झारखंड में गणेश चतुर्थी की धूम, राज्यपाल और CM ने की शांति-समृद्धि की कामना

झारखंड में गणेश चतुर्थी पारंपरिक उत्साह और सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाई गई है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और CM हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

झारखंड में गणेश चतुर्थी पारंपरिक उत्साह और सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाई जा रही है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। रांची में कई पूजा समितियों ने विशेष थीम पर भव्य पंडाल तैयार किए हैं।

रांची: झारखंड में गणेश चतुर्थी का पर्व पारंपरिक उत्साह और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भगवान गणेश से राज्य में शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। राज्य में 14 से 20 सितंबर तक गणपति पूजा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान राजधानी रांची समेत विभिन्न इलाकों में पूजा पंडाल सजाए गए हैं और श्रद्धालुओं के लिए कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रमुख पूजा समितियों ने रविवार शाम से श्रद्धालुओं के लिए अपने पंडाल खोलने शुरू कर दिए।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दी शुभकामनाएं

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भगवान गणेश से सभी के जीवन में खुशहाली और शांति प्रदान करने तथा बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की।

राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा, “भगवान श्री गणेश सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें तथा सभी बाधाओं को दूर कर जीवन को मंगलमय बनाएं।” गंगवार ने इस अवसर पर लोगों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं और पर्व के महत्व को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी दी बधाई

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने X पर अपने संदेश में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगल प्रदान करने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने गणेश चतुर्थी को भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए समर्पित पावन पर्व बताते हुए लोगों के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

राज्य के दोनों शीर्ष नेताओं के संदेशों में प्रदेश में शांति, समृद्धि और लोगों के कल्याण की कामना प्रमुख रही।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास पर पूजा

गणेश चतुर्थी के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार गणपति पूजा में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना की।

इस मौके पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की बधाई देते हुए कहा कि भारत की पहचान इस बात से है कि जब भी देश में कोई त्योहार मनाया जाता है, तो लोग केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के कल्याण और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर मनाई जाती है।

कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रांची की मेयर रोशनी खलखो और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

14 से 20 सितंबर तक गणपति उत्सव

झारखंड में गणपति पूजा महोत्सव 14 सितंबर से 20 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में पहुंच रहे हैं।

पूजा समितियों की ओर से धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा अलग-अलग कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रमुख समितियों ने रविवार शाम से श्रद्धालुओं के लिए अपने पंडाल खोल दिए।

इस वर्ष कई समितियों ने पारंपरिक पूजा के साथ-साथ विशेष थीम पर आधारित पंडाल तैयार किए हैं। इससे गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण बढ़ा है।

कचहरी रोड पर गजराज पूजा महासमिति का मयूर थीम पंडाल

कचहरी रोड स्थित गजराज पूजा महासमिति इस वर्ष लगातार 15वें साल गणेश पूजा का आयोजन कर रही है। समिति ने इस बार मयूर यानी मोर थीम पर आधारित विशेष पंडाल तैयार किया है।

पांच दिवसीय गणेश पूजा की शुरुआत सोमवार सुबह पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई। पूजा अनुष्ठान पुजारी विनय मिश्रा ने संपन्न कराया।

इस दौरान पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार गौरी-गणेश, वरुण, सूर्य और नवग्रहों की पूजा की गई। समिति ने इस वर्ष प्राचीन भारतीय परंपराओं से प्रेरित भव्य गणेश पूजा पंडाल तैयार किया है।

25 फीट ऊंचा और 25 फीट चौड़ा पंडाल

गजराज पूजा महासमिति का इस वर्ष का पंडाल लगभग 25 फीट ऊंचा और 25 फीट चौड़ा है। इसे प्राचीन भारतीय परंपराओं से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है।

पंडाल में धार्मिक और पारंपरिक तत्वों को प्रमुखता दी गई है। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूजा के साथ एक विशेष सांस्कृतिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

गणेश उत्सव के दौरान हर दिन शाम को आरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। स्थानीय लोग भी इस वर्ष भजन समूह में शामिल होंगे, जिससे पूजा स्थल पर भक्तिमय माहौल और मजबूत होगा।

महादेव पूजा समिति ने सजावट में जोड़े नए आकर्षण

महादेव पूजा समिति ने पारंपरिक पंडाल सजावट से आगे बढ़कर श्रद्धालुओं के लिए कुछ नए आकर्षण भी जोड़े हैं।

समिति के सदस्य तुषार कुमार ने बताया कि पंडाल के आसपास आगंतुकों के लिए सेल्फी स्टैंड लगाए जाएंगे। इसके अलावा पंडाल की लाइटिंग भी महाराष्ट्रीयन थीम पर आधारित होगी।

उन्होंने बताया कि इस सजावट के जरिए गणपति बप्पा को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा। इससे पूजा पंडाल को पारंपरिक धार्मिक आयोजन के साथ आधुनिक आकर्षण भी मिलेगा।

गणेश प्रतिमाओं में भी बदली पसंद

गणेश उत्सव के लिए तैयार की जा रही प्रतिमाओं में भी इस वर्ष बदलाव देखने को मिल रहा है। मूर्तिकार अलीक पॉल के अनुसार, महाराष्ट्रीयन शैली की गणेश प्रतिमाओं की मांग बढ़ी है।

यह बदलाव पूजा पंडालों की सजावट और थीम में आए परिवर्तन के साथ भी जुड़ा हुआ दिखाई देता है। आयोजक इस वर्ष पारंपरिक धार्मिक स्वरूप के साथ अलग-अलग क्षेत्रीय और सांस्कृतिक शैलियों को भी शामिल कर रहे हैं।

महाराष्ट्रीयन शैली की प्रतिमाओं की बढ़ती मांग इस बात का संकेत देती है कि गणेश उत्सव की सजावट और प्रतिमा निर्माण में नई थीम और डिजाइन को लेकर लोगों की रुचि बढ़ रही है।

सुरक्षा के बीच हो रहा आयोजन

झारखंड में गणेश चतुर्थी पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई जा रही है और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पंडालों में पहुंचने के मद्देनजर प्रमुख आयोजन स्थलों पर सुरक्षा को महत्व दिया जा रहा है।

राज्य में 14 से 20 सितंबर तक चलने वाले गणपति उत्सव के दौरान विभिन्न पूजा समितियां धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं। पंडालों में शाम की आरती और प्रसाद वितरण के साथ भक्तिमय गतिविधियां जारी रहेंगी।

धार्मिक उत्सव के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश

गणेश चतुर्थी के अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के संदेशों में लोगों के कल्याण और राज्य की समृद्धि की कामना की गई है। राज्यपाल ने विशेष रूप से त्योहारों के दौरान पूरे राष्ट्र के कल्याण की प्रार्थना करने की भारतीय परंपरा का उल्लेख किया।

इस वर्ष झारखंड में गणेश उत्सव धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विविधता का भी रंग दिखा रहा है। कहीं प्राचीन भारतीय परंपराओं से प्रेरित पंडाल तैयार किए गए हैं, तो कहीं महाराष्ट्रीयन थीम को सजावट और प्रतिमाओं में जगह दी गई है।

रांची में विभिन्न पूजा समितियों की तैयारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी से गणेश चतुर्थी का उत्सव पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है।

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