रेलवे बोर्ड वाराणसी जंक्शन से नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत चलाने की तैयारी कर रहा है। मेंटेनेंस सुविधा को देखते हुए स्टेशन का चयन किया गया है और त्योहारी सीजन से पहले संचालन की उम्मीद है।
वाराणसी: काशी के यात्रियों को जल्द स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की सुविधा मिल सकती है। रेलवे बोर्ड ने वाराणसी जंक्शन से नई दिल्ली के बीच ट्रेन चलाने की दिशा में तैयारी शुरू की है। फिलहाल इसके रूट को लेकर अंतिम सहमति नहीं बनी है। मेंटेनेंस की बेहतर सुविधा और त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को देखते हुए इसके जल्द संचालन की उम्मीद जताई जा रही है।
वाराणसी जंक्शन से संचालन की तैयारी
रेलवे बोर्ड स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस को वाराणसी जंक्शन यानी कैंट रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली के बीच चलाने की तैयारी कर रहा है। इससे काशी के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक नया विकल्प मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ट्रेन किस रूट से चलेगी, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

रेल सूत्रों के अनुसार रेलवे के पास स्लीपर वंदे भारत के दो रैक उपलब्ध हैं। पहले इनमें से एक ट्रेन को बनारस रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली के बीच चलाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए बनारस स्टेशन से फिजिबिलिटी भी मांगी गई थी। लेकिन वहां मेंटेनेंस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण अब वाराणसी जंक्शन से ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है।
मेंटेनेंस सुविधा के कारण बदला स्टेशन
वाराणसी के आसपास ट्रेनों के मेंटेनेंस की पुख्ता व्यवस्था पहले से मौजूद है। इसी को देखते हुए रेलवे बोर्ड वाराणसी जंक्शन को स्लीपर वंदे भारत के संचालन के लिए उपयुक्त मान रहा है। हालांकि, नार्दन रेल के अधिकारियों की ओर से अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
अधिकारियों ने औपचारिक घोषणा से दूरी बनाए रखी है, लेकिन फिजिबिलिटी मांगे जाने की बात स्वीकार की जा रही है। ऐसे में वाराणसी जंक्शन से नई दिल्ली के बीच इस ट्रेन के संचालन की संभावना बढ़ गई है। उम्मीद है कि त्योहारी सीजन से पहले ट्रेन को पटरी पर उतारा जा सकता है। इससे दशहरा और दीपावली के दौरान दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिल सकती है।
मौजूदा ट्रेनों में भीड़ से मिलेगी राहत
वाराणसी से दिल्ली रूट पर पहले से कई प्रमुख ट्रेनें संचालित हो रही हैं। बनारस स्टेशन से काशी विश्वनाथ, शिवगंगा और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस चलती हैं। वहीं, वाराणसी जंक्शन से दो वंदे भारत ट्रेनें और सप्ताह में तीन दिन महामना एक्सप्रेस का संचालन होता है।
इसके बावजूद यात्रियों की संख्या के मुकाबले ट्रेन सेवाएं पर्याप्त नहीं पड़ रही हैं। खासकर रविवार शाम को ट्रेनों में ओवरक्राउड की स्थिति बन जाती है और यात्रियों को सीट मिलने में परेशानी होती है। ऐसे में स्लीपर वंदे भारत का संचालन शुरू होने पर इस रूट पर यात्रियों को एक और विकल्प मिलेगा। त्योहारी सीजन में बढ़ने वाले ट्रैफिक के बीच यह सेवा काशी और आसपास के यात्रियों के लिए राहत देने वाली साबित हो सकती है।











