कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारत की उम्मीदें जूडो और ट्रैक साइक्लिंग पर टिकी हैं। रोनाल्डो सिंह और लिशा दास सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे, जबकि जूडो में तीन भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे।
CWG 2026: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्रतियोगिता के आखिरी दिन भारतीय दल जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में मजबूत चुनौती पेश करेगा। भारत अब तक शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों सहित कुल 39 पदक जीत चुका है तथा पदक तालिका में चौथे स्थान पर बना हुआ है। अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों के पास इस उपलब्धि को और बेहतर बनाने का सुनहरा अवसर होगा। भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें खास तौर पर ट्रैक साइक्लिंग के स्टार खिलाड़ी रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम और पैरा साइक्लिस्ट लिशा दास पर रहेंगी। दोनों खिलाड़ी सीधे पदक मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। वहीं जूडो में ईशरूप नारंग, अवतार सिंह और यश घंघास से भी पदक की उम्मीद की जा रही है।
ट्रैक साइक्लिंग में भारत की मजबूत दावेदारी
प्रतियोगिता के अंतिम दिन की शुरुआत पुरुषों की 40 किलोमीटर प्वाइंट्स रेस से होगी। भारत की ओर से दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों शुरुआती राउंड में उतरेंगे। यदि दोनों खिलाड़ी क्वालिफिकेशन पार करने में सफल रहते हैं तो वे फाइनल में भारत के लिए पदक की चुनौती पेश करेंगे।
प्वाइंट्स रेस ट्रैक साइक्लिंग की सबसे चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में से एक मानी जाती है, जहां खिलाड़ियों को लगातार गति, रणनीति और सहनशक्ति का प्रदर्शन करना होता है। भारतीय साइक्लिस्टों ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे उनसे अच्छी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
रोनाल्डो सिंह पर रहेंगी सभी की निगाहें
भारत के स्टार साइक्लिस्ट रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम पुरुषों की 1000 मीटर टाइम ट्रायल स्पर्धा के फाइनल में सीधे उतरेंगे। यह सीधा पदक मुकाबला होगा, इसलिए एक मजबूत प्रदर्शन उन्हें भारत के लिए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक दिला सकता है।
रोनाल्डो अपनी तेज शुरुआत, संतुलित गति और दमदार फिनिश के लिए जाने जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद ट्रैक साइक्लिस्टों में शामिल किया है। अंतिम दिन उनसे पदक जीतने की बड़ी उम्मीद है।

पैरा ट्रैक साइक्लिंग में लिशा दास से भी उम्मीद
महिला C4-C5 1000 मीटर टाइम ट्रायल में भारत की लिशा दास सीधे फाइनल में हिस्सा लेंगी। यह भी सीधा पदक मुकाबला होगा। लिशा ने पिछले कुछ वर्षों में पैरा साइक्लिंग में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और उनकी निरंतरता भारत के लिए बड़ी ताकत मानी जा रही है।
यदि लिशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराने में सफल रहती हैं तो भारत के पदकों की संख्या में एक और इजाफा हो सकता है।
जूडो में तीन भारतीय खिलाड़ी मैदान में
कॉमनवेल्थ गेम्स के अंतिम दिन जूडो में भारत की ओर से तीन खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।
महिला 78 किलोग्राम वर्ग में ईशरूप नारंग का सामना मेजबान स्कॉटलैंड की निकोल वुड से होगा। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बावजूद भारतीय खिलाड़ी इस मुकाबले में मजबूत चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
पुरुष 100 किलोग्राम वर्ग में अवतार सिंह का मुकाबला साइप्रस के एरिस्टोस माइकल से होगा। वहीं पुरुष +100 किलोग्राम वर्ग में यश घंघास अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।
यदि तीनों भारतीय खिलाड़ी शुरुआती मुकाबले जीतने में सफल रहते हैं तो वे क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में पहुंचेंगे। जूडो के सेमीफाइनल मुकाबले भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से खेले जाएंगे।

भारत के लिए ऐतिहासिक अभियान
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारत के लिए अब तक बेहद सफल साबित हुए हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए नए रिकॉर्ड बनाए हैं। खास तौर पर बॉक्सिंग, पैरा एथलेटिक्स, एथलेटिक्स और अन्य स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है।
13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदकों के साथ भारत चौथे स्थान पर है। अंतिम दिन मिलने वाले संभावित पदक भारत की अंतिम रैंकिंग को और मजबूत कर सकते हैं।
पांच पदकों की उम्मीद
भारतीय दल को अंतिम दिन ट्रैक साइक्लिंग, पैरा ट्रैक साइक्लिंग और जूडो से कुल पांच पदकों की उम्मीद है। रोनाल्डो सिंह और लिशा दास सीधे पदक मुकाबलों में उतरेंगे, जबकि जूडो में तीनों भारतीय खिलाड़ियों के पास भी पोडियम तक पहुंचने का मौका रहेगा।
यदि भारतीय खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं तो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन भारत के लिए एक और यादगार उपलब्धि के साथ हो सकता है।
भारत के लिए सुनहरा समापन लक्ष्य
कॉमनवेल्थ गेम्स का अंतिम दिन केवल पदकों की संख्या बढ़ाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी मेहनत, तैयारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को साबित करने का भी मौका है। खेल प्रेमियों की निगाहें अब रोनाल्डो सिंह, लिशा दास, ईशरूप नारंग, अवतार सिंह और यश घंघास के प्रदर्शन पर टिकी हैं। यदि ये खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, तो भारत ग्लासगो से एक और शानदार सफलता के साथ अपने अभियान का समापन करेगा।











