Digital Dementia: डिमेंशिया बच्चों के लिए खतरे की घंटी, मोबाइल की लत से मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर, जानें इसके प्रभाव और लक्षण

Digital Dementia: डिमेंशिया बच्चों के लिए खतरे की घंटी, मोबाइल की लत से मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर, जानें इसके प्रभाव और लक्षण दिमेंश्या बीमारी लक्षण

फोन अब केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि इसके द्वारा आप शॉपिंग, बैंकिंग, पढ़ाई और कई अन्य कार्य भी आसानी से कर सकते हैं। इन सुविधाओं के कारण लोग फोन के प्रति अत्यधिक निर्भर होते जा रहे हैं। इस निर्भरता ने लोगों को आलसी और भुलक्कड़ बना दिया है। कम उम्र में भूलने की इस समस्या को 'डिजिटल डिमेंशिया' (Digital Dementia) के नाम से जाना जा रहा है।

New Delhi: फोन डिजिटल क्रांति की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। आज के दौर में, फोन के माध्यम से हम बिना किसी रुकावट के घंटों बातें कर सकते हैं। बातचीत के अलावा, फोन ने शिक्षा, बैंकिंग, शॉपिंग जैसी गतिविधियों को भी बेहद सरल बना दिया है, जिसके कारण लोग इस पर अत्यधिक निर्भर हो गए हैं। हम जागते, खाते-पीते, और उठते-बैठते हर समय अपने फोन की स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रहते हैं। हालांकि, फोन के अत्यधिक उपयोग और उस पर निर्भरता के कारण, लोग Digital Dementia जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

Digital Dementia: डिमेंशिया बच्चों के लिए खतरे की घंटी, मोबाइल की लत से मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर, जानें इसके प्रभाव और लक्षण

डिमेंशिया का प्रभाव

आपको बता दे कि कभी काम, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग, कभी फिल्में देखना, तो कभी गेम खेलना... वजह चाहे जो हो, घंटों तक फोन पर समय बिताना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक आदत है। इससे मस्तिष्क की कार्यक्षमता में कमी आने लगती है। इस स्थिति को विशेषज्ञ "डिजिटल डिमेंशिया" का नाम दे रहे हैं।

Dementia के दुष्प्रभाव

भ्रम (confusion): व्यक्ति को स्पष्टता की कमी महसूस होती है और वह अपने विचारों में उलझन में रहता है। छोटी-छोटी बातें भूलना, ध्यान केंद्रित करने में कमी (फोकस में कमी), थकान, Brain fog जैसे लक्षण देखे जाते हैं।

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यवाओं और वयस्कों में दिखे ये लक्षण

डिजिटल डिमेंशिया के ये लक्षण आजकल युवाओं और वयस्कों में बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। इसके कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। काम और पढ़ाई में उनका मन नहीं लग रहा है। जिन कार्यों को पहले वे आसानी से पूरा कर लेते थे, अब उन्हें करने में समय लग रहा है और वे सही तरीके से भी नहीं कर पा रहे हैं।

Digital Dementia से कैसे बचें ?

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 ➤Demontia के बचाव के उपाय

1.फोन के उपयोग का समय निर्धारित करें - फोन के उपयोग के लिए एक विशेष समय तय कर लें। इससे आप इसकी लत से बच सकेंगे और अन्य गतिविधियों के लिए भी समय निकाल पाएंगे।

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2. फिटनेस पर ध्यान दें' - हर दिन कुछ समय व्यायाम करने के लिए निकालें। योग, ध्यान और चलने जैसी गतिविधियाँ शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखती हैं।

3. ऑनलाइन से अधिक ऑफलाइन गतिविधियाँ करें - किताबें पढ़ें, नई चीजें सीखें, पहेलियाँ हल करें। इससे आपके मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है।

4. लोगों से मिलें-जुलें- फोन से थोड़ी दूरी बनाकर दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं। इससे आपके मन को शांति मिलेगी और आप अधिक रिलैक्स महसूस करेंगे।

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5.अच्छी डाइट लें- विटामिन और मिनरल्स से भरपूर आहार का सेवन करें। मस्तिष्क को स्वस्थ और सक्रिय रखने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ई और बी 12 आवश्यक हैं।

6. नींद पूरी करें- स्वस्थ शरीर के लिए 7 से 8 घंटे की नींद आवश्यक होती है। इससे मस्तिष्क आराम करता है और इसकी कार्यक्षमता बढ़ती है।

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