छत्तीसगढ़ पर ₹1.79 लाख करोड़ का कर्ज, राजकोषीय घाटा 5.32% पहुंचा; कांग्रेस ने श्वेतपत्र मांगा

कांग्रेस ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर छत्तीसगढ़ पर ₹1.79 लाख करोड़ कर्ज और 5.32% राजकोषीय घाटे का दावा किया। सरकार से श्वेतपत्र की मांग की।

कांग्रेस ने नीति आयोग की वित्तीय स्वास्थ्य रिपोर्ट का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाया। पार्टी ने ₹1.79 लाख करोड़ कर्ज और 5.32% राजकोषीय घाटे का दावा करते हुए सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बढ़ते कर्ज, राजकोषीय घाटे और वित्तीय अनुशासन में गिरावट पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से राज्य की आर्थिक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी कर आय, खर्च और कर्ज का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।

वित्तीय अनुशासन स्कोर में बड़ी गिरावट का दावा

कांग्रेस ने नीति आयोग की ‘वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक रिपोर्ट’ का हवाला देते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ का राजकोषीय अनुशासन स्कोर एक साल में 56 से घटकर 7.4 अंक रह गया है। पार्टी के अनुसार, 18 राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ 17वें स्थान पर पहुंच गया है।

छत्तीसगढ़ पर ₹1.79 लाख करोड़ का कर्ज, राजकोषीय घाटा 5.32% पहुंचा; कांग्रेस ने श्वेतपत्र मांगा

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन का असर राज्य के कर्ज और राजकोषीय घाटे पर दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने इन आंकड़ों को प्रदेश की वित्तीय स्थिति के लिए चिंताजनक बताया।

₹1.79 लाख करोड़ कर्ज पर कांग्रेस के सवाल

कांग्रेस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार पर कुल कर्ज करीब ₹1.79 लाख करोड़ पहुंच गया है। शुक्ला ने कहा कि कर्ज बढ़ने के साथ ब्याज भुगतान का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले बजट का बड़ा हिस्सा कर्ज के ब्याज भुगतान में जा रहा है। कांग्रेस ने सरकार से कर्ज और ब्याज के बढ़ते बोझ पर स्पष्टीकरण मांगा है।

राजकोषीय घाटा 5.32% होने का दावा

शुक्ला ने दावा किया कि राज्य का राजकोषीय घाटा निर्धारित 2.99% के लक्ष्य के मुकाबले बढ़कर 5.32% हो गया है। उनके अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में यह घाटा करीब ₹18,900 करोड़ था, जबकि चालू वित्त वर्ष में इसके ₹20,400 करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है।

कांग्रेस का कहना है कि पिछले ढाई साल में राज्य के कर संग्रह और प्राप्तियों में करीब 60% की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद कर्ज और ब्याज का बोझ बढ़ना सरकार की वित्तीय नीतियों पर सवाल खड़े करता है।

सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राजस्व और कर संग्रह बढ़ने के बावजूद राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत नहीं हो रही है। शुक्ला ने सरकार से सवाल किया कि जब आय बढ़ रही है तो राजकोषीय घाटा और कर्ज क्यों बढ़ रहे हैं।

कांग्रेस ने नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार से वित्तीय स्थिति पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने की मांग की है। साथ ही पार्टी ने आय, खर्च, कर्ज और योजनाओं में बजट के इस्तेमाल का पूरा विवरण सार्वजनिक करने के लिए श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है।

Leave a comment