प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सभी पदक विजेताओं से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से बातचीत की और उनके साथ एक वीडियो भी बनाया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए देशवासियों के लिए संदेश दिया, “जो खेलेगा, वो खिलेगा।”
स्पोर्ट्स न्यूज़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से बातचीत की और उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की। मुलाकात के दौरान एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री ने देशवासियों और युवा खिलाड़ियों को खेलों से जुड़ने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों के साथ बातचीत के दौरान कहा, “जो खेलेगा, वो खिलेगा।” उन्होंने देशवासियों से भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने और खेलों को प्रोत्साहित करने की अपील भी की। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री और खिलाड़ियों ने मिलकर “भारत माता की जय” का उद्घोष किया।
खिलाड़ियों के साथ पीएम मोदी ने बनाया वीडियो
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से मुलाकात के दौरान खिलाड़ी साक्षी चौधरी ने प्रधानमंत्री से बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश के लिए पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री से मिलने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। साक्षी ने प्रधानमंत्री के व्यवहार की तारीफ करते हुए कहा कि उनसे मिलकर खिलाड़ियों को काफी अच्छा लगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से देश के लिए संदेश देने का आग्रह भी किया।
इसके जवाब में पीएम मोदी ने खेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “जो खेलेगा, वो खिलेगा।” उन्होंने खिलाड़ियों और देशवासियों से हमेशा भारत का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
भारत ने जीते कुल 39 पदक

ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 39 पदक अपने नाम किए। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल रहे। भारत का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि इस संस्करण में कुछ ऐसे खेल शामिल नहीं थे, जिनमें भारतीय खिलाड़ियों का पारंपरिक रूप से मजबूत प्रदर्शन रहा है। इसके बावजूद भारतीय दल ने कई स्पर्धाओं में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से 7 गोल्ड बॉक्सिंग में आए। भारतीय मुक्केबाजों ने अलग-अलग भार वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया और देश के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बॉक्सिंग के अलावा भारत को अन्य खेलों में भी सफलता मिली। भारतीय खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करते हुए रजत और कांस्य पदकों की संख्या में भी इजाफा किया।
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। मीराबाई चानू लंबे समय से भारतीय वेटलिफ्टिंग की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी लगातार सफलता ने भारत में इस खेल को नई पहचान दिलाने के साथ युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी की खिलाड़ियों के साथ मुलाकात को केवल पदक विजेताओं के सम्मान के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। “जो खेलेगा, वो खिलेगा” संदेश के जरिए सरकार की ओर से युवाओं को खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित करने की कोशिश भी दिखाई देती है। भारत में खेलों को लेकर पिछले कुछ वर्षों में रुचि बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के लगातार बेहतर प्रदर्शन ने भी युवाओं के बीच विभिन्न खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ाया है।
खिलाड़ियों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन
कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना खिलाड़ियों के वर्षों के प्रशिक्षण, मेहनत और अनुशासन का परिणाम होता है। प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात ने पदक विजेताओं को अपनी उपलब्धियों को देश के सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व के साथ साझा करने का अवसर दिया। 39 पदकों का यह प्रदर्शन भारतीय खेलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खास तौर पर सीमित खेलों की भागीदारी के बावजूद 13 स्वर्ण पदक हासिल करना भारतीय दल की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।











