छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आया है। भुगतान बंद होने के बाद 10 राज्यों के 100 से अधिक निवेशकों ने आरोपी के घर का घेराव किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डोंगरगढ़: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा दिलाने का दावा कर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आया है। भुगतान रुकने के बाद मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित 10 राज्यों के 100 से अधिक निवेशक डोंगरगढ़ पहुंचे और आरोपी के घर का घेराव कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है।
फॉरेक्स ट्रेडिंग में बड़े मुनाफे का दिया गया लालच
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में सामने आए इस कथित फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले ने कई राज्यों के निवेशकों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'लांग एशिया' के जरिए विदेशी मुद्रा कारोबार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में आकर्षक रिटर्न देकर निवेशकों का भरोसा जीता गया, जिसके बाद उन्होंने लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक निवेश कर दिए।

निवेशकों का कहना है कि उन्हें लगातार यह भरोसा दिलाया गया कि फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा मिलेगा। इतना ही नहीं, उनसे नए लोगों को जोड़ने के लिए भी कहा गया, जिससे निवेश का दायरा लगातार बढ़ता गया।
भुगतान बंद होते ही सामने आया कथित घोटाला
पीड़ितों के अनुसार फरवरी 2026 से प्लेटफॉर्म ने निवेशकों को भुगतान करना पूरी तरह बंद कर दिया। इसके बाद जब उन्होंने संबंधित लोगों से संपर्क करने की कोशिश की तो कथित आरोपियों के फोन बंद मिले और उनसे संपर्क टूट गया। तभी निवेशकों को ठगी की आशंका हुई।
इसके बाद विभिन्न राज्यों के प्रभावित लोगों ने एक-दूसरे से संपर्क किया और सामूहिक रूप से डोंगरगढ़ पहुंचकर कार्रवाई की मांग करने का फैसला लिया। शुक्रवार को 10 राज्यों के 100 से अधिक निवेशक रेलवे चौक स्थित वेसलियन चर्च के पास पहुंचे और कथित आरोपी कुलजीत सिंह भाटिया के घर का घेराव किया।
कई लोगों पर निवेशकों को जोड़ने का आरोप
नागपुर समेत अन्य शहरों से पहुंचे निवेशकों ने आरोप लगाया कि कुलजीत सिंह भाटिया, जोगेंद्र वर्मा, अभय कुनले और मयंक सहित कुछ लोगों ने ऑनलाइन बैठकों, सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए निवेशकों को इस योजना से जोड़ा। उनका दावा है कि शुरुआत में नियमित भुगतान कर लोगों का विश्वास हासिल किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश किया।
पीड़ितों का कहना है कि इस नेटवर्क में देशभर के हजारों लोगों ने पैसा लगाया है और कुल कथित ठगी की रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि इस राशि की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच, एफआईआर की तैयारी
निवेशकों की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि निवेशकों से कितनी राशि जुटाई गई, पैसा किन खातों में भेजा गया और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
निवेशकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
डोंगरगढ़ पहुंचे निवेशकों ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करने और उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि कई लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत, जमीन बेचकर या कर्ज लेकर इस योजना में निवेश किया था। भुगतान बंद होने के बाद अनेक परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस सभी शिकायतों को एकत्र कर मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि ठगी के आरोप प्रमाणित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।











