वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। ऑयल एंड गैस तथा मेटल शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स 487 अंक चढ़ा। निफ्टी 25,342 के स्तर पर क्लोज हुआ।
Closing Bell: वैश्विक बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार 28 जनवरी 2026 को मजबूती के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते ऑयल एंड गैस सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, जबकि मेटल शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट दिया। निवेशकों की नजर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों और भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिए जाने की खबरों पर बनी रही।
बाजार की ओपनिंग और क्लोजिंग
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) हल्की बढ़त के साथ 81,892 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी देखने को मिली, हालांकि दिन के दौरान सेंसेक्स कुछ समय के लिए सपाट स्तर पर भी पहुंच गया। अंत में यह 487.20 अंक या 0.60 प्रतिशत की मजबूती के साथ 82,344.68 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 25,258 अंक पर ओपन हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 25,372 का हाई और 25,187 का लो लेवल छुआ। अंत में 167.35 अंक या 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,342 के स्तर पर क्लोजिंग दी।
ऑयल और गैस सेक्टर में उछाल
कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का सीधा असर ऑयल एंड गैस शेयरों पर पड़ा। इस सेक्टर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की धारणा मजबूत बनी रही। निवेशकों ने इस सेक्टर में नए सिरे से पोजीशन बनाई, जिससे इंडेक्स को ऊपर की ओर सपोर्ट मिला।
मेटल शेयरों से मिला सपोर्ट
मेटल शेयरों में आई मजबूती भी बाजार के लिए अहम रही। घरेलू और वैश्विक संकेतों के चलते मेटल कंपनियों के शेयरों में अच्छी मांग देखने को मिली। इससे ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक माहौल बना और मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयरों में तेजी देखने को मिली।
एक्सपर्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू बाजारों में सकारात्मक रुख बना रहा। इसे भारत–यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से समर्थन मिला। मेटल्स, फाइनेंशियल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में मजबूती के चलते ब्रॉडर इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया।
उन्होंने यह भी बताया कि निवेशकों के साइक्लिकल सेक्टरों की ओर रुख करने के कारण एफएमसीजी (FMCG) शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा, जहां निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं। आमतौर पर ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन साल के अंत में संभावित दर कटौती को लेकर फेड चेयर के गाइडेंस पर बाजार की नजर बनी हुई है।
टॉप गेनर्स की लिस्ट
सेंसेक्स की कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 9 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुए। कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों के चलते इसमें जबरदस्त उछाल देखा गया। इसके अलावा इटरनल, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड और ट्रेंट लिमिटेड भी दिन के टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
टॉप लूजर्स की स्थिति
दूसरी ओर कुछ दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और सन फार्मा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ये दिन के सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।
ब्रॉडर मार्केट का हाल
ब्रॉडर मार्केट में मजबूती का माहौल बना रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.26 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ क्लोज हुआ। यह संकेत देता है कि निवेशकों की दिलचस्पी केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3.40 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की गई। इसके उलट निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 0.71 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली, जो मुनाफावसूली का संकेत देता है।
एशियाई बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। आखिरी अपडेट के मुताबिक जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.43 प्रतिशत गिरा। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। ऑस्ट्रेलिया का एस एंड पी एएसएक्स 200 लगभग सपाट रहा, हालांकि इसमें हल्की गिरावट का रुझान देखा गया।








