भारतीय शेयर बाजार ने नए वित्त वर्ष के पहले दिन जोरदार रिकवरी दिखाई। सेंसेक्स 1,186 अंक बढ़कर 73,134 पर बंद हुआ। अमेरिकी-ईरान तनाव में कमी की उम्मीद और एशियाई बाजारों की मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन यानी बुधवार, 1 अप्रैल को जोरदार शुरुआत की। एशियाई बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच बाजार बढ़त के साथ खुले। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बयान ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट को समर्थन दिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध दो या तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। इस उम्मीद से निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की, जिससे बाजार में रिकवरी देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) बुधवार को 73,762 अंक पर खुला। पिछले सोमवार यह 71,947 अंक पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 73,964 अंक के हाई लेवल तक पहुंच गया। अंत में सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,134.32 पर बंद हुआ।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 22,899 अंक पर खुला। सोमवार को यह 22,331 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 22,941 अंक के हाई लेवल तक गया। दिन के अंत में निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,679 पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी इंडेक्स हैवीवेट शेयरों की मदद से आई। HDFC Bank, Reliance Industries और L&T के शेयरों में बढ़त ने इंडेक्स को मजबूती दी। हालांकि, कारोबार के अंत में कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली से दिन की बड़ी बढ़त कम हो गई।
निवेशकों की वेल्थ में बढ़ोतरी
शेयर बाजार में बुधवार को आई तेजी से निवेशकों की कुल वेल्थ में भी इजाफा हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप दोपहर 12:21 बजे 4,24,34,466 करोड़ रुपये पर था, जबकि सोमवार को यह 4,11,55,003 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस तरह निवेशकों की वेल्थ में 12,79,463 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में इस तेजी के पीछे वैश्विक मार्केट्स का सकारात्मक रुख, अमेरिका-ईरान तनाव में कमी की उम्मीद और घरेलू निचले स्तर पर खरीदारी का संयोजन रहा।
एशियाई बाजारों की स्थिति
एशियाई बाजारों में भी बुधवार को मजबूती देखने को मिली। कोस्पी इंडेक्स सबसे आगे रहा और इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज हुई। जापान का निक्केई 225 और चीन का CSI 300 क्रमशः 3.9 प्रतिशत और 1.3 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे। यह संकेत देता है कि एशियाई निवेशक अमेरिकी-ईरान तनाव में कमी की उम्मीद के साथ सकारात्मक रुख अपनाए हुए हैं।
अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी बुधवार को मजबूत बढ़त देखने को मिली। S&P 500 में 2.5 प्रतिशत और Dow Jones Industrial Average में 2.9 प्रतिशत की तेजी आई। Nasdaq Composite 3.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजार में तेजी के पीछे कच्चे तेल के उत्पादन में कमी और पॉजिटिव इकॉनमी संकेत रहे।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में अमेरिकी कच्चे तेल का उत्पादन 4,10,000 बैरल प्रति दिन घटकर 1.325 करोड़ बैरल प्रति दिन रह गया। उत्पादन में यह गिरावट तेल की कीमतों पर असर डालती है और ऊर्जा सेक्टर के शेयरों को मजबूती देती है।
ब्रेंट क्रूड का रुझान
एशियाई सेशन में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude Oil) की कीमतों में भी तेजी रही। अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 105.46 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 1.43 प्रतिशत अधिक है। तेल कीमतों में यह बढ़त ऊर्जा सेक्टर के शेयरों को समर्थन देती है और मार्केट सेंटीमेंट को मजबूती प्रदान करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों में स्थिरता और अमेरिकी उत्पादन में कमी से न केवल वैश्विक ऊर्जा मार्केट में संतुलन बना है बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।









