मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला इस बार फिर विवाद का केंद्र बन गई है। 23 जनवरी, 2026 को बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जिसके कारण हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच पूजा और जुमे की नमाज को लेकर तनाव बढ़ गया है।
थार: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला फिर से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद का केंद्र बन गई है। इस बार विवाद का कारण बसंत पंचमी, जो इस साल 23 जनवरी, शुक्रवार को पड़ रही है, है। हिंदू पक्ष पूरे दिन अखंड पूजा करने पर अड़ा है, जबकि मुस्लिम पक्ष जुमे की नमाज अदा करने की जिद पर कायम है। हिंदू पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी, जिसमें बसंत पंचमी पर जुमे की नमाज पर रोक लगाने की मांग की गई है।
भोजशाला का ऐतिहासिक महत्व
हिंदू पक्ष भोजशाला को सरस्वती मंदिर मानता है, जहां वे मां शारदा की पूजा करते हैं। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है, जहां वे नमाज पढ़ते हैं। सामान्य दिनों में हिंदुओं को मंगलवार को पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत मिलती है। लेकिन इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है, जिससे दोनों पक्षों के दावे टकरा रहे हैं। हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी साल में एक बार आती है, इसलिए पूरे दिन पूजा होनी चाहिए। वहीं, मुस्लिम पक्ष कम संख्या में ही सही, लेकिन नमाज पढ़ने पर अड़ा हुआ है।
हाईकोर्ट के आदेश का विवरण
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला में पूजा और नमाज के समय को लेकर पहले ही आदेश जारी किया है:
- हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने की अनुमति।
- बसंत पंचमी के दिन हिंदुओं को पूजा करने की विशेष अनुमति।
- मुस्लिम पक्ष को हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति।
यदि बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तो समय सारिणी इस प्रकार होगी:
- सरस्वती पूजा: सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक।
- जुमे की नमाज: दोपहर 1 से 3 बजे तक।
दोनों पक्षों की तैयारी

हिंदू पक्ष पूजा की तैयारियों में जुटा हुआ है। भगवा झंडे लगाए गए हैं और पूरे दिन अखंड पूजा, यज्ञ और पाठ की योजना बनाई गई है। महिलाओं ने घर-घर पीले चावल बांटकर लोगों को भोजशाला आने के लिए आमंत्रित किया है। हिंदू समाज के प्रतिनिधि अशोक जैन ने कहा, “23 तारीख को मां सरस्वती की पूजा के लिए भक्त भोजशाला आएंगे। अखंड पूजा और यज्ञ पूरे दिन चलेंगे।”
मुस्लिम पक्ष भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। कमाल मस्जिद के सदर जुल्फिकार पठान ने कहा, “हम कम संख्या में लोग नमाज अदा करेंगे। हिंदू पक्ष बड़ा दिल दिखाए और दो घंटे नमाज की अनुमति दे।
सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता
विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने भोजशाला के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं:
- 8000 से ज्यादा सुरक्षा जवान तैनात।
- 200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए।
- हर गली की 3D मैपिंग कराई गई।
- 22 से 27 जनवरी तक ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी।
- भोजशाला परिसर का 300 मीटर एरिया नो फ्लाई जोन घोषित।
- इलाके में फ्लैग मार्च और नियमित गश्त।
इंदौर के आईजी अनुराग ने कहा, “हमने सभी पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। स्थिति न बिगड़े, इसके लिए हर क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।” प्रशासन ने यह भी कहा कि शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।











