गया में स्कूल के लिए निकलीं 4 छात्राएं मुंबई से बरामद, मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग

गया के वजीरगंज से स्कूल जाने के बाद लापता हुईं चार नाबालिग छात्राएं मुंबई से बरामद हो गईं। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनका पता लगाया।
गया में स्कूल के लिए निकलीं 4 छात्राएं मुंबई से बरामद, मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग
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गया। बिहार के गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र से एक साथ लापता हुईं चार नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने आखिरकार मुंबई से सकुशल बरामद कर लिया है। चारों छात्राएं 9 सितंबर को घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकली थीं, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। इसके बाद परिजनों ने उनकी काफी तलाश की और पुलिस से शिकायत की। मामला गंभीर होने के बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को छात्राओं के मुंबई में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर चारों को बरामद कर लिया।

चारों छात्राएं गया के वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक ही गांव की रहने वाली हैं। इनमें तीन छात्राएं 11वीं कक्षा में पढ़ती हैं, जबकि एक छात्रा 10वीं की बताई गई है। परिजनों के अनुसार, 9 सितंबर को चारों छात्राएं सामान्य दिनों की तरह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं। बताया गया कि उन्हें स्कूल में परीक्षा फॉर्म भरना था। परिवार को उम्मीद थी कि छात्राएं निर्धारित समय पर वापस घर लौट आएंगी, लेकिन शाम होने के बाद भी जब वे नहीं पहुंचीं तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

पहले परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर छात्राओं की तलाश शुरू की। स्कूल, रिश्तेदारों, सहेलियों के घर और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन चारों का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने वजीरगंज थाने में आवेदन देकर छात्राओं की बरामदगी की गुहार लगाई। चार नाबालिग छात्राओं के एक साथ गायब होने की सूचना से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया और मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई।

पुलिस ने सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश की कि छात्राएं उस दिन वास्तव में स्कूल पहुंची थीं या नहीं। जांच के दौरान पुलिस टीम सकरदास नवादा स्थित उच्च विद्यालय पहुंची और स्कूल प्रबंधन से जानकारी ली। स्कूल प्रशासन की ओर से बताया गया कि लापता छात्राओं में से तीन इसी विद्यालय में पढ़ती हैं। पुलिस ने उनकी उपस्थिति, स्कूल आने-जाने और उस दिन की गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई।

मामले की जांच में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। छात्राओं के मोबाइल फोन की गतिविधियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन को खंगाला गया। शुरुआती जांच में यह सामने आया था कि सुबह करीब 9:30 बजे छात्राओं के मोबाइल बंद हो गए थे और आखिरी लोकेशन स्कूल के आसपास की मिली थी। पुलिस ने गया जंक्शन समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले थे।

जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को छात्राओं की लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस ने बिना देर किए टीम को मुंबई भेजा। तकनीकी जांच से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने चारों छात्राओं को वहां से सकुशल बरामद कर लिया। घटना के सातवें दिन मंगलवार को पुलिस चारों छात्राओं को लेकर वजीरगंज थाना पहुंची। छात्राओं के सकुशल मिलने की खबर से उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।

हालांकि, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चारों छात्राएं गया से मुंबई तक कैसे पहुंचीं। वे किसके साथ गई थीं, मुंबई जाने की योजना कैसे बनी और इसके पीछे उनका उद्देश्य क्या था, इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच में सामने आएंगे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्राएं किसी के संपर्क में थीं या उन्होंने खुद मुंबई जाने का फैसला किया था।

इससे पहले जांच के दौरान पुलिस ने अपहरण समेत कई संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की थी। वजीरगंज डीएसपी अभिनव कुमार ने बताया था कि तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। उस समय पुलिस को ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला था, जिससे किसी व्यक्ति द्वारा जबरन छात्राओं को ले जाने की पुष्टि हो सके। छात्राओं के एक साथ कहीं जाने की संभावना पर भी जांच की जा रही थी।

अब छात्राओं की बरामदगी के बाद पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। पुलिस के अनुसार, चारों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे। इसके बाद उनके बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि छात्राएं मुंबई में कहां थीं और वहां पहुंचने में किस व्यक्ति या माध्यम की भूमिका रही।

इस मामले में पुलिस की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण साबित हुई। शुरुआत में चारों छात्राओं के अचानक गायब होने से परिवार और गांव के लोगों के बीच तरह-तरह की आशंकाएं पैदा हो गई थीं। चार नाबालिगों का एक साथ लापता होना सामान्य घटना नहीं थी, इसलिए पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, सीडीआर, सीसीटीवी और संभावित रास्तों की जांच को प्राथमिकता दी। आखिरकार मोबाइल लोकेशन से मिले सुराग ने पुलिस को मुंबई तक पहुंचा दिया।

परिजनों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि चारों छात्राएं सुरक्षित मिल गई हैं। अब पुलिस उनके बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह जानने की कोशिश करेगी कि वे घर से निकलने के बाद किन परिस्थितियों में मुंबई पहुंचीं। मामले में आगे की कार्रवाई छात्राओं के बयान और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

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