दिशा सालियान की मौत के मामले में उनके पिता के वकील नीलेश ओझा ने नए सबूत सामने आने का दावा किया है। उन्होंने सचिन वाजे की बहाली पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए और कहा कि जानकारी सीबीआई को सौंप दी गई है।
बॉलीवुड: दिशा सालियान की मौत के मामले में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है कि मामले से जुड़े कुछ नए सबूत सामने आए हैं और इनसे उनके पहले उठाए गए सवालों की पुष्टि हो रही है। वकील के मुताबिक, गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की सेवा में बहाली और क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में उनकी नियुक्ति से जुड़ी जानकारी सामने आई है। नीलेश ओझा ने दावा किया कि 3 अक्टूबर को मामले से संबंधित जानकारी और सबूत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिए गए हैं।
दिशा सालियान की मौत 9 जून 2020 को तड़के करीब 2:25 बजे मुंबई की एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया था और जांच में किसी तरह की गड़बड़ी का सबूत नहीं मिलने की बात कही गई थी। राज्य सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने भी दिशा की मौत की जांच की थी और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसे भी मामले में किसी गड़बड़ी का संकेत नहीं मिला था। हालांकि, अब दिशा के पिता के वकील की ओर से नए दस्तावेज और दावे सामने रखे जाने के बाद मामला फिर चर्चा में है। दिशा सालियान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं और दोनों की मौत कुछ दिनों के अंतराल में हुई थी।
वकील नीलेश ओझा ने क्या दावा किया?
3 अक्टूबर को दिशा सालियान की मौत के मामले पर बात करते हुए वकील नीलेश ओझा ने कहा कि उन्होंने पहले जो बिंदु उठाए थे, उनकी पुष्टि अब सामने आ रहे अतिरिक्त सबूतों से हो रही है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, ओझा ने दावा किया कि गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट से मामले में नए सवाल सामने आए हैं। दिशा के पिता की ओर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मामले में उनके द्वारा उठाए गए सवालों को अब नए सबूतों से समर्थन मिल रहा है। वकील ने दावा किया कि रिपोर्ट में सचिन वाजे की सेवा में बहाली और उसके बाद क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट में उनकी नियुक्ति से संबंधित जानकारी दर्ज है। ओझा के अनुसार, यह जानकारी मामले की परिस्थितियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है और इसी से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य जानकारी 3 अक्टूबर को सीबीआई को सौंप दी गई है।
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में सचिन वाजे की बहाली का जिक्र
वकील नीलेश ओझा ने एएनआई को बताया कि उन्हें गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में सबूत का एक नया हिस्सा मिला है। उनके मुताबिक, इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 5 जून 2020 को सचिन वाजे को तत्काल प्रभाव से सेवा में बहाल किया गया और इसके बाद उन्हें क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में नियुक्त किया गया। वकील ने इसी जानकारी को दिशा सालियान केस में महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, रिपोर्ट में दर्ज जानकारी से यह सवाल उठता है कि उस समय वाजे की बहाली किस प्रक्रिया के तहत हुई और उनकी नियुक्ति के लिए किन नियमों का पालन किया गया था। हालांकि, रिपोर्ट में मौजूद जानकारी और दिशा सालियान की मौत के बीच संबंध को लेकर वकील ने जो दावे किए हैं, उनकी पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।

सचिन वाजे की नियुक्ति को लेकर नियम उल्लंघन का आरोप
नीलेश ओझा ने सचिन वाजे की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट में नियुक्ति को लेकर नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है। वकील के अनुसार, CIU में पुलिस इंस्पेक्टर (PI) रैंक के अधिकारी की आवश्यकता थी, जबकि उनके दावे के मुताबिक सचिन वाजे उस निर्धारित रैंक के अधिकारी नहीं थे। ओझा ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उन्हें CIU में नियुक्त किया गया। वकील का दावा है कि यह नियुक्ति नियमों के विपरीत हुई और उनकी तत्काल बहाली तथा नियुक्ति के पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित साजिश में दिशा सालियान की हत्या, इसके बाद कथित तौर पर मामले को छिपाने की कोशिश, जबरन वसूली, ड्रग्स के कारोबार और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियां शामिल थीं। ये सभी दावे वकील की ओर से लगाए गए आरोप हैं और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन्हें सिद्ध तथ्य के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
3 अक्टूबर को सीबीआई को सौंपे गए दस्तावेज
वकील नीलेश ओझा ने बताया कि दिशा सालियान मामले से संबंधित जानकारी और सबूत 3 अक्टूबर को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपे गए हैं। उनका कहना है कि गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में सचिन वाजे की बहाली और CIU में उनकी नियुक्ति से जुड़ी जानकारी मौजूद है। वकील ने दावा किया कि यह जानकारी उन सवालों से जुड़ी है जिन्हें उन्होंने पहले भी उठाया था। अब सीबीआई के पास दस्तावेज पहुंचने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसी इन दावों और दस्तावेजों का किस तरह मूल्यांकन करती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में सीबीआई की ओर से इन नए दावों पर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
दिशा सालियान की मौत पर पहले क्या हुई थी जांच?
दिशा सालियान की मौत 9 जून 2020 को तड़के करीब 2:25 बजे हुई थी। वह एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिर गई थीं। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद उनकी मौत को आत्महत्या बताया था। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी का सबूत नहीं मिला था। बाद में राज्य सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने भी मामले की जांच की थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस जांच में भी दिशा की मौत में किसी तरह की गड़बड़ी का संकेत नहीं मिला था। यही वजह है कि अब वकील की ओर से सामने रखे गए नए दावों को पहले की जांच के निष्कर्षों के संदर्भ में देखा जा रहा है। अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि सीबीआई को सौंपे गए दस्तावेज और कथित नए सबूत जांच को किस दिशा में ले जाते हैं।
सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा था नाम
दिशा सालियान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। दोनों की मौत कुछ दिनों के अंतराल में हुई थी। इसी वजह से दिशा सालियान की मौत का मामला लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा में बना रहा है। हालांकि, दिशा की मौत को लेकर पुलिस और राज्य सरकार की विशेष जांच में किसी गड़बड़ी का सबूत नहीं मिलने की बात सामने आ चुकी है। अब उनके पिता के वकील नीलेश ओझा ने गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट और सचिन वाजे की बहाली से संबंधित जानकारी को मामले में नया महत्वपूर्ण बिंदु बताया है।
फिलहाल मामले में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह है कि दिशा सालियान के पिता की ओर से वकील नीलेश ओझा ने नए दस्तावेज और सबूत सीबीआई को सौंपे हैं। वकील ने दावा किया है कि इनसे उनके पहले उठाए गए सवालों की पुष्टि हो रही है। वहीं, दिशा की मौत को लेकर पहले की पुलिस जांच और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच में आत्महत्या का निष्कर्ष सामने आया था और किसी गड़बड़ी का सबूत नहीं मिलने की बात कही गई थी। अब आगे की तस्वीर सीबीआई द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों और दावों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।











