, लेकिन इस बार शेड्यूल में बदलाव किया गया।
12वीं के छात्रों ने शुरुआती दिन बायोटेक्नोलॉजी, बिजनेस स्टडीज और एंटरप्रेन्योरशिप के पेपर दिए। बोर्ड ने छात्रों को एडमिट कार्ड समय से पहले ले जाने और परीक्षा अनुशासन का पालन करने के लिए निर्देशित किया है।
नियम, ड्रेस कोड और डिजिटल मूल्यांकन
परीक्षा केंद्रों के गेट सुबह 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे। छात्रों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। स्कूल यूनिफॉर्म में आने का निर्देश नियमित छात्रों के लिए अनिवार्य है, जबकि निजी अभ्यर्थियों को हल्के रंग के कपड़े पहनने की अनुमति दी गई है।
इस साल 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। उत्तर पुस्तिकाएं स्कैन कर शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।
दोहरा मौका और छात्रों के लिए राहत
10वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में दो बार बैठने का अवसर मिलेगा। यह कदम छात्रों पर दबाव कम करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया गया है। साथ ही, अनुपस्थित या बीमार छात्रों के लिए भी दो अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।









