कोलंबिया में विनाशकारी भूकंप के बाद राष्ट्रपति की ट्रंप से अपील, टैरिफ अस्थायी रूप से हटाने की मांग

कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही के बाद राष्ट्रपति डी ला एस्प्रियेला ने ट्रंप से व्यापारिक राहत के लिए टैरिफ अस्थायी रूप से हटाने की अपील की।

कोलंबिया में शक्तिशाली भूकंप से करीब 300 लोगों की मौत और हजारों घरों को नुकसान पहुंचने के बाद राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रियेला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की। उन्होंने प्रभावित कारोबारियों को राहत देने के लिए टैरिफ निलंबित करने की मांग की।

बोगोटा: कोलंबिया इस समय विनाशकारी भूकंप के बाद बड़े मानवीय और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में आए शक्तिशाली भूकंप ने पश्चिमी हिस्से के कई शहरों को प्रभावित किया है। बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, हजारों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और पुनर्निर्माण की चुनौती सरकार के सामने खड़ी हो गई है। इसी बीच कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रियेला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत कर कोलंबियाई उत्पादों पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ को अस्थायी रूप से निलंबित करने की अपील की है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भूकंप से प्रभावित अर्थव्यवस्था और कारोबार को राहत देने के लिए अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्क में कुछ समय के लिए छूट जरूरी है। उनके मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा ने देश के सामने पहले से मौजूद आर्थिक चुनौतियों को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में व्यापारिक गतिविधियों को सहारा देना और प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए संसाधन जुटाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

भूकंप से करीब 300 लोगों की मौत का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसने देश के पश्चिमी हिस्से में भारी तबाही मचाई। कैलि और पेरेरा जैसे शहरों में भूकंप का असर विशेष रूप से देखा गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 300 लोगों की मौत हुई है और लगभग 13 हजार घरों को नुकसान पहुंचा या वे पूरी तरह नष्ट हो गए।

भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की चुनौती भी बढ़ गई है। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, उन्हें भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा तैयार करने की जरूरत है।

ऐसी परिस्थितियों में सरकार के सामने आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गई है। राष्ट्रपति ने इसी संदर्भ में अमेरिका से व्यापारिक राहत की मांग की है।

ट्रंप से करीब 10 मिनट हुई बातचीत

कोलंबिया के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से करीब 10 मिनट तक बातचीत की। उन्होंने कहा कि बातचीत का माहौल दोस्ताना और सौहार्दपूर्ण रहा। इस दौरान ट्रंप ने भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

डी ला एस्प्रियेला के अनुसार, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने कोलंबिया के सामने खड़ी आर्थिक और मानवीय चुनौतियों को रखा। उन्होंने ट्रंप से अनुरोध किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कोलंबियाई उत्पादों पर लागू ऊंचे टैरिफ को कुछ समय के लिए निलंबित किया जाए।

राष्ट्रपति ने कहा कि इससे कोलंबियाई कारोबारियों को तत्काल राहत मिल सकती है और भूकंप के बाद आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कोलंबियाई उत्पादों पर बढ़ा अमेरिकी टैरिफ

रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के अंत में कोलंबियाई उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया था। हालांकि, कॉफी और तेल सहित कुछ उत्पादों को इस बढ़ोतरी से अलग रखा गया था।

यह बढ़ा हुआ शुल्क 24 जुलाई से प्रभावी हुआ। इससे पहले लागू वैश्विक शुल्क व्यवस्था की अवधि समाप्त होने के बाद नई दरें लागू की गईं। ऐसे समय में जब कोलंबिया भूकंप से हुई तबाही के बाद पुनर्निर्माण की चुनौती का सामना कर रहा है, बढ़े हुए व्यापार शुल्क ने सरकार और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।

राष्ट्रपति का तर्क है कि टैरिफ में अस्थायी राहत से स्थानीय कारोबारियों को कुछ राहत मिल सकती है। इससे प्रभावित अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने और रोजगार तथा व्यापारिक गतिविधियों को बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति बोले- पुनर्निर्माण के सामने बड़ी चुनौती

डी ला एस्प्रियेला ने भूकंप के बाद देश की स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने एक साथ कई मोर्चों पर काम करने की चुनौती है। एक ओर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद करनी है, वहीं दूसरी ओर क्षतिग्रस्त घरों और बुनियादी ढांचे को दोबारा तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि जिस आर्थिक स्थिति में उन्होंने सत्ता संभाली है, उसमें पुनर्निर्माण का काम आसान नहीं होगा। भूकंप ने इस चुनौती को और बड़ा बना दिया है।

