भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 2% से अधिक की गिरावट आई। मेटल और हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने दबाव बढ़ाया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजार में कमजोरी से निवेशकों में चिंता बढ़ी।
Closing Bell Today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 13 मार्च को भारी गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के अंतिम ट्रेडिंग सत्र में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक टूट गए। बाजार में यह स्थिति कई वजहों से पैदा हुई। पहले से ही दबाव झेल रहे बाजार में मेटल सेक्टर के शेयरों में बड़ी बिकवाली ने गिरावट को और तेज कर दिया। इसके साथ ही हैवी वेट शेयरों में कमजोरी ने भी सेंसेक्स को नीचे खींचा। निवेशकों में चिंता का माहौल देखने को मिला और कुल मिलाकर लगभग 9 लाख करोड़ रुपये की बाजार पूंजी मिट गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
तीस शेयरों वाला BSE सेंसेक्स दिन की शुरुआत 75,444 अंक पर हुई। यह गुरुवार को 76,034 अंक पर बंद हुआ था। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 74,454 अंक तक फिसला और अंत में यह 1,470.50 अंक या 1.93 प्रतिशत की गिरावट लेकर 74,563.92 पर बंद हुआ।
इसी तरह, Nifty-50 ने 150 से अधिक अंक की गिरावट के साथ 23,462 पर कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में गिरावट सीमित रही लेकिन दोपहर होते-होते बिकवाली की गति तेज हो गई। अंत में निफ्टी 488.05 अंक या 2.06 प्रतिशत टूटकर 23,151 पर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
शुक्रवार को बाजार में गिरावट की मुख्य वजहों में तीन कारक शामिल थे। पहला, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर अनिश्चितता। रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने अमेरिकी व्यापार समझौते पर कुछ महीनों के लिए हस्ताक्षर टालने का फैसला किया है। इसका कारण अमेरिकी प्रशासन की नई जांच है जो औद्योगिक क्षमता और ट्रेड पार्टनर्स के संबंधों को लेकर की जा रही है। इससे पिछले महीने बनी शुरुआती सहमति पर फिर से तनाव बढ़ गया।
दूसरा कारण ईरान और अमेरिका के बीच संभावित लंबी अवधि के संघर्ष की आशंका। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने सार्वजनिक बयान में कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य को दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए रणनीतिक रूप से बंद रखा जाना चाहिए। इस बयान से वैश्विक निवेशकों में नकारात्मक भावना पैदा हुई और बाजार पर दबाव बढ़ा।
तीसरा कारण FIIs यानी विदेशी संस्थागत निवेशकों की तेज बिकवाली। पहले से ही बिकवाल बने हुए एफआईआई ने ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच अपनी बिकवाली तेजी से बढ़ा दी। इसके चलते बड़े वेट वाले शेयरों में गिरावट आई और यह सेंसेक्स और निफ्टी के लिए दबाव बन गया।
मेटल और हैवीवेट शेयरों में दबाव
शुक्रवार को बाजार में मेटल स्टॉक्स में भारी बिकवाली देखी गई। इसके कारण निफ्टी और सेंसेक्स दोनों इंडेक्स को बड़ा नुकसान हुआ। साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील जैसे हैवी वेट शेयर भी कमजोर रहे। यह पूरी स्थिति निवेशकों के भरोसे पर असर डाल रही है और अल्पकालिक नकारात्मकता को बढ़ा रही है।
वैश्विक बाजार का असर
भारतीय बाजार पर वैश्विक संकेतों का भी असर दिखा। एशियाई शेयर बाजार में ज्यादातर इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा चलने की आशंका ने कमजोर आर्थिक स्थिति का डर बढ़ा दिया। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्रमशः 1.13 प्रतिशत और 1.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। वहीं ऑस्ट्रेलिया का S&P ASX 200 0.25 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार करता रहा।
अमेरिका में रातभर का कारोबार भी कमजोर रहा। अमेरिकी शेयर बाजार में जोखिम से बचने की भावना नजर आई। S&P 500 1.52 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.56 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। इस तरह वैश्विक निवेशकों की सतर्कता और बेचैनी ने भारतीय बाजार में दबाव को और बढ़ाया।
IPO अपडेट: आज है अंतिम मौका
बाजार में भारी गिरावट के बावजूद निवेशकों के लिए कुछ IPO मौके भी उपलब्ध हैं। राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) और एप्सिस एयरोकॉम का आईपीओ शुक्रवार को आवेदन के लिए अंतिम दिन था। पहले दिन इन इश्यू को क्रमशः 0.36 गुना और 15.60 गुना सब्सक्राइब किया गया। यह निवेशकों को छोटा लेकिन महत्वपूर्ण अवसर देता है, खासकर लंबी अवधि के निवेश के लिए।









