मुजफ्फरपुर में रिटायर्ड दारोगा के बंद घर में पेट्रोल डालकर आग, परिवार को जिंदा जलाने की साजिश का आरोप

मुजफ्फरपुर के अहियापुर में रिटायर्ड दारोगा के बंद घर में पेट्रोल डालकर आग लगाई गई। परिवार ने जिंदा जलाने की साजिश का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी।
मुजफ्फरपुर में रिटायर्ड दारोगा के बंद घर में पेट्रोल डालकर आग, परिवार को जिंदा जलाने की साजिश का आरोप
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मुजफ्फरपुर। अहियापुर थाना क्षेत्र के मुरादपुरदुल्ला इलाके में एक रिटायर्ड दारोगा के बंद घर में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का मामला सामने आया है। घटना के समय घर में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। परिवार के लोग पटना में रह रहे थे, जबकि घर की देखरेख से जुड़े सदस्य भी घटना के समय बाहर थे। देर रात पड़ोसियों की सूचना के बाद मामले की जानकारी परिवार को हुई। रिटायर्ड दारोगा के बेटे ने अज्ञात लोगों पर घर में आग लगाकर परिवार के सदस्यों को जिंदा जलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बताया गया कि मुरादपुरदुल्ला में रिटायर्ड दारोगा विश्वनाथ सिंह का घर है। घटना के वक्त उनका परिवार पटना के आशियाना मोड़ के पास रह रहा था। घर में उनकी विधवा भाभी और भतीजा रहते हैं। भाभी सरकारी शिक्षिका हैं और अपने बेटे की प्रतियोगी परीक्षा के सिलसिले में बिहार से बाहर गई हुई थीं। इसी दौरान घर बंद था। रात में पड़ोसियों ने घर से धुआं और आग की स्थिति देखी तो उन्होंने परिवार के लोगों को फोन करके सूचना दी। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।

मामले की सूचना मिलने पर अहियापुर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। आग की वजह से घर के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, संपत्ति को हुए कुल नुकसान का अभी आकलन किया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आग लगने के कारणों और इसके पीछे शामिल लोगों का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस इस घटना को सामान्य आगजनी मानकर नहीं चल रही है। रिटायर्ड दारोगा के पुत्र राजकुमार सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में आशंका जताई है कि घर के चारों तरफ पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई गई। उनका आरोप है कि इस घटना का उद्देश्य परिवार के सदस्यों को जिंदा जलाना हो सकता था। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगाने के पीछे वास्तविक मंशा क्या थी।

पुलिस को घटनास्थल से कुछ ऐसे सामान भी मिले हैं, जिनके आधार पर आगजनी की घटना की जांच की जा रही है। घर की गैलरी में करीब दो लीटर क्षमता वाली प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल मिला है। इसके अलावा आसपास माचिस की तीलियां भी बिखरी हुई मिलीं। इन वस्तुओं को पुलिस ने जांच के महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में लिया है। घटनास्थल से मिले नमूनों की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। टीम ने आग लगने वाले स्थानों और घर के अलग-अलग हिस्सों से आवश्यक सैंपल एकत्र किए हैं।

एफएसएल जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग लगाने के लिए वास्तव में पेट्रोल या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। घटनास्थल से मिले पेट्रोल के नमूने और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस को घटना की प्रकृति और आग लगाने के तरीके को समझने में मदद मिलेगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेट्रोल की बोतल घटनास्थल तक कैसे पहुंची और उसे वहां किसने रखा था।

घटना के बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि आग लगने से पहले या घटना के तुरंत बाद इलाके में कोई संदिग्ध व्यक्ति देखा गया था या नहीं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालने की तैयारी कर रही है। सीसीटीवी फुटेज से किसी संदिग्ध की गतिविधि, आने-जाने का रास्ता या घटना के समय इलाके में मौजूद लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि परिवार का किसी व्यक्ति से पुराना विवाद या आपसी रंजिश तो नहीं चल रही थी। इसके अलावा जमीन-जायदाद से जुड़ा विवाद, पारिवारिक विवाद या किसी अन्य कारण को भी जांच के दायरे में रखा गया है। फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया गया है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।

रिटायर्ड दारोगा के परिवार की ओर से इस घटना को गंभीर साजिश बताया गया है। परिवार का कहना है कि यदि घटना के समय घर में लोग मौजूद होते तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। घर के चारों ओर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने की बात सामने आने के बाद परिवार में भी दहशत का माहौल है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना को अंजाम देने वाला व्यक्ति कौन था और उसने घर को ही निशाना क्यों बनाया।

अहियापुर थानाध्यक्ष शरत कुमार के अनुसार, परिवार की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की है और एफएसएल टीम ने भी आवश्यक नमूने लिए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ उपलब्ध तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को जोड़कर मामले की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घटना में शामिल व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करना है। इसके लिए घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी और एफएसएल रिपोर्ट को एक साथ देखा जाएगा। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आगजनी की घटना किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

इस घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। एक बंद घर को निशाना बनाकर पेट्रोल से आग लगाने की घटना सामने आने के बाद आसपास के लोगों में चिंता है। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि अगर पड़ोसियों की समय पर नजर नहीं पड़ती और आग फैल जाती तो नुकसान काफी ज्यादा हो सकता था। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।

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