महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे बंधुओं ने बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। आगामी बीएमसी चुनावों में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में बीएमसी चुनावों से पहले एक बड़ा मोड़ आया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने ऐतिहासिक गठबंधन का एलान किया है। दोनों भाईयों ने गठबंधन की घोषणा से पहले अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
गठबंधन की पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र के हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना और एनसीपी (अजित पवार) ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था, लेकिन सभी ने अपने क्षेत्र में दबदबा बनाए रखा। बीएमसी चुनावों से पहले ठाकरे परिवार ने एकजुट होकर मुंबई में मराठी अस्मिता और स्थानीय राजनीति को मज़बूत बनाना अपने एजेंडे में रखा।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने प्रेस वार्ता में कहा, 20 वर्षों तक ठाकरे परिवार का एकजुट रूप से काम न करना महाराष्ट्र के लिए नुकसानदेह रहा। अब भाजपा को सबक सिखाने और मुंबई में चल रही लूट-खसोट को रोकने के लिए उद्धव और राज ठाकरे एकजुट हुए हैं। हम मुंबई की 10 नगर निगमों में साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

प्रेस वार्ता की मुख्य बातें
उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा, दिल्ली में बैठे लोग मुंबई को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अगर हम बंटेंगे तो बिखरेंगे। ठाकरे परिवार ने हमेशा मुंबई और मराठी अस्मिता के लिए संघर्ष किया है। अब सीटों पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने भी ऐतिहासिक एलान करते हुए कहा, मुंबई का मेयर मराठी ही होगा और हमारा होगा। हम इस गठबंधन के माध्यम से स्थानीय राजनीति में मराठी पहचान और जनहित को मजबूती देंगे।
एमएनएस नेता यशवंत किल्लेदार ने कहा, दो भाई एक साथ आ रहे हैं। हम इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता भी इस गठबंधन को लेकर बहुत उत्साहित हैं।
कांग्रेस और विपक्ष की प्रतिक्रिया
बीएमसी चुनाव के लिए शिवसेना-एमएनएस गठबंधन पर कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, आज खबर आई है कि अजित पवार और शरद पवार गठबंधन करने जा रहे हैं। क्या इसका मतलब यह है कि महायुति में फूट पड़ गई है? वहीं, शिवसेना (यूबीटी) विधायक सचिन अहीर ने कहा, महाराष्ट्र की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक दिन है। ठाकरे परिवार का एक साथ आना राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह भाजपा के विरोधियों के लिए एकजुट होने का अवसर है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह गठबंधन बीएमसी चुनावों में न सिर्फ मराठी अस्मिता की रक्षा करेगा, बल्कि भाजपा के दबदबे को चुनौती देने की रणनीति के तहत महत्वपूर्ण कदम है। उद्धव और राज ठाकरे के मिलन से मुंबई की स्थानीय राजनीति में एक नई लहर दौड़ सकती है।











