CM मोहन यादव ने हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का किया भूमिपूजन, उज्जैन में 1133.67 करोड़ की लागत से बनेगा महाकाय प्रोजेक्ट

उज्जैन में 1133.67 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली महाकाय हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का CM मोहन यादव ने भूमिपूजन किया। पूरी जानकारी पढ़ें। गरीब कल्याण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उज्जैन के कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर ₹1,133.67 करोड़ की लागत से विकसित होने वाली हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन किया और ₹47.23 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन किया। इस परियोजना की कुल लागत ₹1,133.67 करोड़ है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ₹47.23 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले 11 अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालिदास अकादमी में आयोजित इस कार्यक्रम में कहा कि यह परियोजना उज्जैन को सिंहस्थ 2028 के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी। 

उन्होंने बताया कि हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना से शहर के प्रत्येक घर में लंबे समय तक जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी और श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल मिलेगा।

सिंगल क्लिक से प्रोजेक्ट संवर्धन की शुरुआत

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु पोषण के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन की शुरुआत भी सिंगल क्लिक के माध्यम से की। उन्होंने कार्यक्रम से पहले जल आवर्धन परियोजना और क्षेत्र में जल आपूर्ति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बनाया जा रहा है। मोक्षदायिनी शिप्रा मैया की कृपा से सिंहस्थ 2028 के दौरान यहाँ लाखों श्रद्धालु आएंगे। हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा, भगवान महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन सिंहस्थ के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है। इस परियोजना से न सिर्फ श्रद्धालुओं को जल मिलेगा, बल्कि शहर का विकास भी सुनिश्चित होगा।

गरीब कल्याण और शिक्षा पर फोकस

मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि उनकी सरकार गरीब से गरीब के कल्याण में लगी हुई है। उज्जैन जिले में प्रोजेक्ट संवर्धन के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने मेधावी छात्रों का सम्मान किया और सफाई कर्मचारियों को किट वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित कीं। डॉ. यादव ने उज्जैन में आयुर्वेद का धनवंतरी इंस्टीट्यूट खोलने की भी घोषणा की, जिससे आयुर्वेद की पढ़ाई और चिकित्सा का बड़ा अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। उज्जैन, ओरछा सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी कर आदर्श प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने के लिए रोजगार आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उज्जैन के पास रेडीमेड गारमेंट की यूनिट शुरू होने से महिलाओं को काम करने के अवसर मिलेंगे।

डॉ. यादव ने आकाशवाणी उज्जैन के माध्यम से शहर के कार्यक्रमों और प्रतिभा को प्रसारित करने की भी सराहना की। इससे सिंहस्थ से जुड़ी खबरें आम जनता तक आसानी से पहुंचेंगी।

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