कमजोर शेयर बाजार के बीच Corona Remedies IPO ने शानदार शुरुआत की। शेयर BSE और NSE पर 36 से 38 प्रतिशत प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ। भारी सब्सक्रिप्शन और मजबूत GMP ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया।
IPO Listing: शेयर बाजार में गिरावट के माहौल के बीच गुजरात की फार्मास्यूटिकल कंपनी कोरोना रेमेडीज (Corona Remedies) ने निवेशकों को मजबूत लिस्टिंग का तोहफा दिया। सोमवार 15 दिसंबर को कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंज पर प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। बाजार में जहां दबाव का माहौल था, वहीं कोरोना रेमेडीज आईपीओ (IPO) ने शानदार एंट्री करके निवेशकों का भरोसा जीत लिया।
बीएसई और एनएसई पर कैसी रही लिस्टिंग
कोरोना रेमेडीज के शेयर बीएसई (BSE) पर 1,452 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। यह इश्यू प्राइस के अपर एंड 1,062 रुपये के मुकाबले 390 रुपये यानी करीब 36 प्रतिशत का प्रीमियम है। वहीं, एनएसई (NSE) पर शेयर 1,470 रुपये पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस से 408 रुपये या लगभग 38 प्रतिशत ज्यादा है। कमजोर बाजार के बावजूद इस तरह की लिस्टिंग को निवेशकों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
लिस्टिंग के बाद शुरुआती कारोबार में शेयर अपने लिस्टिंग प्राइस से करीब 2 प्रतिशत नीचे ट्रेड करता दिखा, लेकिन इसके बावजूद आईपीओ में निवेश करने वालों को अच्छा मुनाफा मिला।
हर लॉट पर कितना हुआ मुनाफा
कोरोना रेमेडीज आईपीओ में जिन निवेशकों को एक लॉट अलॉट हुआ, उन्हें लिस्टिंग के दिन ही शानदार फायदा मिला। एनएसई के लिस्टिंग प्राइस के आधार पर देखा जाए तो हर लॉट पर करीब 5,712 रुपये का मुनाफा हुआ। कमजोर बाजार के माहौल में इतना मजबूत रिटर्न मिलना निवेशकों के लिए राहत की बात रही।
GMP अनुमान से बेहतर रही लिस्टिंग
कोरोना रेमेडीज की लिस्टिंग ने ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP के अनुमानों को भी पीछे छोड़ दिया। लिस्टिंग से पहले कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में करीब 1,404.5 रुपये पर कोट किए जा रहे थे। इससे यह संकेत मिल रहा था कि इश्यू प्राइस के मुकाबले GMP करीब 342.5 रुपये या लगभग 32.23 प्रतिशत रह सकता है।
हालांकि, वास्तविक लिस्टिंग इससे बेहतर रही और एनएसई पर शेयर 1,470 रुपये तक पहुंच गया। इसका मतलब यह हुआ कि कंपनी की लिस्टिंग ने बाजार की उम्मीदों से भी बेहतर प्रदर्शन किया।
Corona Remedies IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
कोरोना रेमेडीज आईपीओ को निवेशकों से रिकॉर्डतोड़ प्रतिक्रिया मिली। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए सोमवार 8 दिसंबर को खुला था और बुधवार 10 दिसंबर को बंद हुआ। अंतिम दिन तक यह इश्यू कुल 144.54 गुना सब्सक्राइब हो गया।
इस तरह का भारी सब्सक्रिप्शन यह दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी के बिजनेस मॉडल और फार्मा सेक्टर की ग्रोथ पर कितना मजबूत है।
IPO के जरिए कितना जुटाया गया फंड
कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 6.2 लाख शेयर पेश किए थे। इसके जरिए कोरोना रेमेडीज ने कुल 655.3 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल पर आधारित था, यानी इससे मिलने वाली रकम कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों को मिली।
क्या कहते हैं सब्सक्रिप्शन के आंकड़े
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना रेमेडीज आईपीओ के लिए जबरदस्त बोली लगी। इश्यू में पेश किए गए 43,36,298 शेयरों के मुकाबले 62,67,60,106 शेयरों के लिए आवेदन मिले। यह आंकड़ा अपने आप में निवेशकों के उत्साह को दिखाता है।
सबसे ज्यादा दिलचस्पी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की तरफ से देखने को मिली। इस कैटेगरी को 293.80 गुना सब्सक्राइब किया गया। नॉन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) की केटेगरी में भी जोरदार मांग रही और इसे 220.18 गुना सब्सक्राइब किया गया।
वहीं, रिटेल निवेशकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रिटेल कैटेगरी में यह आईपीओ 30.39 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो बताता है कि आम निवेशकों का भरोसा भी इस इश्यू में मजबूत रहा।
कमजोर बाजार में क्यों खास रही यह लिस्टिंग
सोमवार को शेयर बाजार में दबाव का माहौल था। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था। ऐसे समय में किसी आईपीओ का इतने मजबूत प्रीमियम के साथ लिस्ट होना अपने आप में बड़ी बात है।
फार्मा सेक्टर को आमतौर पर डिफेंसिव सेक्टर माना जाता है। बाजार में अनिश्चितता के समय निवेशक ऐसे सेक्टर की कंपनियों को प्राथमिकता देते हैं, जहां मांग स्थिर बनी रहती है। कोरोना रेमेडीज की मजबूत लिस्टिंग के पीछे यही भरोसा एक बड़ी वजह माना जा रहा है।











