Closing Bell: शेयर बाजार में लगातार चौथी गिरावट, Nifty 25,942 पर बंद

Closing Bell: शेयर बाजार में लगातार चौथी गिरावट, Nifty 25,942 पर बंद

सोमवार को शेयर बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। Sensex 345 अंक टूटकर 84,695 पर बंद हुआ जबकि Nifty 25,942 के स्तर पर फिसल गया। साल के अंत से पहले मुनाफावसूली और सतर्क निवेशकों ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।

Closing Bell Today: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार 29 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार ने लगभग सपाट शुरुआत की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया। कारोबार के आखिरी घंटों में कमजोरी और गहरी हो गई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। नए साल 2026 से पहले निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली का असर साफ तौर पर बाजार की चाल में दिखा।

बाजार की कमजोर क्लोजिंग

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सुबह करीब 85,004 अंक के आसपास लगभग सपाट खुला था। शुरुआती कारोबार में इसमें हल्की तेजी भी दिखी, लेकिन यह बढ़त टिक नहीं पाई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बाजार पर बिकवाली हावी होती चली गई। अंत में सेंसेक्स 345.91 अंक या 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,695.54 के स्तर पर बंद हुआ।

इसी तरह नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 26,063 के आसपास सपाट खुला। दिन के दौरान निफ्टी में उतार-चढ़ाव बना रहा और यह 25,920 के इंट्रा-डे लो तक फिसल गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 25,942 के स्तर पर बंद हुआ। लगातार चौथे दिन निफ्टी का लाल निशान में बंद होना यह संकेत देता है कि फिलहाल बाजार में मजबूती के बजाय सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

हैवीवेट शेयरों का असर

सोमवार के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारती एयरटेल जैसे हैवीवेट शेयरों की चाल ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। इन बड़े शेयरों की गतिविधियों का सीधा असर प्रमुख इंडेक्स पर पड़ा। जब भी हैवीवेट स्टॉक्स में हलचल आती है, तो उसका असर पूरे बाजार पर दिखता है, और आज का सत्र भी इसका उदाहरण रहा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के दिनों में बाजार में आई तेजी के बाद अब निवेशक प्रॉफिट बुकिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी वजह से बड़े शेयरों में हल्का दबाव भी इंडेक्स को नीचे की ओर खींच लेता है।

नए साल से पहले निवेशकों की रणनीति

नए साल 2026 से पहले निवेशकों का रुख काफी सतर्क नजर आ रहा है। बाजार में फिलहाल कोई बड़ा ट्रिगर नहीं दिख रहा है, जिससे निवेशक आक्रामक खरीदारी करें। कई निवेशक साल के अंत में अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने और मुनाफा सुरक्षित करने पर ध्यान दे रहे हैं।

इसके अलावा, ग्लोबल संकेतों और आने वाले दिनों में अहम डेटा का इंतजार भी निवेशकों को फिलहाल किनारे रहने के लिए मजबूर कर रहा है। यही वजह है कि बाजार में हल्की-फुल्की तेजी के बावजूद टिकाऊ मजबूती नहीं बन पा रही है।

Global Markets का संकेत

ग्लोबल मार्केट्स की बात करें तो एशियाई शेयर बाजार सोमवार को छह हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गए। वहीं, अमेरिकी डॉलर लगभग तीन महीने के निचले स्तर के पास बना रहा। इसके पीछे यह उम्मीद बताई जा रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) अगले साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।

ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद के चलते कीमती धातुओं में भी मजबूती देखी गई। हालांकि, भारतीय शेयर बाजार पर इन पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों का सीमित असर ही दिखा।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 1.5 प्रतिशत की तेजी के साथ लगभग दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। खास बात यह रही कि इस साल अब तक कोस्पी में करीब 74 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है, जो 1999 के बाद इसकी सबसे बेहतरीन सालाना तेजी की ओर इशारा करती है।

जापान का निक्केई इंडेक्स 0.4 प्रतिशत फिसला, जबकि ताइवान का शेयर बाजार 0.3 प्रतिशत की तेजी के साथ रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। छुट्टियों के चलते यह कारोबारी हफ्ता छोटा रहने वाला है और निवेशकों की नजर मंगलवार को आने वाली फेड की पिछली बैठक के मिनट्स पर बनी हुई है।

IPO से जुड़ा अपडेट

आईपीओ फ्रंट पर सोमवार को मुख्यबोर्ड में कोई नया इश्यू खुलता नहीं दिखा। गुजरात किडनी आईपीओ की लिस्टिंग मंगलवार को शेयर बाजार में होने की संभावना है। यह इश्यू 22 से 24 दिसंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था।

वहीं, एसएमई सेगमेंट में E to E Transportation Infrastructure Ltd. का IPO आज दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। एसएमई सेगमेंट के निवेशक इस इश्यू को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं, जबकि मेनबोर्ड पर फिलहाल नई हलचल नहीं है।

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