प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला कारोबार और धनशोधन मामले की जांच के तहत 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई बड़े कोयला कारोबारियों और उनके सहयोगियों के परिसरों की तलाशी ली गई।
धनबाद: झारखंड के कोयलांचल धनबाद में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला कारोबार, धनशोधन और वसूली से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की। केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पहुंची ED की टीम ने करीब 25 से 28 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। एक कारोबारी के घर का गेट नहीं खुलने पर टीम सीढ़ी लगाकर अंदर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया।
सुबह 7 बजे शुरू हुई ED की बड़ी कार्रवाई
झारखंड के धनबाद में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पहुंची एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने सुबह करीब 7 बजे एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी कथित अवैध कोयला कारोबार, परिवहन, भंडारण और उससे अर्जित संपत्तियों की जांच के सिलसिले में की गई।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने संबंधित परिसरों को घेर लिया और प्रवेश-निकास पर निगरानी बढ़ा दी। इसके बाद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की तलाश में तलाशी अभियान शुरू किया गया।
गेट नहीं खुला तो सीढ़ी लगाकर घर में दाखिल हुई टीम
छापेमारी के दौरान एक कोयला कारोबारी के घर पर दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। जब काफी देर तक मुख्य गेट नहीं खोला गया, तो ED की टीम ने इंतजार करने के बजाय सीढ़ी का सहारा लिया और दीवार पार कर घर के अंदर पहुंच गई। इसके बाद अधिकारियों ने परिसर की तलाशी शुरू की।
इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। हालांकि सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में रखते हुए किसी को भी तलाशी अभियान में हस्तक्षेप नहीं करने दिया।
इन बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी
सूत्रों के अनुसार ED की कार्रवाई की जद में धनबाद के कई प्रमुख कोयला कारोबारी और आउटसोर्सिंग से जुड़े लोग आए हैं। जिन प्रमुख नामों के परिसरों पर तलाशी ली गई, उनमें एलबी सिंह, अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा शेखर यादव, आलोक तथा अन्य व्यावसायिक सहयोगियों के ठिकानों पर भी जांच जारी है।
एजेंसी इन कारोबारियों के वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। फिलहाल छापेमारी के दौरान बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पहले भी मिल चुके हैं करोड़ों रुपये और अहम दस्तावेज
यह पहली बार नहीं है जब धनबाद में कोयला कारोबारियों के खिलाफ ED ने इतनी बड़ी कार्रवाई की हो। इससे पहले नवंबर 2025 में भी एजेंसी ने कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान अधिकारियों को धनबाद और दुमका स्थित परिसरों से दो करोड़ रुपये से अधिक नकदी और करीब 150 से ज्यादा जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले थे।
इसी कड़ी में एजेंसी एक बार फिर कथित अवैध कोयला परिवहन, धनशोधन और उससे जुड़ी संपत्तियों के नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से मामले से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
फिलहाल ED की तलाशी विभिन्न परिसरों पर जारी है और दस्तावेजों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है और आगे जांच किस दिशा में बढ़ेगी।










