नंदीग्राम उपचुनाव में BJP का बड़ा दांव, शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA की मां को टिकट

नंदीग्राम उपचुनाव में BJP ने शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA चंद्रनाथ रथ की मां हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। रेजीनगर से सखराव सरकार को टिकट मिला।

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA चंद्रनाथ रथ की मां हासीरानी रथ और रेजीनगर से सखराव सरकार चुनाव लड़ेंगे।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। हासीरानी रथ, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
बीजेपी ने नंदीग्राम के साथ रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए भी अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है। पार्टी ने रेजीनगर से सखराव सरकार को चुनाव मैदान में उतारा है। दोनों सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।

नंदीग्राम से हासीरानी रथ पर बीजेपी का भरोसा

बीजेपी का नंदीग्राम से हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाना राजनीतिक और भावनात्मक, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हासीरानी रथ के बेटे चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के उस समय PA थे, जब मई 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आए थे।

6 मई 2026 को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

घटना के बाद से बीजेपी हासीरानी रथ के संपर्क में थी। अब पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम जैसी महत्वपूर्ण विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है।

कौन हैं हासीरानी रथ?

62 वर्षीय हासीरानी रथ पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चंडीपुर इलाके के कुलुप गांव की रहने वाली हैं। वह स्थानीय स्तर की राजनीति में सक्रिय रही हैं और पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधि के रूप में भी काम कर चुकी हैं।

हासीरानी रथ की राजनीतिक पृष्ठभूमि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ी रही है। बाद में जब शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा, तो हासीरानी रथ भी बीजेपी में शामिल हो गईं।

स्रोत के अनुसार, रथ परिवार और अधिकारी परिवार के बीच लंबे समय से राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहे हैं। यह संबंध दो दशक से भी अधिक पुराना बताया गया है।

पंचायत समिति में निभा चुकी हैं जिम्मेदारी

हासीरानी रथ ने 2013 से 2018 के दौरान चंडीपुर पंचायत समिति में शिशु एवं नारी विकास कर्माध्यक्ष के तौर पर काम किया था।

स्थानीय राजनीति में उनका अनुभव भी बीजेपी के उम्मीदवार चयन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, वह पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी थीं, लेकिन बाद में शुभेंदु अधिकारी के बीजेपी में आने के बाद उन्होंने भी बीजेपी के साथ राजनीतिक सफर शुरू किया।

हासीरानी रथ ने कुछ दिन पहले खुद कहा था कि वह 1998 से राजनीति से जुड़ी हुई हैं।

2020 में अधिकारी के साथ बीजेपी में आईं

दिसंबर 2020 में शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में प्रवेश किया था। स्रोत के अनुसार, उसी दौरान हासीरानी रथ समेत उनका पूरा परिवार भी बीजेपी में आ गया।

रथ परिवार का अधिकारी परिवार के साथ लंबे समय से राजनीतिक जुड़ाव रहा है। शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक सफर और उनके उभार के दौर से ही रथ परिवार उनके साथ रहा है।

हासीरानी रथ के पति का 2024 में निधन हो चुका है।

हासीरानी रथ के बीजेपी उम्मीदवार बनने के पीछे उनके परिवार से जुड़ी हालिया घटना भी महत्वपूर्ण है। उनके बेटे चंद्रनाथ रथ, जो शुभेंदु अधिकारी के PA के तौर पर काम कर चुके थे, की 6 मई 2026 के चुनाव परिणामों के बाद मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इसके बाद बीजेपी का हासीरानी रथ के साथ संपर्क बना रहा। अब पार्टी ने नंदीग्राम से उन्हें टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है।

हालांकि, चंद्रनाथ रथ की हत्या और हासीरानी रथ की उम्मीदवारी के बीच राजनीतिक संबंधों को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं हो सकती हैं, लेकिन उपलब्ध स्रोत में बीजेपी के टिकट देने के फैसले के पीछे किसी आधिकारिक कारण का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।

रेजीनगर से सखराव सरकार उम्मीदवार

बीजेपी ने नंदीग्राम के साथ रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए भी उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने यहां से सखराव सरकार को चुनाव मैदान में उतारा है।

इस तरह दोनों विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी ने अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं और अब चुनावी मुकाबला तेज होने की संभावना है।

6 अक्टूबर को होगा मतदान

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। इसके बाद 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर निर्धारित है। इसके बाद 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी।

उम्मीदवार 19 सितंबर तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव मैदान में मौजूद उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।

नंदीग्राम पर क्यों है नजर?

नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र रहा है। शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक सफर और इस क्षेत्र से उनके संबंधों ने इसे राज्य की हाई-प्रोफाइल सीटों में शामिल किया है।

ऐसे में बीजेपी द्वारा शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA की मां हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाए जाने से इस सीट पर मुकाबला और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

वहीं, रेजीनगर में सखराव सरकार की उम्मीदवारी के साथ बीजेपी दोनों उपचुनावों में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगी।

अब आगे क्या?

नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों सीटों पर चुनाव प्रचार तेज होगा। 16 सितंबर तक नामांकन, 17 सितंबर को जांच और 19 सितंबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची सामने आएगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। नंदीग्राम में हासीरानी रथ की उम्मीदवारी ने चुनाव को खासा चर्चा में ला दिया है, जबकि रेजीनगर में भी बीजेपी ने सखराव सरकार पर भरोसा जताया है। दोनों सीटों के नतीजे पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाएंगे

Leave a comment