देवास में करीब 2000 पटवारियों ने सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य कार्रवाई के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पर 8.5 घंटे प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने तीन पटवारियों की सेवा समाप्ति का विरोध करते हुए सामूहिक छुट्टी का ऐलान किया।
देवास: देवास में बुधवार को करीब 2000 पटवारियों ने कलेक्टर कार्यालय में 8.5 घंटे तक प्रदर्शन किया। पटवारियों ने तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने के संकेत देते हुए सामूहिक छुट्टी का ऐलान किया।
देवास में 2000 पटवारियों का जोरदार प्रदर्शन
देवास में बुधवार को बड़ी संख्या में पटवारियों ने अपनी मांगों और विभागीय कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। करीब 2000 पटवारी कलेक्टर कार्यालय परिसर में जुटे और दोपहर से रात 10.30 बजे तक प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान पटवारियों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

पटवारियों का कहना है कि विभाग की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य कार्रवाई की जा रही है। इसी के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। आंदोलनकारियों ने विशेष रूप से तीन पटवारियों की सेवा समाप्ति के फैसले पर आपत्ति जताई और इसे वापस लेने की मांग की।
सेवा समाप्ति और निलंबन के विरोध में आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पटवारी कलेक्टर कार्यालय परिसर में मौजूद रहे। कर्मचारियों ने कहा कि विभागीय कार्रवाई के कारण पटवारियों में असंतोष बढ़ रहा है। इसी के चलते उन्होंने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। करीब साढ़े आठ घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण प्रशासनिक गतिविधियों पर भी इसका असर देखने को मिला।
पटवारियों ने साफ किया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपने साथियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से पूरे मामले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
सामूहिक छुट्टी का ऐलान
पटवारियों ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए सामूहिक छुट्टी का ऐलान भी किया है। इसके चलते आने वाले दिनों में राजस्व विभाग से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका है। पटवारियों की सामूहिक छुट्टी का सीधा असर आम लोगों के उन कामों पर पड़ सकता है, जिनमें राजस्व रिकॉर्ड, जमीन से जुड़े दस्तावेज और स्थानीय स्तर के प्रशासनिक कार्य शामिल होते हैं।
प्रदर्शन कर रहे पटवारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। संगठन की ओर से आगे की रणनीति पर भी निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल तीन पटवारियों की सेवा समाप्ति और अन्य विभागीय कार्रवाई को लेकर विवाद बना हुआ है।
राजस्व कामकाज पर पड़ सकता है असर
पटवारियों के सामूहिक रूप से छुट्टी पर जाने की घोषणा के बाद राजस्व विभाग के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पटवारियों की भूमिका जमीन और राजस्व से जुड़े कई प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में लंबे समय तक आंदोलन जारी रहने पर आम लोगों को भी संबंधित सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
बुधवार को हुए प्रदर्शन के बाद अब प्रशासन और पटवारी संगठन के बीच बातचीत तथा आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। आंदोलनकारियों ने संकेत दिया है कि उनकी मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में विरोध का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।











