2025 में भारत का ऑफिस मार्केट मजबूत प्रदर्शन दिखाया। ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस लीजिंग 715 लाख वर्ग फुट हुई। बेंगलूरु और दिल्ली-एनसीआर ने कुल लीजिंग का 60 प्रतिशत योगदान दिया। फ्लेक्स स्पेस, टेक और BFSI सेक्टर की मांग बढ़ी।
Indian office market 2025: भारत के ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट ने 2025 में मजबूत प्रदर्शन किया है। कॉलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार देश के प्रमुख सात शहरों में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस लीजिंग 715 लाख वर्ग फुट रही, जो पिछले साल की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। साल के अंत में मांग के मजबूती के कारण तिमाही लीजिंग पहली बार 200 लाख वर्ग फुट के स्तर को पार कर गई।
बेंगलूरु और दिल्ली-एनसीआर सबसे बड़े मार्केट
2025 में बेंगलूरु सबसे बड़ा ऑफिस बाजार बना, जहां 221 लाख वर्ग फुट ग्रेड-ए स्पेस लीज हुआ, जो कुल मांग का लगभग एक-तिहाई है। दिल्ली-एनसीआर में 42 लाख वर्ग फुट ग्रेड-ए स्पेस लीज हुआ। कुल लीजिंग में इन दोनों शहरों का योगदान 60 प्रतिशत रहा। वहीं हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई और पुणे जैसे अन्य शहरों में भी 100 से 110 लाख वर्ग फुट के आसपास लीजिंग दर्ज की गई, जिससे मल्टी सिटी विस्तार की प्रवृत्ति मजबूत हुई।
चौथी तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन
2025 की चौथी तिमाही ने ऑफिस मार्केट के लिए निर्णायक भूमिका निभाई। इस दौरान 206 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज हुआ, जो पिछले तिमाही की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। अकेले बेंगलूरु में 81 लाख वर्ग फुट की अब तक की सबसे ऊंची तिमाही लीजिंग दर्ज की गई। यह आंकड़े यह संकेत देते हैं कि बड़े शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग लगातार बढ़ रही है।
टेक्नोलॉजी और फ्लेक्स स्पेस की बढ़ती हिस्सेदारी
कुल 585 लाख वर्ग फुट पारंपरिक ऑफिस स्पेस में टेक्नोलॉजी कंपनियों की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही। इसके अलावा BFSI, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंसल्टिंग सेक्टर से भी मजबूत मांग देखने को मिली। फ्लेक्स स्पेस सेगमेंट में भी लगातार वृद्धि जारी रही। 2025 में 130 लाख वर्ग फुट फ्लेक्स स्पेस लीज किया गया, जो कुल ऑफिस लीजिंग का लगभग 18 प्रतिशत है। बेंगलूरु, दिल्ली-एनसीआर, पुणे और चेन्नई में फ्लेक्स स्पेस को तेजी से अपनाया गया। कॉलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च विमल नादर के अनुसार, टियर-II शहरों में फ्लेक्स ऑपरेटर्स के आक्रामक विस्तार के चलते आने वाले वर्षों में लगभग 20 प्रतिशत ऑफिस मांग फ्लेक्स स्पेस से आ सकती है।
नई आपूर्ति स्थिर, वैकेंसी कम और किराया मजबूत
2025 में शीर्ष सात शहरों में 565 लाख वर्ग फुट नई ऑफिस आपूर्ति जुड़ी, जो सालाना आधार पर 5 प्रतिशत अधिक है। बेंगलूरु, हैदराबाद और पुणे ने मिलकर कुल नई आपूर्ति का लगभग 70 प्रतिशत योगदान दिया। मांग के मुकाबले सीमित आपूर्ति के कारण वैकेंसी स्तर 49 बेसिस पॉइंट घटा, जबकि प्रमुख शहरों में औसत किराया 15 प्रतिशत तक बढ़ गया। इससे यह संकेत मिलता है कि ऑफिस बाजार में गुणवत्ता वाले स्पेस की मांग लगातार बढ़ रही है।
GCC लीजिंग बनी सबसे बड़ी ग्रोथ स्टोरी
भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) अब केवल बैक-ऑफिस ऑपरेशंस तक सीमित नहीं हैं। ये रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। 2025 में GCCs ने लगभग 300 लाख वर्ग फुट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस लीज किया, जो कुल मांग का 40 प्रतिशत से अधिक है। कॉलियर्स के अनुसार कुशल टैलेंट की उपलब्धता, नीतिगत समर्थन और रुपये के अवमूल्यन से मिलने वाला लागत लाभ आने वाले वर्षों में भी भारतीय ऑफिस बाजार को मजबूती देगा।
टेक कंपनियों और BFSI की मांग जारी
टेक्नोलॉजी कंपनियों और BFSI सेक्टर ने ऑफिस मार्केट में स्थिर मांग बनाए रखी। इन कंपनियों ने शहरों में उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ाई। इसके साथ ही, फ्लेक्स और मैनेज्ड वर्कस्पेस सॉल्यूशंस को अपनाने की प्रवृत्ति ने भी मार्केट को सपोर्ट किया।
2026 में भी ऑफिस मार्केट मजबूत रहने की उम्मीद
कॉलियर्स इंडिया में मैनेजिंग डायरेक्टर (ऑफिस सर्विसेज) अर्पित महरोत्रा का कहना है कि ऑफिस मार्केट का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, टेक्नोलॉजी और BFSI कंपनियों तथा फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर्स से लगातार बनी मांग और ‘फ्लाइट-टू-क्वालिटी’ रुझान के चलते 2026 में भी लीजिंग गतिविधियां मजबूत रहने की उम्मीद है। प्रमुख शहरों में बढ़ती मांग, फ्लेक्सिबल और मैनेज्ड वर्कस्पेस सॉल्यूशंस को अपनाने की प्रवृत्ति और सस्टेनेबल बिल्डिंग्स में रुचि इसे और मजबूत बनाएंगी।











