चेन्नई के कोरुक्कुपेट में मुख्यमंत्री विजय जैसी दिखने वाली कथित विनायगर प्रतिमा को लेकर विवाद बढ़ गया है। तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इसे हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में विनायगर चतुर्थी के दौरान एक प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने चेन्नई के कोरुक्कुपेट इलाके में कथित तौर पर मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय जैसी दिखने वाली विनायगर प्रतिमा को तत्काल हटाने की मांग की है। BJP नेता ने आरोप लगाया कि प्रतिमा में भगवान विनायगर के स्वरूप को मुख्यमंत्री विजय से मिलता-जुलता बनाया गया है। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया और प्रतिमा तैयार करने, स्थापित करने तथा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार और TVK की ओर से नैनार नागेंद्रन के आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रतिमा की स्थापना से TVK या उसके किसी पदाधिकारी का कोई संबंध है या नहीं।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
नैनार नागेंद्रन ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि कोरुक्कुपेट में विनायगर चतुर्थी समारोह के लिए प्रतिमा स्थापित की गई थी। उनका आरोप है कि प्रतिमा में भगवान विनायगर को मुख्यमंत्री विजय से मिलते-जुलते चेहरे और विशेषताओं के साथ प्रदर्शित किया गया।
BJP नेता ने इस तरह की प्रतिमा के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि धार्मिक त्योहार का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को बढ़ावा देने या राजनीतिक संदेश देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस और राज्य सरकार से प्रतिमा के डिजाइन, निर्माण, स्थापना और प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की।
'धार्मिक आस्था को राजनीतिक प्रचार से अलग रखा जाए'
नागेंद्रन ने कहा कि भगवान विनायगर देशभर में करोड़ों लोगों द्वारा श्रद्धा और आस्था के साथ पूजे जाते हैं। उनके मुताबिक, किसी धार्मिक देवी-देवता की छवि को समकालीन राजनीतिक व्यक्तित्व के प्रचार या महिमामंडन के लिए बदलना उचित नहीं है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि इस तरह की प्रस्तुति धार्मिक उपासना की पवित्रता को प्रभावित करती है और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है। उन्होंने राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों से धार्मिक आयोजनों में देवी-देवताओं को समकालीन राजनीतिक चेहरों से जोड़ने से बचने की अपील की।
प्रतिमा हटाने और आपराधिक कार्रवाई की मांग
नैनार नागेंद्रन ने पुलिस और राज्य सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विवादित प्रतिमा को बिना देरी हटाया जाना चाहिए, ताकि धार्मिक भावनाओं को और चोट पहुंचने से रोका जा सके। उन्होंने प्रतिमा तैयार करने और उसे स्थापित करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग भी की। BJP नेता के मुताबिक, प्रशासन को यह पता लगाना चाहिए कि प्रतिमा के निर्माण और स्थापना के पीछे कौन लोग थे। उन्होंने अधिकारियों से राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना निष्पक्ष कार्रवाई करने का आग्रह किया।
CM विजय पर भी BJP का निशाना
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री विजय की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक रूप से मामला सामने आने के बाद भी मुख्यमंत्री ने प्रतिमा की स्थापना की तत्काल निंदा नहीं की। नागेंद्रन ने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि धार्मिक त्योहार स्थापित परंपराओं और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए आयोजित हों।
उनके मुताबिक, सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी धार्मिक आयोजन को राजनीतिक प्रचार का माध्यम न बनाया जाए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुख्यमंत्री विजय की ओर से इस मामले पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
राजनीतिक दलों को धार्मिक प्रतीकों से दूर रहने की सलाह
BJP नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों को धार्मिक देवी-देवताओं को समकालीन राजनीतिक व्यक्तित्वों से जोड़ने से बचना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की प्रस्तुतियों को अनुमति दी जाती है, तो इससे एक गलत परंपरा स्थापित हो सकती है। उनके अनुसार, इससे धार्मिक आयोजनों से जुड़ी पवित्रता और आस्था प्रभावित होने का जोखिम है। नागेंद्रन ने प्रशासन से यह भी कहा कि कार्रवाई करते समय संबंधित लोगों की राजनीतिक संबद्धता को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
विनायगर चतुर्थी पर प्रतिमाओं और जुलूसों की परंपरा
तमिलनाडु में विनायगर चतुर्थी बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। इस दौरान स्थानीय समूह और पूजा समितियां अलग-अलग इलाकों में भगवान विनायगर की बड़ी प्रतिमाएं स्थापित करती हैं। त्योहार के दौरान विशेष पंडाल तैयार किए जाते हैं और कई स्थानों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इसके बाद प्रतिमाओं को जुलूस के रूप में ले जाकर विसर्जित किया जाता है। इसी व्यापक सार्वजनिक उत्सव के बीच कोरुक्कुपेट की कथित प्रतिमा को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है।
राजनीतिक संदेश को लेकर BJP की आपत्ति
BJP का मुख्य आरोप यह है कि धार्मिक त्योहार के लिए स्थापित प्रतिमा में एक मौजूदा राजनीतिक व्यक्तित्व की छवि का इस्तेमाल किया गया। पार्टी का कहना है कि इससे धार्मिक प्रतीक को राजनीतिक प्रचार से जोड़ने की स्थिति पैदा होती है।
नागेंद्रन ने इसे धार्मिक भावनाओं और आस्था से जुड़ा मुद्दा बताया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। हालांकि, प्रतिमा बनाने या स्थापित करने वाले समूह की ओर से उपलब्ध जानकारी में कोई पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए BJP के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय उपलब्ध नहीं है।
TVK और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
विवाद के बीच तमिलनाडु सरकार और TVK की ओर से नैनार नागेंद्रन के आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित रूप से विजय जैसी दिखने वाली प्रतिमा को किस समूह ने डिजाइन किया, तैयार किया या स्थापित किया था।
TVK की ओर से इस मामले में किसी पदाधिकारी की संलिप्तता की भी पुष्टि नहीं की गई है। आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि पुलिस जांच में प्रतिमा के निर्माण और स्थापना से जुड़े लोगों के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।
तमिलनाडु में बढ़ सकती है राजनीतिक बहस
कोरुक्कुपेट में प्रतिमा को लेकर विवाद ऐसे समय सामने आया है जब तमिलनाडु में राजनीतिक दल सार्वजनिक आयोजनों और धार्मिक त्योहारों में राजनीतिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग रुख रखते हैं। BJP की मांग से TVK और उसके समर्थकों के साथ राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। एक ओर BJP धार्मिक भावनाओं की रक्षा और धार्मिक प्रतीकों को राजनीतिक प्रचार से दूर रखने की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार और TVK की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। फिलहाल विवाद का केंद्र कथित रूप से विजय जैसी दिखने वाली विनायगर प्रतिमा है। BJP ने इसे हटाने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मामले में आगे की स्थिति पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल BJP प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने प्रतिमा को लेकर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, सरकार और TVK की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आने के कारण प्रतिमा की स्थापना के पीछे वास्तविक जिम्मेदारी और उद्देश्य को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। यह विवाद तमिलनाडु में धार्मिक उत्सवों, राजनीतिक प्रतीकों और सार्वजनिक आयोजनों के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस को जन्म दे सकता है।











