दिल्ली-एनसीआर में IGL स्टेशनों पर वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट के बिना CNG भरने पर रोक है। AI सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट से सिलेंडर की वैधता जांचता है। वाहन नंबर, नाम और मोबाइल से सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है।
CNG Hydro Test Certificate:: दिल्ली-एनसीआर में CNG वाहनों के सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग को लेकर सख्ती बढ़ गई है। IGL स्टेशनों पर वैध सर्टिफिकेट के बिना वाहन में CNG नहीं भरी जाएगी। इसके लिए AI आधारित सिस्टम नंबर प्लेट स्कैन करके सिलेंडर की स्थिति जांचता है। अगर आपने हाइड्रो टेस्टिंग करा ली है, तो वाहन नंबर, मालिक का नाम और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की मदद से सर्टिफिकेट फोन पर डाउनलोड किया जा सकता है।
IGL CNG पंपों पर हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट जरूरी
दिल्ली-एनसीआर में CNG वाहनों को लेकर IGL स्टेशनों पर नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। जिन वाहनों के CNG सिलेंडर का वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है, उनमें CNG भरने से रोका जा सकता है। इसलिए CNG वाहन मालिकों के लिए सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग समय पर कराना और उसका सर्टिफिकेट सुरक्षित रखना जरूरी है।

CNG सिलेंडर में गैस करीब 200 बार के दबाव में भरी जाती है। लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण सिलेंडर की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से Petroleum and Explosives Safety Organization यानी PESO के नियमों के तहत CNG सिलेंडर की हर 3 साल में हाइड्रो टेस्टिंग कराना अनिवार्य है।
AI कैमरों से जांचा जा रहा CNG सिलेंडर का स्टेटस
IGL ने अपने CNG स्टेशनों पर वाहनों की पहचान और सिलेंडर की वैधता जांचने के लिए Automated Vehicle Recognition System लगाया है। जैसे ही CNG वाहन स्टेशन पर पहुंचता है, हाईटेक कैमरे उसकी नंबर प्लेट को कैप्चर करते हैं।
इसके बाद AI आधारित सिस्टम वाहन के रिकॉर्ड से जुड़े सिलेंडर की स्थिति की जांच करता है। अगर सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट वैध है, तो वाहन में CNG भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। वहीं, अगर सिलेंडर का टेस्ट एक्सपायर हो चुका है, तो सिस्टम इसकी जानकारी देता है।
ऐसी स्थिति में स्टेशन पर लगी LED स्क्रीन और Public Announcement System के जरिए अलर्ट दिया जा सकता है और वाहन में CNG भरने से रोक दिया जाता है। इसलिए वाहन मालिकों को यात्रा से पहले अपने CNG सिलेंडर की हाइड्रो टेस्ट वैधता जांच लेना बेहतर है।
फोन से ऑनलाइन ऐसे डाउनलोड करें CNG हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट
अगर आपने CNG सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग करा ली है, लेकिन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी आपके पास नहीं है, तो इसे ऑनलाइन देखा और डाउनलोड किया जा सकता है। इसके लिए फोन में इंटरनेट ब्राउजर खोलकर online.peso.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
वेबसाइट पर Search CNG Certificate By Vehicle No विकल्प चुनें। इसके बाद दिए गए विकल्पों में अपनी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर का सही फॉर्मेट चुनें। अब वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, मालिक का पूरा नाम और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें।
इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कैप्चा कोड भरकर Continue पर क्लिक करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आने के बाद उसे दर्ज करें। आवश्यक कैप्चा जानकारी भरने के बाद View Report विकल्प पर क्लिक करें।
वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद स्क्रीन पर वाहन का Cylinder Test Certificate दिखाई देगा। इसे फोन में PDF फॉर्मेट में सेव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर CNG स्टेशन पर इसी डिजिटल सर्टिफिकेट को दिखाया जा सकता है।
सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए इन जानकारियों की जरूरत
ऑनलाइन CNG हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट देखने या डाउनलोड करने से पहले वाहन मालिक को कुछ जरूरी जानकारी अपने पास रखनी होगी। इनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, वाहन मालिक का पूरा नाम और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर शामिल हैं।
OTP वेरिफिकेशन के कारण वही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना जरूरी होगा जो वाहन के रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड है। सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के बाद इसे फोन में सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि CNG स्टेशन पर जरूरत पड़ने पर आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
CNG वाहन मालिकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि केवल सर्टिफिकेट अपने फोन में रखना पर्याप्त नहीं है। सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग निर्धारित समय पर कराना और उसकी वैधता बनाए रखना जरूरी है।











