अजमेर में डांसर की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने भाई की रिपोर्ट पर सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। केस में SC-ST एक्ट और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराएं जोड़ी गई हैं।
Rajasthan: 26 जनवरी को अजमेर के जनाना रोड इलाके में एक डांसर की लाश मिलने से शहर में सनसनी फैल गई थी। मामले को लेकर अब क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतका के भाई जितेंद्र राव की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने करीब सात लोगों को नामजद किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है।
हत्या की आशंका
भाई जितेंद्र राव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने पहले उसके भाई के घर से जेब्रा चोरी किया था और बाद में उसे लगातार धमकाया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि इन्हीं घटनाओं के कारण डांसर मानसिक तनाव में थी।

परिवार ने इस पूरे मामले में आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि लाश मिलने की परिस्थितियां संदेह पैदा करती हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डोली समाज का प्रदर्शन
मामले को लेकर गुरुवार को डोली समाज के लोगों ने अजमेर में जोरदार प्रदर्शन किया। समाज के लोग रैली निकालते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे और वहां धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने अजमेर एसपी वंदिता राणा को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। डोली समाज का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक मौत का नहीं, बल्कि सामाजिक अन्याय से जुड़ा है।
समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच सीओ शिवम जोशी को सौंपी गई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में अनुसंधान जारी है।









