Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट, 90 डॉलर के करीब पहुंचा WTI

Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है। WTI करीब 89.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि Brent 100.28 डॉलर के आसपास रहा। G7 के रिजर्व रिलीज

मिडिल ईस्ट में बढ़ते जोखिम और OPEC+ की स्थिर प्रोडक्शन पॉलिसी के बीच निवेशक बाजार में संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई और भाव 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए।

बिजनेस न्यूज़: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई से जुड़े जोखिम और OPEC+ देशों की उत्पादन नीति के बीच निवेशकों का फोकस बाजार में संभावित मांग और आपूर्ति के संतुलन पर बना हुआ है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI Crude का भाव गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि घरेलू कमोडिटी मार्केट में भी कच्चे तेल की कीमतों में दबाव देखने को मिला।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को 19 अक्टूबर डिलीवरी वाले कच्चे तेल की कीमतों ने कमजोर शुरुआत की। सुबह करीब 11:22 बजे यह कॉन्ट्रैक्ट 2.71 फीसदी यानी 242 रुपये की गिरावट के साथ 8,674 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

गुरुवार के मुकाबले कच्चे तेल में बड़ी गिरावट

हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र में MCX पर कच्चे तेल की कीमत 8,665 रुपये प्रति बैरल के स्तर पर खुली। इससे पहले पिछले सप्ताह गुरुवार को इसका भाव 8,916 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ था। शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर MCX में कारोबार नहीं हुआ था। सोमवार के सत्र में कच्चे तेल ने 8,720 रुपये प्रति बैरल का इंट्राडे हाई और 8,644 रुपये प्रति बैरल का इंट्राडे लो भी देखा। इससे साफ है कि बाजार में कीमतों को लेकर काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है और निवेशक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

WTI Crude 90 डॉलर के करीब, Brent 100 डॉलर के ऊपर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेल की कीमतों पर दबाव दिखाई दिया। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार दोपहर के आसपास WTI Crude लगभग 1.10 फीसदी की गिरावट के साथ 90.11 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं Brent Crude का भाव करीब 0.61 फीसदी कमजोर होकर 101.6 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।

हालांकि, सभी प्रकार के कच्चे तेल में एक जैसा रुख देखने को नहीं मिला। Murban Crude करीब 1.30 फीसदी की तेजी के साथ 110.8 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। इससे पता चलता है कि अलग-अलग ग्रेड के तेल में क्षेत्रीय सप्लाई और मांग के आधार पर कीमतों में अंतर बना हुआ है।

मिडिल ईस्ट का तनाव अब भी बाजार के लिए बड़ा जोखिम

कच्चे तेल की कीमतों पर मिडिल ईस्ट की स्थिति का सीधा असर पड़ रहा है। यमन में सऊदी अरब के समर्थन वाली सेनाओं की ओर से ईरान समर्थित हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों के खिलाफ सैन्य अभियान तेज किए जाने की खबरों ने क्षेत्रीय सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच स्थित बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। 

यहां किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की शिपिंग प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से निवेशक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

OPEC+ की उत्पादन नीति पर बाजार की नजर

तेल बाजार के लिए OPEC+ का फैसला भी बेहद महत्वपूर्ण है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, लंबे समय से सप्लाई में व्यवधान के बावजूद संगठन के प्रमुख सदस्य अगले महीने उत्पादन कोटा में बदलाव नहीं करने पर सहमत हैं। बाजार में एक तरफ तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, तो दूसरी तरफ वैश्विक स्तर पर ईंधन लागत को लेकर दबाव बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में उत्पादन नीति में किसी भी बदलाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर पड़ सकता है।

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