पुर्तगाल के मुख्य कोच जॉर्ज जीसस ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो की राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता खुला रखा है। 41 वर्षीय कप्तान ने नेशंस लीग कैंप बीच में छोड़ दिया था, लेकिन जीसस ने साफ किया कि अगर रोनाल्डो वापसी चाहते हैं तो उन्हें टीम में शामिल किया जा सकता है।
रोनाल्डो के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुले
पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस ने कहा कि रोनाल्डो अगर राष्ट्रीय टीम में लौटना चाहते हैं तो वह वापस आ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला खुद रोनाल्डो को करना है। जीसस ने कहा कि अगले अंतरराष्ट्रीय ब्रेक से पहले दोनों के बीच बातचीत हो सकती है, लेकिन यह रोनाल्डो पर निर्भर करेगा कि वह पुर्तगाल के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं या नहीं।
जीसस ने कहा कि रोनाल्डो को राष्ट्रीय टीम से अपने समय का अंत उसी तरह करना चाहिए, जैसा वह खुद चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अपने पहले टीम चयन के दौरान उन्होंने रोनाल्डो से कहा था कि उन्हें उनकी जरूरत है, चाहे वह खेलें या नहीं। अब भी उनका यही रुख है।
नॉर्वे मैच में बेंच पर रहे थे रोनाल्डो
रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए शुरुआती मुकाबले में वेल्स के खिलाफ 1-0 की जीत में शुरुआत की थी। इसके बाद नॉर्वे के खिलाफ उन्हें बेंच पर रखा गया और वह पूरे मुकाबले में मैदान पर नहीं उतर सके।
रिपोर्ट के मुताबिक, रोनाल्डो दूसरे हाफ में वार्म-अप कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मैदान पर नहीं उतारा गया। यह स्थिति उनके लिए नाराजगी का कारण बनी।
प्रतिस्पर्धी मुकाबले में यह 2008 के बाद पहली बार था जब रोनाल्डो पुर्तगाल के लिए किसी मैच में मैदान पर उतरे बिना पूरी तरह बेंच पर रहे। The Times of
डेनमार्क मैच से पहले छोड़ा कैंप
जब कोच जॉर्ज जीसस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रोनाल्डो डेनमार्क के खिलाफ भी शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं होंगे, तो अनुभवी खिलाड़ी ने टीम कैंप छोड़ दिया।
रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले के बारे में लिखा कि उचित समय आने पर वह पुर्तगाल के लोगों को राष्ट्रीय टीम छोड़ने के अपने कारणों के बारे में सच्चाई बताएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा राष्ट्रीय टीम के प्रति समर्पित रहे हैं।
इसके बाद उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, अब जीसस के बयान से यह स्पष्ट है कि पुर्तगाल ने रोनाल्डो के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे बंद नहीं किए हैं।
रोनाल्डो के बिना भी क्वार्टर फाइनल में पहुंचा पुर्तगाल
रोनाल्डो की गैरमौजूदगी के बावजूद पुर्तगाल ने नॉर्वे को 2-1 से हराकर UEFA नेशंस लीग के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ पुर्तगाल ने अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान मजबूत किया और दूसरे स्थान पर मौजूद डेनमार्क से छह अंक आगे हो गया। पुर्तगाल मौजूदा नेशंस लीग चैंपियन भी है।
नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में जोआओ कैंसेलो ने पुर्तगाल के लिए बराबरी का गोल किया, जबकि गोंकालो रामोस ने 86वें मिनट में निर्णायक गोल करके टीम को जीत दिलाई।
रामोस ने रोनाल्डो की गैरमौजूदगी में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने रोनाल्डो के टीम से बाहर रहने के दौरान तीनों मैचों में शुरुआत करते हुए गोल किए हैं।
कैंसेलो और नूनो मेंडेस ने रोनाल्डो का समर्थन किया
नॉर्वे के खिलाफ जीत के बाद पुर्तगाल के गोलस्कोरर जोआओ कैंसेलो ने रोनाल्डो को टीम का कप्तान और देश के इतिहास का सबसे महान खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि रोनाल्डो के साथ चीजें निश्चित रूप से अच्छे तरीके से समाप्त होंगी, लेकिन इस समय टीम के लिए चार जीत हासिल करना सबसे महत्वपूर्ण है।
टीम के एक अन्य खिलाड़ी नूनो मेंडेस ने भी रोनाल्डो की वापसी का स्वागत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम में आने वाला हर खिलाड़ी स्वागत योग्य है और अगर रोनाल्डो वापस आते हैं तो टीम उनका खुले दिल से स्वागत करेगी।
रोनाल्डो के नाम कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल के सबसे ज्यादा गोल करने वाले और सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने अब तक पुर्तगाल के लिए 234 मैचों में 146 गोल किए हैं। ये दोनों आंकड़े अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में रिकॉर्ड हैं।
रोनाल्डो ने 2003 में 18 साल की उम्र में पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। दो दशक से अधिक लंबे करियर में वह राष्ट्रीय टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।
उन्होंने पुर्तगाल को 2016 में यूरोपीय चैंपियनशिप जिताने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा पुर्तगाल ने उनकी कप्तानी में दो बार UEFA नेशंस लीग का खिताब भी जीता है।
पांच बार बैलन डी'ओर विजेता
रोनाल्डो फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह पांच बार बैलन डी'ओर पुरस्कार जीत चुके हैं।
उन्होंने क्लब और राष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और पुर्तगाल की फुटबॉल पहचान के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं।
उनकी उम्र अब 41 वर्ष है, लेकिन वह अभी भी सऊदी क्लब अल-नस्र के लिए खेल रहे हैं। जॉर्ज जीसस भी पहले अल-नस्र में रोनाल्डो को कोच कर चुके हैं, इसलिए दोनों के बीच पहले से काम करने का अनुभव मौजूद है।
नवंबर में होगी पुर्तगाल की अगली परीक्षा
पुर्तगाल अब 14 नवंबर को नेशंस लीग ग्रुप A4 में डेनमार्क की मेजबानी करेगा। इसके तीन दिन बाद 17 नवंबर को टीम वेल्स के दौरे पर जाएगी।
इन मुकाबलों से पहले सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या रोनाल्डो राष्ट्रीय टीम में वापसी का फैसला करते हैं। जॉर्ज जीसस ने साफ कर दिया है कि उनकी ओर से वापसी का रास्ता खुला है और अंतिम निर्णय रोनाल्डो के हाथ में है।
पुर्तगाल के लिए रोनाल्डो की वापसी का मतलब केवल एक अनुभवी स्ट्राइकर की वापसी नहीं होगा। वह टीम के कप्तान, रिकॉर्ड गोलस्कोरर और सबसे बड़े वैश्विक चेहरों में से एक हैं। हालांकि, रोनाल्डो की गैरमौजूदगी में गोंकालो रामोस ने लगातार गोल करके टीम में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ा दी है।
अब सबकी नजर नवंबर के अंतरराष्ट्रीय ब्रेक पर है। अगर रोनाल्डो वापसी का फैसला करते हैं, तो जॉर्ज जीसस और उनके बीच बातचीत इस पूरे विवाद को खत्म करने में अहम भूमिका निभा सकती है। वहीं, अगर वह नहीं लौटते हैं तो पुर्तगाल को अपने सबसे बड़े स्टार के बिना आगे बढ़ने की तैयारी करनी होगी।










