दिल्ली लक्ष्मी योजना को मंजूरी, महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता मिलेगी

दिल्ली सरकार ने लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। पात्र महिलाओ को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता मिलेगी। अगस्त से पोर्टल शुरू, और पहली किस्त रक्षाबंधन तक जारी

दिल्ली सरकार ने लक्ष्मी योजना को मंजूरी देते हुए पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। 1 अगस्त से आवेदन पोर्टल शुरू होगा और दस्तावेजों की जांच के बाद पहली किस्त रक्षाबंधन तक जारी किए जाने की तैयारी है।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और जरूरतमंद परिवारों को अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सरकार ने घोषणा की है कि योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होगी। दस्तावेजों और पात्रता की जांच पूरी होने के बाद पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर तक जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।

1 अगस्त से शुरू होगा आवेदन पोर्टल

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि लक्ष्मी योजना के लिए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल 1 अगस्त को लॉन्च किया जाएगा। इसके माध्यम से पात्र महिलाएं आवेदन कर सकेंगी और आवश्यक दस्तावेज जमा कर पाएंगी। सरकार का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्रणाली अपनाई गई है ताकि लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से सहायता मिल सके।

रक्षाबंधन तक पहली किस्त जारी करने की तैयारी

सरकार का लक्ष्य है कि आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र महिलाओं के बैंक खातों में पहली वित्तीय सहायता रक्षाबंधन तक भेज दी जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को आवेदन जांच, दस्तावेज सत्यापन और लाभार्थियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं।

पात्रता के लिए स्व-घोषणा पत्र जरूरी

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को स्व-घोषणा पत्र जमा करना होगा। इसमें यह घोषित करना होगा कि वे कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी हैं तथा उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। सरकार आवेदन के दौरान उपलब्ध कराई गई जानकारी का संबंधित विभागों के माध्यम से सत्यापन भी करेगी। पात्रता संबंधी अन्य विस्तृत दिशा-निर्देश पोर्टल लॉन्च होने के साथ जारी किए जाने की संभावना है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है ताकि वे दैनिक आवश्यकताओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार से जुड़े खर्चों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन हो, तो यह महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कांवड़ समितियों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ी

कैबिनेट बैठक में लक्ष्मी योजना के अलावा कांवड़ यात्रा 2026 से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। सरकार ने कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाने को मंजूरी दी। बढ़ती श्रद्धालु संख्या, शिविरों के संचालन की लागत और बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए सभी श्रेणियों के शिविरों के लिए अनुदान राशि में वृद्धि की गई है।

बड़े शिविरों को मिलेगी अधिक सहायता

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिनों तक संचालित होने वाले बड़े कांवड़ शिविरों को अब अधिकतम ₹15 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा अन्य श्रेणियों के शिविरों के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी

दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ समितियों को पहले की तरह 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा मिलती रहेगी। सरकार का कहना है कि बिजली, पेयजल, सफाई और अन्य आवश्यक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

यात्रा के दौरान विशेष व्यवस्थाएं रहेंगी

कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सरकार ने बताया कि सिंगल विंडो व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल शौचालय, सफाई, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बढ़ती महंगाई और यात्रा के विस्तार को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि कांवड़ समितियों पर आर्थिक बोझ कम हो और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजर 1 अगस्त को शुरू होने वाले आवेदन पोर्टल पर रहेगी। इसके बाद पात्र महिलाओं के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, उनकी पात्रता की जांच होगी और सफल सत्यापन के बाद पहली किस्त जारी की जाएगी। दिल्ली सरकार का कहना है कि लक्ष्मी योजना और कांवड़ यात्रा से जुड़े दोनों फैसले सामाजिक कल्याण, महिला सशक्तिकरण और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की संख्या पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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