गयाजी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) के दीक्षांत समारोह के दौरान खाने की गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आया है। समारोह में शामिल विद्यार्थियों की ओर से भोजन से बदबू आने की शिकायत किए जाने के बाद नाराजगी बढ़ गई। इस मामले से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। विद्यार्थियों की शिकायत ने विश्वविद्यालय के बड़े आयोजन में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले पर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने कहा है कि शिकायत की समीक्षा की जाएगी।
दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण अवसर होता है। इस दिन विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद डिग्री प्राप्त करते हैं और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित किया जाता है। ऐसे कार्यक्रम में विद्यार्थियों, उनके परिजनों, शिक्षकों और अतिथियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रहती है। समारोह की सफलता के लिए मंच, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल और भोजन जैसी सुविधाओं का सही प्रबंधन जरूरी होता है। ऐसे में खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आने से आयोजन की व्यवस्थाओं पर चर्चा शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि समारोह के दौरान कुछ विद्यार्थियों ने परोसे जा रहे भोजन से बदबू आने की शिकायत की। इसको लेकर छात्रों में नाराजगी देखी गई। शिकायत का वीडियो वायरल होने के बाद मामला विश्वविद्यालय परिसर से बाहर भी चर्चा में आ गया। विद्यार्थियों की ओर से की गई शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए यह जरूरी है कि भोजन की तैयारी से लेकर उसे परोसने तक की पूरी व्यवस्था की जांच की जाए। हालांकि, भोजन के नमूने की जांच या किसी आधिकारिक रिपोर्ट के बिना यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि पूरा भोजन खराब था या उससे स्वास्थ्य संबंधी कोई नुकसान हुआ।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी की ओर से कहा गया है कि मामले की समीक्षा की जाएगी। इस बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत को लेकर आयोजन की व्यवस्था संभालने वाली टीम से जानकारी ली जाती है या नहीं और भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाती है या नहीं। यदि भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता होगी।
दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को डिग्रियां और मेडल प्रदान किए जाते हैं। 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित सीयूएसबी के पांचवें दीक्षांत समारोह में 1,662 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं, जबकि 61 विद्यार्थियों को कुल 95 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे। इतने बड़े आयोजन में भोजन और अन्य सुविधाओं का प्रबंधन भी अहम जिम्मेदारी होती है
इस मामले में विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और तथ्यों के आधार पर जांच करना जरूरी है। भोजन से बदबू आने की शिकायत सही पाए जाने पर यह पता लगाना होगा कि समस्या भोजन की सामग्री, उसे तैयार करने, सुरक्षित रखने या परोसने के दौरान हुई। वहीं, जांच के बिना किसी कर्मचारी या एजेंसी को दोषी ठहराना भी उचित नहीं होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की समीक्षा से ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मामला चर्चा में जरूर आया है, लेकिन वीडियो में दिखाई देने वाली स्थिति और उसके पीछे की पूरी जानकारी की पुष्टि जरूरी है। फिलहाल मुख्य सवाल यही है कि शिकायत के बाद विश्वविद्यालय क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसे आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किस तरह की निगरानी व्यवस्था लागू की जाती है। विद्यार्थियों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा और समारोह में आने वाले लोगों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी।










