तेलुगु सिनेमा की नई फिल्म ‘डकैत’ (Dacoit) एक क्लासिक बदले की कहानी पर आधारित है, जिसमें प्यार, धोखा, जेल, और 13 साल बाद लौटे प्रतिशोध की आग को दिखाया गया है। फिल्म में अदिवी शेष (Adivi Sesh) और मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यह फिल्म एक पारंपरिक लेकिन भावनात्मक मसाला एंटरटेनर के रूप में पेश की गई है।
- फिल्म रिव्यू: डकैत
- स्टार रेटिंग: 3/5
- पर्दे पर: 10/04/2026
- डायरेक्टर: शेनिल देव
- शैली: रोमांटिक एक्शन ड्रामा
एंटरटेनमेंट न्यूज़: Dacoit एक ऐसे क्लासिक सिनेमाई फॉर्मूले पर आधारित लगती है जिसमें प्रेम, बिछड़ाव, बदला और लंबे समय बाद मुलाकात जैसे भावनात्मक तत्व शामिल हैं। Adivi Sesh और Mrunal Thakur की यह फिल्म शुरुआत में एक प्रेम कहानी की तरह आगे बढ़ती है, लेकिन धीरे-धीरे यह बदले और संघर्ष की एक तीव्र कहानी में बदल जाती है।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका इमोशनल बेस और टाइम-गैप नैरेटिव है, जहां 13 साल का अंतर पात्रों के रिश्तों और उनके व्यक्तित्व को पूरी तरह बदल देता है। यह वही टेम्पलेट है जो भारतीय सिनेमा में पहले भी कई बार सफल हो चुका है, लेकिन यहां इसे एक्शन और ड्रामा के साथ आधुनिक टच देने की कोशिश की गई है।
कहानी: प्यार से शुरू होकर बदले तक का सफर
‘डकैत’ (Dacoit) की कहानी हरि (अदिवी शेष) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक मासूम और भावुक युवक है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है जब उसकी मुलाकात सरस्वती (मृणाल ठाकुर) से होती है। दोनों के बीच एक गहरा रिश्ता बनता है, जो बिना शर्त प्यार और भरोसे पर आधारित है। लेकिन एक अचानक हुई घटना उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देती है। हरि को जेल जाना पड़ता है, और जिस इंसान पर उसे सबसे ज्यादा भरोसा था, वही उसके खिलाफ खड़ा हो जाता है। यहीं से कहानी एक दर्दनाक मोड़ लेती है और प्रतिशोध की आग भड़क उठती है।
13 साल बाद जेल से बाहर आने के बाद हरि अब वही शांत इंसान नहीं रहता। वह बदले की भावना से भर जाता है, लेकिन परिस्थितियां उसे एक और जटिल रास्ते पर ले जाती हैं, जहां प्यार, परिवार और बदला सब आपस में टकराते हैं।
अभिनय: कलाकारों ने बचाई फिल्म की पकड़
अदिवी शेष (Adivi Sesh) ने अपने किरदार में दमदार स्क्रीन प्रेजेंस दिखाई है। उनका “रॉ और रिबेल” अवतार फिल्म को मजबूती देता है और कई जगहों पर वह कहानी को अकेले ही आगे बढ़ाते नजर आते हैं। मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) का किरदार भी इस फिल्म में काफी महत्वपूर्ण है। उन्हें सिर्फ सहायक भूमिका नहीं, बल्कि बराबरी का स्क्रीन स्पेस मिला है, जिसे उन्होंने प्रभावशाली तरीके से निभाया है।
अनुराग कश्यप और प्रकाश राज जैसे अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को मजबूती देती है, हालांकि उनके किरदारों को पूरी तरह विकसित नहीं किया गया, जिससे उनकी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाता।
निर्देशन और कहानी कहने की शैली

निर्देशक शेनिल देव ने फिल्म को एक तेज रफ्तार मसाला एंटरटेनर के रूप में पेश किया है। शुरुआती हिस्से और क्लाइमेक्स में फिल्म मजबूत पकड़ बनाती है, लेकिन बीच के हिस्सों में कहानी थोड़ी कमजोर पड़ जाती है। फिल्म का टोन एक्शन, इमोशन और ड्रामा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है, लेकिन हर जगह यह संतुलन पूरी तरह सफल नहीं हो पाता। कुछ दृश्य अनावश्यक रूप से लंबे लगते हैं, जिससे कहानी की गति प्रभावित होती है।
‘डकैत’ (Dacoit) एक कमर्शियल मसाला फिल्म है, जो दर्शकों को बिना ज्यादा दिमाग लगाए मनोरंजन देने पर केंद्रित है। इसके प्रमुख सकारात्मक पहलू:
- अदिवी शेष का दमदार अभिनय
- मृणाल ठाकुर की मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस
- क्लाइमेक्स में शानदार ऊर्जा और इमोशनल पावर
- पारंपरिक बदला-आधारित कहानी का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण
खासतौर पर फिल्म का अंतिम हिस्सा दर्शकों पर सबसे ज्यादा असर छोड़ता है। फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी पटकथा में असमानता है। कुछ हिस्से बहुत प्रभावशाली हैं, जबकि कुछ जगह कहानी धीमी और खिंची हुई लगती है।
क्लाइमेक्स: फिल्म की असली ताकत
फिल्म का आखिरी हिस्सा इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। अंतिम 15 मिनट में कहानी जिस तरह से गति पकड़ती है, वह दर्शकों को एक संतोषजनक अनुभव देती है। इमोशन और एक्शन का मिश्रण क्लाइमेक्स को प्रभावशाली बनाता है और यही वजह है कि कमजोर हिस्सों के बावजूद फिल्म अंत तक दर्शकों को जोड़कर रखती है।
अंतिम फैसला: क्या देखें या नहीं?
‘डकैत’ (Dacoit) एक क्लासिक मसाला एंटरटेनर है, जो लॉजिक से ज्यादा मनोरंजन पर ध्यान देती है। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए है जो सिनेमाघर में भारी-भरकम इमोशन और एक्शन का आनंद लेना चाहते हैं। अगर आप गहरी और यथार्थवादी कहानी की तलाश में हैं, तो यह फिल्म आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं करेगी। लेकिन अगर आपका उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन है, तो यह फिल्म एक बार देखने लायक जरूर है।










