काला गुब्बारा कहानी: रंग नहीं, आत्मविश्वास तय करता है इंसान की उड़ान

काला गुब्बारा कहानी: रंग नहीं, आत्मविश्वास तय करता है इंसान की उड़ान

अक्सर हम अपने रंग, रूप या परिस्थितियों को लेकर हीनता का शिकार हो जाते हैं। हमें लगता है कि सफलता सिर्फ सुंदर और साधन संपन्न लोगों के लिए बनी है। यह कहानी एक गुब्बारे वाले और एक मासूम बच्चे की है, जो हमें जीवन का एक बहुत गहरा और सुंदर सच समझाती है।

मुख्य कहानी

एक बार शहर में एक बहुत बड़ा मेला लगा हुआ था। मेले में तरह तरह की दुकानें सजी थीं। उन्हीं दुकानों के बीच एक गुब्बारे वाला खड़ा था जो गैस वाले रंग बिरंगे गुब्बारे बेच रहा था। उसके पास लाल, पीले, नीले, हरे और बैंगनी रंग के बहुत सारे गुब्बारे थे।

गुब्बारे वाले की बिक्री जब भी कम होने लगती, तो वह अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए एक तरकीब अपनाता। वह एक गुब्बारे में हीलियम गैस भरता और उसे हवा में उड़ा देता। बच्चे जब उस गुब्बारे को आसमान में उड़ते हुए देखते, तो वे बहुत खुश होते और गुब्बारे खरीदने के लिए दौड़ पड़ते।

एक दिन, गुब्बारे वाले की बिक्री थोड़ी कम थी। उसने हमेशा की तरह एक चमकीला पीला गुब्बारा हवा में छोड़ दिया। गुब्बारा देखते ही देखते बादलों की तरफ उड़ने लगा।

तभी गुब्बारे वाले ने महसूस किया कि कोई उसकी शर्ट को पीछे से धीरे धीरे खींच रहा है। उसने पीछे मुड़कर देखा तो वहां एक छोटा सा बच्चा खड़ा था। बच्चे का रंग गहरा साँवला था और वह बड़े गौर से गुब्बारों को देख रहा था।

बच्चे ने बड़ी मासूमियत से गुब्बारे वाले से पूछा, 'अंकल, अगर आप इस काले रंग के गुब्बारे को हवा में छोड़ेंगे, तो क्या वह भी बाकी गुब्बारों की तरह ऊपर उड़ेगा?'

बच्चे का सवाल सुनकर गुब्बारे वाले का दिल पसीज गया। वह समझ गया कि यह बच्चा अपने रंग को लेकर शायद मन ही मन दुखी है।

गुब्बारे वाले ने बहुत प्यार से उस बच्चे के सिर पर हाथ फेरा और मुस्कुराते हुए कहा, 'बेटा, यह गुब्बारा अपने रंग की वजह से नहीं उड़ता, और न ही वह पीला गुब्बारा अपने रंग की वजह से उड़ा था। यह गुब्बारा इसलिए उड़ता है क्योंकि इसके 'अंदर' क्या भरा है। इसके अंदर जो गैस है, वह इसे ऊपर ले जाती है।'

उसने आगे समझाया, 'चाहे गुब्बारा काला हो या सफेद, अगर उसके अंदर ऊपर उठने वाली शक्ति (गैस) है, तो वह जरूर उड़ेगा।'

बच्चे को अपनी शंका का समाधान मिल गया। वह बहुत खुश हुआ और समझ गया कि रंग नहीं, बल्कि अंदर के गुण मायने रखते हैं।

सीख 

यह कहानी हमें यह अनमोल सीख देती है कि हमारा बाहरी रंग रूप, वेशभूषा या हम किस परिवार में पैदा हुए हैं, यह हमारी सफलता तय नहीं करता। असल में यह मायने रखता है कि हमारे 'अंदर' क्या है। हमारे विचार, हमारा आत्मविश्वास और हमारी काबिलियत ही वह शक्ति है जो हमें जीवन में ऊंचाइयों तक ले जाती है। जिस तरह गुब्बारा अपने अंदर भरी गैस के कारण उड़ता है, उसी तरह इंसान अपने अंदर भरे आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के कारण सफल होता है।

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