दिल्ली कैपिटल्स के नवनियुक्त मुख्य कोच सौरव गांगुली को भरोसा है कि खराब फॉर्म से जूझ रहे विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत टीम के मध्यक्रम में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: दिल्ली कैपिटल्स में वापसी के बाद भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देने के लिए तैयार हैं। फ्रेंचाइजी के नए मुख्य कोच सौरव गांगुली को उम्मीद है कि पंत अगले आईपीएल सत्र में दिल्ली के मध्यक्रम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे और अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी कर पाएंगे। गांगुली का मानना है कि दिल्ली के घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम में पंत को बल्लेबाजी करना पसंद है और यह परिस्थितियां उनके लिए बेहतर प्रदर्शन करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
ऋषभ पंत का दिल्ली कैपिटल्स के साथ पुराना और मजबूत रिश्ता रहा है। उन्होंने फ्रेंचाइजी के लिए 111 आईपीएल मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके नाम 3,284 रन दर्ज हैं। वह टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। हालांकि, 2025 में पंत दिल्ली से अलग होकर लखनऊ सुपर जाइंट्स का हिस्सा बने थे। वहां उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इसके बाद खिलाड़ियों की अदला-बदली के जरिए पंत की दिल्ली कैपिटल्स में दोबारा वापसी हुई, जबकि कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जाइंट्स से जुड़ गए।
सौरव गांगुली को पंत के शानदार कमबैक की उम्मीद
दिल्ली कैपिटल्स के आधिकारिक वीडियो में सौरव गांगुली ने पंत की वापसी को टीम के लिए अहम बताया। उन्होंने संकेत दिया कि मध्यक्रम में जिस तरह के बल्लेबाज की टीम को जरूरत है, पंत उस भूमिका के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं। गांगुली के मुताबिक, पंत पहले भी दिल्ली के लिए अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं और उनके पास फ्रेंचाइजी के साथ खेलने का अनुभव है। कोच को उम्मीद है कि आगामी सत्र में पंत को पर्याप्त समय और अवसर मिलेंगे, जिसका इस्तेमाल वह अपनी बल्लेबाजी को और बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं।
अरुण जेटली स्टेडियम में पंत का रिकॉर्ड भी अहम
गांगुली ने पंत के घरेलू मैदान से जुड़ाव का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि पंत को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में बल्लेबाजी करना पसंद है। ऐसे में दिल्ली की जर्सी में वापसी उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। पंत के लिए पिछला कुछ समय आसान नहीं रहा है। दिसंबर 2022 में एक गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था।
वापसी के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल में हिस्सा लिया, लेकिन फिटनेस और फॉर्म से जुड़ी चुनौतियां लगातार चर्चा में रही हैं। ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स में वापसी उनके करियर के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सौरव गांगुली की भी हुई दिल्ली में वापसी
ऋषभ पंत की तरह सौरव गांगुली का भी दिल्ली फ्रेंचाइजी से पुराना संबंध है। गांगुली 2019 में दिल्ली कैपिटल्स के साथ सलाहकार के रूप में जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने फ्रेंचाइजी के क्रिकेट ढांचे में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। वह पुरुष और महिला टीमों से जुड़े क्रिकेट निदेशक की भूमिका भी निभा चुके हैं।कोच के तौर पर गांगुली का अनुभव केवल दिल्ली कैपिटल्स तक सीमित नहीं है।
वह दक्षिण अफ्रीकी टी20 लीग की टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स के साथ भी कोचिंग से जुड़े रहे हैं। अब दिल्ली की मुख्य टीम की जिम्मेदारी संभालते हुए उनके सामने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने की चुनौती होगी।
गांगुली ने बताया कोचिंग और क्रिकेट खेलने में अंतर
सौरव गांगुली ने मुख्य कोच की भूमिका को खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरने से बिल्कुल अलग बताया। उनके अनुसार, कोच को मैदान के बाहर शांत रहकर परिस्थितियों को समझना पड़ता है। सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग स्वभाव और जरूरत वाले खिलाड़ियों के साथ सही तरीके से काम करना होती है।उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी एक जैसा नहीं होता। इसलिए कोच को प्रत्येक क्रिकेटर की मानसिकता और खेल को समझते हुए उससे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने का तरीका तलाशना पड़ता है।










