ऐप्पल ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में खुलासा किया है कि दुनियाभर में उसके एक्टिव डिवाइसेस की संख्या 2.5 अरब तक पहुंच गई है। iPhone, iPad, MacBook और Apple Watch जैसे प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग और इकोसिस्टम स्ट्रैटजी के चलते यूजर्स लंबे समय तक कंपनी के साथ जुड़े रहते हैं। iPhone इस ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बना हुआ है।
Active Devices: ऐप्पल के दुनियाभर में 2.5 अरब एक्टिव डिवाइसेस अब कंपनी के डिजिटल इकोसिस्टम की ताकत को दिखा रहे हैं। जनवरी 2024 में 2.2 अरब डिवाइसेस थे, जो बीते साल 15 करोड़ बढ़कर 2.5 अरब हो गए। iPhone की मजबूत मांग और इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम स्ट्रैटजी ने इस ग्रोथ को संभव बनाया। कंपनी के CEO टिम कुक के अनुसार, iPhone नए यूजर्स को लुभाने और अन्य प्रोडक्ट्स जैसे Mac, Apple Watch और iPad के साथ जोड़ने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
ऐप्पल की बड़ी छलांग
ऐप्पल की लेटेस्ट अर्निंग रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के एक्टिव डिवाइसेस में iPhone, iPad, MacBook, Apple Watch और अन्य प्रोडक्ट्स शामिल हैं। जनवरी 2024 में यह संख्या करीब 2.2 अरब थी, जो एक साल में बढ़कर 2.5 अरब हो गई। यानी बीते 12 महीनों में करीब 15 करोड़ नए एक्टिव डिवाइस जुड़े हैं।
शिपमेंट डेटा से अलग, यह आंकड़ा उन डिवाइसेस को दिखाता है जो वास्तव में इस्तेमाल हो रहे हैं। इससे साफ है कि ऐप्पल के यूजर्स न सिर्फ नए डिवाइस खरीद रहे हैं, बल्कि लंबे समय तक कंपनी के प्रोडक्ट्स से जुड़े भी रह रहे हैं।

iPhone बना ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन
ऐप्पल की इस सफलता के केंद्र में iPhone की मजबूत मांग रही है। बीती तिमाही में iPhone की बिक्री के दम पर कंपनी ने रिकॉर्ड रेवेन्यू और प्रॉफिट दर्ज किया। सीईओ टिम कुक ने कहा कि iPhone की डिमांड उम्मीद से कहीं ज्यादा रही, जिसने फाइनेंशियल नतीजों को नई ऊंचाई दी।
कई यूजर्स के लिए iPhone पहला ऐप्पल प्रोडक्ट होता है। इसके बाद वे Mac, Apple Watch, AirPods और iPad जैसे अन्य डिवाइसेस की ओर बढ़ते हैं। यही वजह है कि iPhone ऐप्पल के पूरे बिजनेस मॉडल की रीढ़ बना हुआ है।
इकोसिस्टम स्ट्रैटजी से बढ़ी यूजर लॉयल्टी
ऐप्पल की इकोसिस्टम स्ट्रैटजी इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। एक बार यूजर iPhone के इकोसिस्टम में आ जाता है, तो कंपनी ऐसे प्रोडक्ट्स और सर्विसेज ऑफर करती है जो आपस में गहराई से जुड़े होते हैं।
इसका नतीजा यह है कि एक ही यूजर ऐप्पल के कई डिवाइसेस इस्तेमाल करता है। इससे न सिर्फ हार्डवेयर सेल बढ़ती है, बल्कि ऐप्स, सब्सक्रिप्शन और अन्य सर्विसेज से कंपनी की कमाई भी मजबूत होती है।








