दिल्ली में आत्मघाती हमला या साजिश? लाल किला मेट्रो के पास धमाके का खुलासा

दिल्ली में आत्मघाती हमला या साजिश? लाल किला मेट्रो के पास धमाके का खुलासा

दिल्ली लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत और 25 घायल। धमाका आत्मघाती हमला होने का अनुमान। पुलिस और एनएसजी समेत सभी सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी, पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी।

Delhi Blast: दिल्ली में सोमवार, 10 नवंबर की शाम राजधानी के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में जोरदार धमाका हुआ। यह धमाका इतना भयानक था कि आसपास की गाड़ियां और इमारतें भी प्रभावित हुईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार 9 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। हालांकि, ताजा अपडेट में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 और घायलों की संख्या 25 पहुंच गई है। इस घटना ने राजधानी में सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है और सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच तेज कर दी गई है।

धमाके के बाद अफरा-तफरी का माहौल

घटना के तुरंत बाद आसपास का क्षेत्र भगदड़ और अफरा-तफरी का दृश्य बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद आग की लपटें चारों तरफ फैल गईं। कई गाड़ियां जलकर खाक हो गईं और सड़क पर लोग चीख-पुकार कर मदद मांग रहे थे। घायलों में अंकुश शर्मा (28) और राहुल कौशिक (20) भी शामिल हैं। दोनों लोग गौरी शंकर मंदिर से लौट रहे थे। धमाके में अंकुश का लगभग 80 प्रतिशत शरीर जल गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि यह धमाका एक 'फिदायीन' (आत्मघाती) हमला हो सकता है। जांच के दौरान पता चला कि संदिग्ध ने फरीदाबाद मॉड्यूल के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद यह आत्मघाती हमला करने की योजना बनाई थी। पुलिस और खुफिया एजेंसियां धमाके के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए हर पहलू पर काम कर रही हैं।

पूरे शहर में हाई अलर्ट

कार धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। राजधानी के सभी रेलवे स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और डॉग स्क्वॉड को प्रमुख स्टेशनों पर तैनात किया गया है। कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यात्रियों की जांच और गश्त भी बढ़ा दी गई है।

प्रारंभिक जांच में विस्फोटक का खुलासा

जांच में पता चला कि धमाका अत्यधिक विस्फोटक (high explosive) पदार्थ से किया गया था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पास की कई गाड़ियां नष्ट हो गईं और इमारतों की खिड़कियां तक टूट गईं। फॉरेंसिक टीम मलबे के सैंपल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमाके में किस प्रकार का explosives इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) और Explosives Act के तहत मामला दर्ज किया है।

सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध किसी आदेश या सिग्नल का इंतजार कर रहा था ताकि धमाका अंजाम दिया जा सके। यह साफ संकेत देता है कि यह हमला पूर्व नियोजित और संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा था। पुलिस और खुफिया एजेंसियां धमाके के पीछे के नेटवर्क और संभावित आतंकवादी मंशा का पता लगाने में लगी हुई हैं।

घायलों का इलाज जारी

घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों में अंकुश शर्मा जैसे मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल की टीम घायलों का इलाज कर रही है और उनकी निगरानी 24 घंटे की जा रही है। इस घटना ने राजधानी दिल्ली में सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका

घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, एनएसजी (National Security Guard), फॉरेंसिक टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं। टीम धमाके की जांच कर रही है और मलबे से सबूत जुटा रही है। UAPA के तहत मामला दर्ज होने से यह स्पष्ट हो गया है कि जांच आतंकवाद और गंभीर सुरक्षा उल्लंघन की दिशा में आगे बढ़ेगी।

नागरिकों के लिए एडवाइजरी

घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि लाल किला और आसपास के इलाकों में जाने से बचें। किसी भी संदिग्ध वस्तु को देखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। राजधानी में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे शहर में सतर्क हैं।

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