आगरा RTO में वाहन और सारथी सेवाओं की फीस अब डिजिटल माध्यम से जमा करने को प्राथमिकता दी जाएगी। नेट बैंकिंग, UPI, डेबिट कार्ड, QR कोड और POS मशीन से भुगतान की सुविधा मिलेगी।
आगरा: RTO कार्यालय में वाहन और सारथी सेवाओं से जुड़े शुल्क के भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। आगरा में वाहन स्वामियों और चालकों को ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे कतार और नकद लेन-देन से जुड़ी परेशानियां कम होंगी।
RTO में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
आगरा RTO कार्यालय में अब वाहन और सारथी सेवाओं के शुल्क का भुगतान डिजिटल माध्यम से करने पर जोर दिया जाएगा। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों में डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को बढ़ावा देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका उद्देश्य शुल्क जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ कार्यालय में नकद लेन-देन को कम करना है।

एआरटीओ प्रशासन विनय सिंह के अनुसार, वाहन स्वामियों और चालकों को विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क जमा करने के दौरान कई डिजिटल विकल्प उपलब्ध होंगे। इनमें नेट बैंकिंग, UPI, डेबिट कार्ड, QR कोड और POS मशीन के माध्यम से भुगतान शामिल है। इससे लोगों को फीस जमा करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिलने की उम्मीद है।
18 सेवाओं की फीस ऑनलाइन जमा होगी
नई व्यवस्था के तहत वाहन पंजीकरण शुल्क, पंजीकरण नवीनीकरण शुल्क और परमिट से संबंधित फीस का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा जुर्माना, वाहन निरीक्षण समेत 18 सेवाओं के शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से स्वीकार किया जाएगा।
परिवहन विभाग की ओर से वाहन स्वामियों और चालकों को डिजिटल विकल्पों के इस्तेमाल के लिए जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। कार्यालय में उपलब्ध अलग-अलग डिजिटल माध्यमों के जरिए लोग अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान कर सकेंगे। इससे फीस जमा करने की प्रक्रिया में समय भी कम लग सकता है और भुगतान से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जा सकेगा।
हर भुगतान का रहेगा डिजिटल रिकॉर्ड
डिजिटल भुगतान व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण फायदा यह होगा कि प्रत्येक लेन-देन का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे शुल्क भुगतान में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही नकद राशि के लेन-देन से जुड़े जोखिम भी कम होंगे। विभाग का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड रहने से भुगतान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
हालांकि, विशेष परिस्थितियों में लोगों को नकद भुगतान की सुविधा मिल सकेगी। यानी सामान्य तौर पर डिजिटल माध्यम से शुल्क जमा करने को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन जरूरत पड़ने पर नकद भुगतान का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। परिवहन विभाग की यह पहल RTO में वाहन और सारथी सेवाओं से जुड़े शुल्क भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।