सरकार के सामने अब राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन जुटाने की जरूरत है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी सहयोग से जुड़ी नीतियां भी महत्वपूर्ण हो गई हैं।

ट्रंप ने चुनाव के दौरान किया था समर्थन

अबेलार्डो डी ला एस्प्रियेला कोलंबिया की राजनीति में दक्षिणपंथी नेता के तौर पर पहचाने जाते हैं। राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके समर्थन में अपनी राय जाहिर की थी। डी ला एस्प्रियेला ने वामपंथी नेता गुस्तावो पेट्रो के बाद राष्ट्रपति पद संभाला।

सत्ता में आने के बाद से उनकी सरकार ने अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

डी ला एस्प्रियेला की सरकार अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में भूकंप के बाद टैरिफ में राहत की उनकी मांग दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

‘शील्ड ऑफ द अमेरिकाज’ गठबंधन में शामिल हुआ कोलंबिया

डी ला एस्प्रियेला के नेतृत्व में कोलंबिया अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘शील्ड ऑफ द अमेरिकाज’ नामक क्षेत्रीय सुरक्षा गठबंधन से भी जुड़ा है। इस पहल का उद्देश्य लैटिन अमेरिका में सीमा पार संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाना है।

इस गठबंधन में अमेरिका के साथ अर्जेंटीना, इक्वाडोर और अल सल्वाडोर जैसे देशों की भागीदारी बताई गई है। सदस्य देश आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने और सुरक्षा तथा न्यायिक एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर काम करते हैं।

कोलंबिया के लिए यह सहयोग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश लंबे समय से गुरिल्ला समूहों और संगठित अपराध से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करता रहा है।

अमेरिका और इजराइल के साथ सैन्य सहयोग की योजना

राष्ट्रपति डी ला एस्प्रियेला अमेरिका और इजराइल के साथ सैन्य सहयोग को मजबूत करने की योजना भी आगे बढ़ा रहे हैं। इसका उद्देश्य देश की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना और गुरिल्ला समूहों के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाना बताया गया है।

इस नीति के तहत सैन्य प्रशिक्षण, सुरक्षा सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, इन योजनाओं के साथ मानवीय और राजनीतिक पहलुओं को लेकर भी बहस जारी रह सकती है।

भूकंप के बीच व्यापारिक राहत की मांग क्यों अहम?

कोलंबिया के लिए इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता भूकंप से प्रभावित लोगों को राहत देना और क्षतिग्रस्त इलाकों को दोबारा खड़ा करना है। इसके लिए सरकारी खर्च बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में निर्यातकों और कारोबारियों पर अतिरिक्त व्यापारिक शुल्क का दबाव आर्थिक पुनर्प्राप्ति को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका कोलंबिया के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। इसलिए राष्ट्रपति की टैरिफ निलंबित करने की अपील का उद्देश्य केवल कारोबारियों को राहत देना नहीं, बल्कि आपदा के बाद आर्थिक गतिविधियों को स्थिर बनाए रखना भी है।

यदि अमेरिका कुछ समय के लिए अतिरिक्त शुल्क में राहत देता है, तो कोलंबियाई कंपनियों को अपने उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे सरकार को पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक गतिविधियों को गति देने का अवसर भी मिल सकता है।

पुनर्निर्माण पर टिकी कोलंबिया की नजर

भूकंप के बाद कोलंबिया के सामने राहत और पुनर्निर्माण का लंबा दौर शुरू हो गया है। हजारों घरों को नुकसान पहुंचने के कारण बड़ी संख्या में परिवारों के पुनर्वास की जरूरत है। इसके अलावा सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सेवाओं को बहाल करना भी चुनौतीपूर्ण होगा।

राष्ट्रपति की अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत इसी व्यापक आर्थिक चुनौती का हिस्सा है। कोलंबिया अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग, व्यापारिक राहत और घरेलू संसाधनों के जरिए आपदा से उबरने की कोशिश करेगा।

भूकंप से हुई तबाही ने देश की अर्थव्यवस्था और प्रशासन के सामने गंभीर परीक्षा खड़ी कर दी है। ऐसे में अमेरिका के साथ व्यापार और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना डी ला एस्प्रियेला सरकार की रणनीति का अहम हिस्सा बना हुआ है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी प्रशासन कोलंबिया की टैरिफ में अस्थायी राहत की मांग पर क्या निर्णय लेता है।

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