दिल्ली मेट्रो ने रचा नया कीर्तिमान, ईस्ट विनोद नगर स्टेशन को मिला राष्ट्रीय सम्मान

दिल्ली मेट्रो के ईस्ट विनोद नगर स्टेशन को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 मिला। ऊर्जा दक्षता, सोलर प्लांट और LED उपयोग से DMRC ने रचा नया रिकॉर्ड।

दिल्ली मेट्रो के ईस्ट विनोद नगर स्टेशन को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। ऊर्जा दक्षता, LED लाइट्स और सोलर प्लांट के जरिए स्टेशन ने बिजली खपत घटाकर नया मानक स्थापित किया।

New Delhi: दिल्ली मेट्रो ने एक बार फिर देश के सामने मिसाल पेश की है। पिंक लाइन के ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान मेट्रो स्टेशनों की श्रेणी में ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए दिया गया है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ दिल्ली मेट्रो की छवि को मजबूत किया है, बल्कि देश के अन्य शहरी परिवहन नेटवर्क के लिए भी एक आदर्श स्थापित किया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित समारोह के दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने राष्ट्रपति के कर-कमलों से यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस मौके पर ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

कैसे चुना गया ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन

विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) ने देश भर की मेट्रो रेल प्रणालियों से प्राप्त आवेदनों का विस्तृत और तकनीकी मूल्यांकन किया। इस प्रक्रिया में ऊर्जा खपत, ऊर्जा प्रदर्शन सूचकांक और संरक्षण उपायों के प्रभाव का गहन अध्ययन किया गया। इन सभी मानकों पर खरा उतरते हुए ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली यूनिट के रूप में चुना गया।

ऊर्जा खपत में लगातार आई कमी

ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में अपनी बिजली खपत में उल्लेखनीय और लगातार कमी दर्ज की है। स्टेशन पर किलोवाट आधारित कुल ऊर्जा उपयोग और Energy Performance Index में सुधार देखने को मिला है। इसके पीछे मुख्य कारण उपकरणों की नियमित निगरानी और योजनाबद्ध ऊर्जा संरक्षण उपाय रहे हैं।

LED लाइट्स से बदली तस्वीर

ऊर्जा बचत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए स्टेशन पर मौजूद पारंपरिक ट्यूब लाइट्स को बदला गया। 2X28 वाट की 405 पुरानी ट्यूब लाइट फिक्स्चर को 2X14 वाट की LED ट्यूब लाइट्स से बदला गया। इस बदलाव से न केवल बिजली की खपत घटी, बल्कि रोशनी की गुणवत्ता भी बेहतर हुई। यह कदम ऊर्जा दक्षता की दिशा में एक व्यावहारिक और प्रभावी उदाहरण माना जा रहा है।

रूफटॉप सोलर प्लांट बना बड़ी ताकत

ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन पर 150 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किया गया है। यह सोलर प्लांट स्टेशन की कुल ऊर्जा आवश्यकता का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा पूरा करता है। इसके चलते ग्रिड से ली जाने वाली बिजली पर निर्भरता काफी कम हो गई है। सौर ऊर्जा के इस उपयोग ने स्टेशन को पर्यावरण के अनुकूल और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

IGBC से मिली प्लेटिनम रेटिंग

स्थिरता और पर्यावरणीय प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्टेशन को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल से प्लेटिनम रेटिंग भी मिली है। यह प्रमाणन दर्शाता है कि स्टेशन का डिज़ाइन, संचालन और रखरखाव पर्यावरण संरक्षण के उच्च मानकों पर खरा उतरता है। यह उपलब्धि दिल्ली मेट्रो की दीर्घकालिक हरित नीति को भी मजबूती देती है।

DMRC की हरित सोच को मिली पहचान

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार यह साबित करता है कि दिल्ली मेट्रो केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी उतनी ही प्राथमिकता देती है। ऊर्जा खपत कम करना, नवीन तकनीकों को अपनाना और सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों का उपयोग DMRC की नीति का अहम हिस्सा है।

शहरी परिवहन के लिए बना मॉडल

ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन की यह सफलता देश के अन्य मेट्रो नेटवर्क और शहरी परिवहन प्रणालियों के लिए एक मॉडल बन सकती है। बढ़ते शहरीकरण के बीच ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में दिल्ली मेट्रो का यह प्रयास आने वाले समय में कई नई पहल को प्रेरित कर सकता है।

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