भारत के कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। केरल, उत्तराखंड और गुजरात में बाढ़ व भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मानसून ने व्यापक असर दिखाना शुरू कर दिया है। दक्षिण, पश्चिम, उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जबकि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। भारतीय मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
केरल में बारिश से जनजीवन प्रभावित
केरल में लगातार हो रही बारिश ने सामान्य जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं। बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने राहत कार्य तेज करते हुए 65 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां लगभग 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तराखंड में भूस्खलन से हाईवे प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार वर्षा के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। वहीं चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे का एक हिस्सा धंस जाने से मार्ग को एहतियातन एकतरफा कर दिया गया है। मौसम विभाग ने 7 अगस्त तक प्रदेश में खराब मौसम की संभावना व्यक्त करते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

गुजरात में बाढ़ जैसे हालात
गुजरात के सूरत, मोरबी और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। प्रशासन ने एहतियातन लगभग 27 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि कई लोगों को रेस्क्यू अभियान के माध्यम से निकाला गया। कुछ क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे सड़कें, निचले इलाके और आवासीय क्षेत्र जलमग्न हो गए।
जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में मुश्किलें
जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। पहाड़ी मार्गों पर मलबा और बड़े पत्थर गिरने से यातायात बाधित हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया। प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
राजस्थान में 24 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट
राजस्थान में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के 24 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जालोर, पाली और सिरोही जैसे जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। बीते 24 घंटों में दक्षिणी राजस्थान के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
बिहार, हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी सक्रिय मानसून
बिहार के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। सीमावर्ती जिलों में भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 अगस्त तक वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
हरियाणा में भी मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों तक अच्छी वर्षा देखने को मिल सकती है।

मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। राज्य के कई हिस्सों में मानसूनी प्रणाली सक्रिय रहने के कारण आगामी दिनों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है।
पंजाब में सामान्य से कम बारिश
पंजाब में इस वर्ष अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, हालांकि राज्य के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर के लिए विशेष सतर्कता जारी की है। राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
तमिलनाडु में बारिश की प्रार्थना
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में जहां भारी बारिश हो रही है, वहीं तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। तिरुचिरापल्ली में जल संकट और लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों ने विशेष सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया। राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
मौसम विभाग की सलाह
भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई है। विशेष रूप से पर्वतीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। राहत एवं बचाव एजेंसियां विभिन्न राज्यों में सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं।










