Closing Bell: बजट से पहले बाजार में सतर्कता, सेंसेक्स 297 अंक टूटा; निफ्टी 25,320 पर बंद

बजट 2026 से पहले निवेशकों की सतर्कता से शेयर बाजार दबाव में रहा। सेंसेक्स 297 अंक गिरा, निफ्टी 25,320 पर बंद। मेटल और IT शेयरों में भारी बिकवाली दिखी।

बजट 2026 से पहले शेयर बाजार में सतर्कता दिखी। शुक्रवार को सेंसेक्स 297 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,320 के स्तर पर फिसल गया। मेटल और IT शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में रहा।

Closing Bell Today: शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार बजट से ठीक पहले दबाव में नजर आया। निवेशकों ने जोखिम लेने से बचते हुए सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर सीधे बाजार की चाल पर दिखा। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों, मेटल शेयरों में तेज बिकवाली और विदेशी निवेशकों की निरंतर सेलिंग के कारण बाजार दिनभर कमजोरी में रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स करीब 297 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,320 के स्तर पर फिसल गया।

बाजार की यह चाल साफ इशारा करती है कि निवेशक केंद्रीय बजट 2026 से पहले बड़े दांव लगाने के मूड में नहीं हैं। बजट रविवार 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाना है और उससे पहले बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स गिरावट के साथ 81,947 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार से ही दबाव दिखने लगा और दिन के दौरान यह 500 अंक से ज्यादा फिसल गया। हालांकि आखिरी घंटे में थोड़ी रिकवरी जरूर दिखी, लेकिन इसके बावजूद सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,269.78 पर बंद हुआ।

वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी कमजोर शुरुआत के साथ 25,247 पर खुला। दिन के दौरान निफ्टी ने 25,213 का इंट्रा-डे लो देखा। कारोबार खत्म होने पर यह 98.25 अंक या 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,320.65 पर बंद हुआ।

बजट से पहले क्यों बढ़ी निवेशकों की चिंता

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह बजट से पहले की अनिश्चितता रही। निवेशक यह जानना चाहते हैं कि सरकार टैक्सेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपेक्स और कंजम्पशन को लेकर क्या बड़े ऐलान करती है। ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफावसूली करना बेहतर समझा।

इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ी। आईटी और मेटल जैसे सेक्टर में दबाव ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया।

मेटल शेयरों में जबरदस्त बिकवाली

शुक्रवार के कारोबार में सबसे ज्यादा मार मेटल शेयरों पर पड़ी। निफ्टी मेटल इंडेक्स 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। टाटा स्टील का शेयर करीब 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया।

विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक मांग को लेकर चिंता, कमोडिटी प्राइस में उतार-चढ़ाव और बजट से पहले सेक्टर पर संभावित असर को लेकर निवेशकों ने मेटल शेयरों से दूरी बनाई।

IT शेयरों ने भी दिया झटका

मेटल के अलावा आईटी शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में गिरावट रही।

अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की कमजोरी और डॉलर के उतार-चढ़ाव का असर भी घरेलू आईटी शेयरों पर पड़ा। निवेशक आईटी कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजों और वैश्विक मांग के संकेतों को लेकर सतर्क नजर आए।

सेंसेक्स के टॉप लूजर्स और गेनर्स

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील, पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। इन शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

दूसरी ओर कुछ शेयरों ने गिरते बाजार में भी मजबूती दिखाई। एमएंडएम, एसबीआई, आईटीसी, एचयूएल, बीईएल और टाइटन बढ़त के साथ बंद हुए। इन शेयरों में 1 से 1.3 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई।

ब्रॉडर मार्केट का मिला-जुला रुख

ब्रॉडर बाजारों में तस्वीर थोड़ी अलग नजर आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.19 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा।

यह दिखाता है कि कुछ निवेशक चुनिंदा स्मॉलकैप शेयरों में अब भी मौके तलाश रहे हैं, जबकि बड़े शेयरों में फिलहाल सावधानी बरती जा रही है।

सेक्टर परफॉर्मेंस की पूरी तस्वीर

सेक्टर के लिहाज से देखें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। इसके बाद निफ्टी आईटी इंडेक्स दबाव में रहा।

वहीं निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स ने बाजार को कुछ सहारा दिया और ये सेक्टर बढ़त के साथ बंद हुए। एफएमसीजी शेयरों में मजबूती यह संकेत देती है कि निवेशक डिफेंसिव सेक्टर की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट से कैसे रहे संकेत

एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी देखने को मिली। इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अगले फेडरल रिजर्व प्रमुख के नाम का ऐलान करेंगे।

जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.25 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.05 प्रतिशत चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।

अमेरिकी बाजारों का असर

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। माइक्रोसॉफ्ट और अन्य सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में कमजोरी से बाजार पर दबाव रहा।

एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.13 प्रतिशत गिरा। नैस्डैक कंपोजिट 0.72 प्रतिशत नीचे आया। हालांकि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

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