बिटकॉइन से इथेरियम तक लाल निशान, क्रिप्टो मार्केट में मचा हड़कंप

क्रिप्टो मार्केट में भारी गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मच गया। 24 घंटे में बाजार 5% से ज्यादा टूटा, बिटकॉइन और इथेरियम समेत सभी बड़े कॉइन दबाव में हैं।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेज गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मच गया है। महज 24 घंटे में मार्केट कैप 5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा और करीब 16 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू साफ हो गई।

Cryptocurrency Market Crash: डिजिटल करेंसी में निवेश करने वालों के लिए शुक्रवार का दिन किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। लंबे समय से उतार-चढ़ाव से गुजर रहा क्रिप्टोकरेंसी बाजार अचानक तेज गिरावट की चपेट में आ गया। महज 24 घंटे के भीतर ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट से करीब 16 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू साफ हो गई। इस तेज गिरावट ने छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

क्रिप्टो मार्केट में यह गिरावट सिर्फ किसी एक कॉइन तक सीमित नहीं रही। बिटकॉइन, इथेरियम से लेकर बड़े ऑल्टकॉइन तक लगभग सभी डिजिटल एसेट्स में भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार में अचानक बढ़े सेलिंग प्रेशर ने यह साफ कर दिया कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर पड़ रहा है।

24 घंटे में 5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा बाजार

शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे तक ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप में 5.42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही कुल मार्केट कैप घटकर करीब 2.82 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम पर दिखा।

लगातार दबाव में चल रहे बाजार में इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को और कमजोर कर दिया है। बीते कुछ हफ्तों से बाजार में स्थिरता की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अचानक आई इस गिरावट ने एक बार फिर वोलैटिलिटी का डर बढ़ा दिया है।

बिटकॉइन में तेज बिकवाली से टूटा भरोसा

मार्केट लीडर बिटकॉइन इस गिरावट का सबसे बड़ा चेहरा बनकर सामने आया। बिटकॉइन करीब 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,835 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया। सिर्फ 24 घंटे की गिरावट ही नहीं, बल्कि पिछले एक सप्ताह में भी बिटकॉइन 7 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है।

बिटकॉइन को अक्सर डिजिटल गोल्ड कहा जाता है, लेकिन मौजूदा हालात में इसका शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर होता दिख रहा है। निवेशकों का एक बड़ा वर्ग अब यह सवाल करने लगा है कि क्या बिटकॉइन फिलहाल सुरक्षित निवेश बना रह पाएगा या नहीं।

इथेरियम और ऑल्टकॉइन भी दबाव में

बिटकॉइन के साथ-साथ इथेरियम भी इस गिरावट से खुद को नहीं बचा पाया। इथेरियम में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली और यह करीब 2,740 डॉलर के स्तर पर आ गया।

इसके अलावा बाइनेंस कॉइन, रिपल और सोलाना जैसे बड़े ऑल्टकॉइन में भी 24 घंटे के भीतर 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। ऑल्टकॉइन सेगमेंट में आई इस गिरावट ने यह संकेत दिया है कि बाजार में रिस्क लेने की क्षमता फिलहाल कम हो गई है।

अचानक क्यों बढ़ी बिकवाली

क्रिप्टो मार्केट में आई इस तेज गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। ग्लोबल लेवल पर आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर चिंता और जोखिम वाले एसेट्स से दूरी जैसे फैक्टर बाजार पर दबाव बना रहे हैं।

इसके अलावा, क्रिप्टो बाजार में लंबे समय से कोई मजबूत पॉजिटिव ट्रिगर नहीं दिख रहा था। जब बाजार पहले से कमजोर स्थिति में होता है, तो थोड़ी सी नेगेटिव खबर या सेंटीमेंट भी बड़ी गिरावट की वजह बन सकती है।

गिरते बाजार में केंटन बना अपवाद

जहां एक ओर ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसी लाल निशान में कारोबार कर रही थीं, वहीं केंटन (Canton) क्रिप्टो कॉइन ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी। भारी गिरावट के बीच इस कॉइन में करीब 6 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली और यह 0.1722 डॉलर पर ट्रेड करता नजर आया।

पिछले एक हफ्ते में केंटन 20 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है, जबकि एक महीने में इसने करीब 16 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी एक कॉइन की तेजी को पूरे बाजार की मजबूती का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

क्रिप्टो फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स ने बढ़ाई चिंता

क्रिप्टो बाजार में निवेशकों के डर को CoinMarketCap के Crypto Fear and Greed Index से भी समझा जा सकता है। गुरुवार को यह इंडेक्स 38 के स्तर पर था, जो शुक्रवार को गिरकर 28 पर आ गया।

यह गिरावट साफ संकेत देती है कि बाजार में डर का माहौल गहराता जा रहा है। जब यह इंडेक्स लो लेवल पर पहुंचता है, तो इसका मतलब होता है कि निवेशक नए निवेश से बच रहे हैं और कैश में रहना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।

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